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ओलंपिक पदक विजेता विजेंद्र ने UGC के नियमों पर उठाई आवाज: शिक्षा समान अवसर का माध्यम है, जातिगत विभाजन का नहीं
Wed, 28 Jan 2026 12:43 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:43 PM IST
सार
यूजीसी का नया नियम 13 जनवरी 2026 को नोटिफाई किए गए थे, जो 2012 के पुराने नियमों की जगह लेते हैं। इनमें उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए 'इक्विटी कमेटी', 'इक्विटी स्क्वॉड', हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग सिस्टम बनाने का प्रावधान है।
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ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह
- फोटो : संवाद
विस्तार
ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यूजीसी के नए 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026' पर तीखा विरोध जताया है। विजेंद्र ने लिखा है कि शिक्षा समान अवसर प्रदान करने का माध्यम है, न कि जातिगत विभाजन का।
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उन्होंने यूजीसी से इस फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की अपील की है। विजेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा कि यूजीसी का छात्रों को वर्गों में बाँटने वाला यह निर्णय देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है। कक्षा में बैठा युवा ही देश का भविष्य है, कृपया इसे जातिगत वर्गीकरण में मत बांटिए। शिक्षा का उद्देश्य अवसर देना है; यूजीसी से निवेदन है कि इस फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस लें।
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यह यूजीसी नियम 13 जनवरी 2026 को नोटिफाई किए गए थे, जो 2012 के पुराने नियमों की जगह लेते हैं। इनमें उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए 'इक्विटी कमेटी', 'इक्विटी स्क्वॉड', हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग सिस्टम बनाने का प्रावधान है। नियमों में 'कास्ट-बेस्ड डिस्क्रिमिनेशन' को SC/ST/OBC के खिलाफ परिभाषित किया गया है, जिसे कई लोग 'जनरल कैटेगरी' छात्रों के लिए असुरक्षा पैदा करने वाला और विभाजनकारी मान रहे हैं। जिसका लगातार लोग विरोध कर रहे हैं।
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