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आदेश सिर्फ बैठकों तक, धरातल पर कृषि मंत्री के आवास के पास भी सड़क का निर्माण अधूरा
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कृषिमंत्री आवास के पास अधूरी छोड़ी गई सड़क से गुजरते वाहन। संवाद
- फोटो : Bhiwani
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संजय वर्मा
भिवानी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारी हों या नगर परिषद के अधिकारी। उपायुक्त के आदेशों को कितनी गंभीरता से लेते है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो बार निर्देश देने के बावजूद अब तक सेक्टर की सड़कों की हालत सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। यहां तक कि कृषि मंत्री जेपी दलाल के आवास के पास ही सड़क निर्माण अधूरा छोड़ा हुआ है।
दो साल पहले बनाई सड़कों में अब बडे़-बडे़ गड्ढे हैं, जो घातक साबित हो सकते हैं। सेक्टर वासियों ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी दो बार यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद कुछ सड़कों के निर्माण के टेंडर भी हुए मगर निर्माण अब तक भी शुरू नहीं हुआ।
हमारे संवाददाता ने सेक्टर 13 के हालात जाने। सड़कों में गहरे गड्ढे हो गए हैं। सेक्टर 13 में कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल का भी आवास हैं, मगर उनके आवास की तरफ जाने वाला मुख्य रास्ता भी आधा अधूरा बनाकर छोड़ दिया है। बारिश के बाद उस हिस्से की हालत भी काफी खराब है।
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हुडा सेक्टर में सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी एचएसवीपी व नगर परिषद के दायरे में आती है। मगर दोनों ही विभागों के अधिकारी सड़क निर्माण के पैमानों पर ध्यान देने की बजाय बजट पर ही लीपापोती में विश्वास रखते हैं। इसी का नतीजा है कि कुछ अर्से पहले बनी सड़कें भी पानी की निकासी नहीं होने की वजह से टूट गईं। सेक्टर 13 की मुख्य सड़क मार्केट के सामने से टूटकर बिखर चुकी हैं, यहां पर करीब 100 मीटर दायरे में तो सड़क ही गायब हो गई है। इसी के साथ पानी निकासी के चैनल भी यहां ढूंढे नहीं मिल रहे, जिन्हें कब्जाधारियों ने या तो निर्माण के नीचे दबा दिया है या फिर मिट्टी के काफी नीचे दब गए हैं।
भगत सिंह चौक से सिटी स्टेशन तक की सड़क बदहाल
शहर के भगत सिंह चौक से सिटी स्टेशन तक की करीब एक किलोमीटर सड़क की हालत पैदल चलने लायक भी नहीं बची है। इस सड़क के निर्माण को लेकर डीसी व कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्य सचिव भी निर्देश दे चुके हैं। मगर विभाग अधिकारियों के आगे इन आदेशों का भी कोई असर नजर नहीं आ रहा है। अभी सिर्फ टेंडर प्रक्रिया ही शुरू हुई है।
सड़क की गारंटी भी खत्म
एचएसवीपी और नगर परिषद की हद में आने वाली सड़कों का 2019 में निर्माण हुआ। मगर सड़कों पर बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की। जिस कारण टूट कर बिखर गई। ठेकेदार ने एक-दो बार पैच वर्क किया। मगर अब गारंटी समय खत्म हो गया तो अधिकारियों के सामने भी कोई विकल्प नहीं है। अब नए सिरे से सड़क निर्माण पर विचार चल रहा है।
अब तक तीन बार बैठक कर चुके डीसी
सेक्टर 13 व 23 की मुख्य सड़कों के निर्माण को लेकर अब तक डीसी तीन बार संबंधित अधिकारियों की बैठक ले चुके हैं। भगत सिंह चौक से सिटी स्टेशन रोड निर्माण के लिए करीब 97 लाख का बजट भी मंजूर हो चुका है, लेकिन अधिकारी अब तक काम शुरू नहीं करा रहे हैं। डीसी भी शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को जल्द काम शुरू कराने के सख्त आदेश दे चुके हैं। गत 24 जुलाई को भी अधिकारियों की बैठक में डीसी ने सख्त आदेश दिए थे।
लापरवाह अधिकारियों से करेंगे जवाबतलब
सेक्टर 13 व 23 की मुख्य सड़कों के निर्माण को लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाबतलब किया जाएगा और उन पर कार्रवाई की जाएगी। शहर के सरकुलर रोड को भी मॉडल रोड बनाया जाएगा। जिसके लिए जल्द ही अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
-जयबीर सिंह आर्य, उपायुक्त भिवानी।
अधिकारी फोन भी नहीं उठाते
सेक्टर की खस्ताहाल सड़कों व पानी निकासी के प्रबंध नहीं होने के मामले में एचएसवीपी के प्रशासक से चंडीगढ़ में भी मिल चुके हैं। प्रशासक ने खुद भिवानी आकर हालातों का जायजा लेने का आश्वासन दिया है। दो बार कष्ट निवारण समिति की बैठक में मामला उठ चुका है। अधिकारी समस्या का समाधान कराना तो दूर सेक्टर के लोगों के फोन तक नहीं उठाते हैं। अधिकारी सिर्फ बजट पर लीपापोती करने में लगे हैं, जबकि सेक्टर की हालत गांव से भी बदतर है।
- रामकिशन शर्मा, प्रधान दी रेजीडेंस वेलफेयर सोसायटी, सेक्टर 13 भिवानी।
ठेकेदार नहीं कर रहा काम
हुडा की मुख्य सड़क का निर्माण 2019 में कराया था। सड़क की तीन साल तक गारंटी एजेंसी की है। निर्माण एजेंसी को दो बार नोटिस दिया जा चुका हैं, मगर ठेकेदार काम नहीं कर रहा है। उसे फाइनल नोटिस देने का तकनीकी ब्रांच को निर्देश दिया है। जिसके बाद उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त कर उसी राशि से फिर टेंडर कराकर सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।
-रण सिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद भिवानी।
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भिवानी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारी हों या नगर परिषद के अधिकारी। उपायुक्त के आदेशों को कितनी गंभीरता से लेते है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो बार निर्देश देने के बावजूद अब तक सेक्टर की सड़कों की हालत सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। यहां तक कि कृषि मंत्री जेपी दलाल के आवास के पास ही सड़क निर्माण अधूरा छोड़ा हुआ है।
दो साल पहले बनाई सड़कों में अब बडे़-बडे़ गड्ढे हैं, जो घातक साबित हो सकते हैं। सेक्टर वासियों ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी दो बार यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद कुछ सड़कों के निर्माण के टेंडर भी हुए मगर निर्माण अब तक भी शुरू नहीं हुआ।
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हमारे संवाददाता ने सेक्टर 13 के हालात जाने। सड़कों में गहरे गड्ढे हो गए हैं। सेक्टर 13 में कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल का भी आवास हैं, मगर उनके आवास की तरफ जाने वाला मुख्य रास्ता भी आधा अधूरा बनाकर छोड़ दिया है। बारिश के बाद उस हिस्से की हालत भी काफी खराब है।
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हुडा सेक्टर में सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी एचएसवीपी व नगर परिषद के दायरे में आती है। मगर दोनों ही विभागों के अधिकारी सड़क निर्माण के पैमानों पर ध्यान देने की बजाय बजट पर ही लीपापोती में विश्वास रखते हैं। इसी का नतीजा है कि कुछ अर्से पहले बनी सड़कें भी पानी की निकासी नहीं होने की वजह से टूट गईं। सेक्टर 13 की मुख्य सड़क मार्केट के सामने से टूटकर बिखर चुकी हैं, यहां पर करीब 100 मीटर दायरे में तो सड़क ही गायब हो गई है। इसी के साथ पानी निकासी के चैनल भी यहां ढूंढे नहीं मिल रहे, जिन्हें कब्जाधारियों ने या तो निर्माण के नीचे दबा दिया है या फिर मिट्टी के काफी नीचे दब गए हैं।
भगत सिंह चौक से सिटी स्टेशन तक की सड़क बदहाल
शहर के भगत सिंह चौक से सिटी स्टेशन तक की करीब एक किलोमीटर सड़क की हालत पैदल चलने लायक भी नहीं बची है। इस सड़क के निर्माण को लेकर डीसी व कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्य सचिव भी निर्देश दे चुके हैं। मगर विभाग अधिकारियों के आगे इन आदेशों का भी कोई असर नजर नहीं आ रहा है। अभी सिर्फ टेंडर प्रक्रिया ही शुरू हुई है।
सड़क की गारंटी भी खत्म
एचएसवीपी और नगर परिषद की हद में आने वाली सड़कों का 2019 में निर्माण हुआ। मगर सड़कों पर बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की। जिस कारण टूट कर बिखर गई। ठेकेदार ने एक-दो बार पैच वर्क किया। मगर अब गारंटी समय खत्म हो गया तो अधिकारियों के सामने भी कोई विकल्प नहीं है। अब नए सिरे से सड़क निर्माण पर विचार चल रहा है।
अब तक तीन बार बैठक कर चुके डीसी
सेक्टर 13 व 23 की मुख्य सड़कों के निर्माण को लेकर अब तक डीसी तीन बार संबंधित अधिकारियों की बैठक ले चुके हैं। भगत सिंह चौक से सिटी स्टेशन रोड निर्माण के लिए करीब 97 लाख का बजट भी मंजूर हो चुका है, लेकिन अधिकारी अब तक काम शुरू नहीं करा रहे हैं। डीसी भी शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को जल्द काम शुरू कराने के सख्त आदेश दे चुके हैं। गत 24 जुलाई को भी अधिकारियों की बैठक में डीसी ने सख्त आदेश दिए थे।
लापरवाह अधिकारियों से करेंगे जवाबतलब
सेक्टर 13 व 23 की मुख्य सड़कों के निर्माण को लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाबतलब किया जाएगा और उन पर कार्रवाई की जाएगी। शहर के सरकुलर रोड को भी मॉडल रोड बनाया जाएगा। जिसके लिए जल्द ही अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
-जयबीर सिंह आर्य, उपायुक्त भिवानी।
अधिकारी फोन भी नहीं उठाते
सेक्टर की खस्ताहाल सड़कों व पानी निकासी के प्रबंध नहीं होने के मामले में एचएसवीपी के प्रशासक से चंडीगढ़ में भी मिल चुके हैं। प्रशासक ने खुद भिवानी आकर हालातों का जायजा लेने का आश्वासन दिया है। दो बार कष्ट निवारण समिति की बैठक में मामला उठ चुका है। अधिकारी समस्या का समाधान कराना तो दूर सेक्टर के लोगों के फोन तक नहीं उठाते हैं। अधिकारी सिर्फ बजट पर लीपापोती करने में लगे हैं, जबकि सेक्टर की हालत गांव से भी बदतर है।
- रामकिशन शर्मा, प्रधान दी रेजीडेंस वेलफेयर सोसायटी, सेक्टर 13 भिवानी।
ठेकेदार नहीं कर रहा काम
हुडा की मुख्य सड़क का निर्माण 2019 में कराया था। सड़क की तीन साल तक गारंटी एजेंसी की है। निर्माण एजेंसी को दो बार नोटिस दिया जा चुका हैं, मगर ठेकेदार काम नहीं कर रहा है। उसे फाइनल नोटिस देने का तकनीकी ब्रांच को निर्देश दिया है। जिसके बाद उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त कर उसी राशि से फिर टेंडर कराकर सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।
-रण सिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद भिवानी।