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समस्या का नहीं हुआ समाधान तो क्लास छोड़ हड़ताल पर बैठीं नर्सिंग स्टूडेंट्स

Fri, 14 Feb 2020 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 12:09 AM IST
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nurshing students, protest, hostel
सामान्य अस्पताल परिसर में धरने पर बैठी नर्सिंग छात्राएं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए । सं? - फोटो : Bhiwani
नर्सिंग हॉस्टल में मलबा गिरने से छात्राओं के घायल होने और छात्राओं के विरोध प्रदर्शन के 24 घंटे बाद भी न कोई समाधान हुआ और न ही समाधान की दिशा में कोई कदम उठा। इससे खफा छात्राएं वीरवार को क्लास और ट्रेनिंग छोड़ हड़ताल पर उतर आई और अस्पताल परिसर में धरना देकर रोष जताया।
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वहीं छात्राओं के समर्थन में विभिन्न संगठन भी उतर आए हैं। छात्राओं के हड़ताल करने से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई क्योंकि वार्डों, इमरजेंसी में स्टाफ नर्सों का सहयोग ये नर्सिंग स्टूडेंट्स ही करती है। छात्राएं सिविल सर्जन से भी मिलने पहुंची मगर जवाब वहीं मिला कि आप हमारे अंडर में नहीं है। छात्राओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता और उन्हें कोई सुरक्षित जगह रहने को नहीं मिलती तब तक वे धरना देंगी। शाम के समय छात्राएं दोबारा से उपायुक्त से मिलने भी पहुंची और उन्हें अपनी समस्याएं बताई।
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उल्लेखनीय है कि सामान्य अस्पताल परिसर में बने नर्सिंग छात्रावास में छत का मलबा गिरने से तीन छात्राएं घायल हो गई थी। पिछले चार दिन लगातार मलबा गिरा। जिस कारण छात्राएं डर के साये में है। बुधवार को सिविल सर्जन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी के समक्ष समस्या रखने के अलावा छात्राओं ने शहर में प्रदर्शन भी किया था और उपायुक्त के समक्ष भी अपनी समस्या रखी थी। बावजूद इसके अब तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
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बिगड़ी स्वास्थ्य सेवाएं : नर्सिंग स्टूडेंट्स के हड़ताल पर जाने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई। दरअसल सामान्य अस्पताल में स्टाफ की कमी है। एक-एक नर्स को दो-दो वार्डों की जिम्मेदारी दी गई है। स्टाफ नर्सों की ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगती है जबकि यहां मरीजों की संख्या काफी अधिक रहती है। ऐसे में अधिकतर कार्य इंजेक्शन लगाना, ग्लुकोज चढ़ाना, इमरजेंसी में मरहम पट्टी आदि का कार्य ये नर्सिंग स्टूूडेंट्स ही करती है।
बिल्डिंग शिफ्ट करने के लिए जाना होगा डीजीएमईआर विभाग
छात्राएं लंबे समय से डर के साये में रह रही है। पिछले चार दिन से लगाकर छत का मलबा गिरने से उनमें ज्यादा खौफ हो गया है। सीएमओ ने कहा कि नर्सिंग छात्रावास मेरे अंडर नहीं आता। नर्सिंग विभाग अब डीजीएमईआर के अंडर कर दिया गया है। जिसके लिए नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल सोमवार को डीजीएमईआर कार्यालय चंडीगढ़ जाएगी। जहां से लिखित में बिल्डिंग शिफ्ट करने के आदेश लेकर आएंगी, उसके बाद ही बिल्डिंग को शिफ्ट किया जाएगा।

सूचना मिलते ही नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल से बातचीत की थी। नर्सिंग कॉलेज अब हमारे अंडर में नहीं आता। इसके लिए डीजीएमईआर से बात करनी होगी। उसके लिए नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल चंडीगढ़ जाएगी। उसके बाद लिखित में जो भी जवाब आएगा उसके अनुरूप ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. जितेंद्र कादियान, सीएमओ
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