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Bhiwani News: अब दो दिन और करना पड़ेगा नहरी पानी का इंतजार, 26 फरवरी की शाम तक आएगा नहरों में पानी

Mon, 24 Feb 2025 09:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 24 Feb 2025 09:41 PM IST
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Now we will have to wait for two more days for canal water, water will come in the canals by the evening of 26 February
महम रोड पर ​स्थित जलघर का टैंक। 
भिवानी। अब नहरी पानी का इंतजार दो दिन और बढ़ गया है। क्योंकि सिंचाई विभाग ने भालोठ ग्रुप में दो दिन अतिरिक्त पानी पानी मुहैया करा दिया है। इसकी वजह से अब 24 के बजाय 26 फरवरी की शाम तक सुंदर सिस्टम की नहरों में पानी मिलेगा।
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पुराने शहर के लोगों को अब तीन से चार दिन और पानी की राशनिंग झेलनी पड़ेगी। मौसम बदलाव के साथ ही शहर की बाहरी कॉलोनियों में जलसंकट गहराने लगा है। यहां पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पेयजल लाइनें भी नहीं है न ही पानी के टैंकरों की आपूर्ति हो रही है। प्राइवेट पानी के टैंकरों के सहारे ही यहां के लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
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शहरी दायरे के आसपास काफी अनधिकृत कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। इनके अंदर डेढ़ दशक बाद भी पानी की लाइनें नहीं डाली गई हैं। इन कॉलोनियों में करीब 45 हजार लोगों की आबादी भी रह रही है, लेकिन पेयजल जरूरतों को पूरा करने के नाम पर सिर्फ पानी के टैंकर ही हैं, क्योंकि भूमिगत पानी पीने लायक नहीं बचा है।
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हालांकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भी रोजाना 25 से 30 पानी के टैंकरों की आपूर्ति ऐसे इलाकों में करा रहा है, जहां पेयजल लाइनें नहीं हैं। बावजूद इनकी पानी की रोजमर्रा के कार्यों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। गर्मी में तो पानी की सौ से अधिक टैंकरों की डिमांड बढ़ जाती है। पुराने शहर में भी एक दिन छोड़ एक दिन पानी की राशनिंग चल रही है।
सिंचाई विभाग के शेड्यूल के हिसाब से 24 फरवरी को नहरी पानी आना था, लेकिन भालोठ ग्रुप में दो दिन और अतिरिक्त पानी दिए जाने की वजह से अब 26 फरवरी की शाम तक सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी आएगा। ऐसे में पानी की किल्लत अब शहरवासियों को इस सप्ताह भी झेलनी पड़ेगी।
डीसी ने की पेयजल को लेकर समीक्षा बैठक
डीसी ने सोमवार को पेयजल आपूर्ति को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान डीसी ने अधिकारियों को पेयजल का उचित प्रबंध करने के निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिक को पेयजल को लेकर कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि पेयजल के उचित प्रबंधन के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि पंप हाउस पर एडवांस मोटर रखें ताकि खराब होने की स्थिति में तुरंत बदला जा सके। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मित्ताथल हेड पर निर्बाध गति से बिजली आपूर्ति की जाए। इसके साथ ही उन्होंने नहर के अंदर ही पानी स्टोरेज करने के विकल्प पर भी कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे पानी को बर्बाद न करें। पेयजल आपूर्ति करने के लिए तीन वाटर वर्क्स बनाए गए हैं। उनकी क्षमता 211 करोड़ लीटर प्रतिदिन की है। उन्होंने बताया कि 24 दिन नहर बंद रहती है और 16 दिन नहर में पानी आता है।
2210 क्यूसेक पानी की डिमांड मुख्यालय को भेजी
सिंचाई विभाग अधिकारियों ने सुंदर सिस्टम की नहरों के लिए 2210 क्यूसेक पानी की डिमांड मुख्यालय को भेजी है। इसमें सुंदर डाउन के लिए 980 क्यूसेक, मित्ताथल फीडर के लिए 380 और जूई फीडर के लिए 850 क्यूसेक पानी की डिमांड दी है। यमुना में पानी का स्तर भी बेहद कम बना है। इसी वजह से भालोठ ग्रुप की नहरों में कम पानी की वजह से ही दो दिन एक्सटेंशन की है। अगर सुंदर ग्रुप में भी कम पानी पहुंचा तो यहां पर भी अतिरिक्त पानी की गुंजाइश बनी रहेगी।
बाहरी कॉलोनियों में पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है। इसलिए प्राइवेट पानी टैंकर मंगवाने पर ही हर माह ढाई से तीन हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। इतना पैसा पानी पर खर्च करने की वजह से घर चलाने का बजट भी बिगड़ जाता है। भूमिगत पानी पीने लायक नहीं है, इसमें कपड़े भी नहीं धो सकते हैं। विभाग भी पानी का टैंकर नहीं भेजता है।
- राजकुमार शहरवासी।
गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही शहर में जलसंकट पैर पसारने लगता है। शहर का दायरा तो बढ़ रहा है, लेकिन समुचित पेयजल व्यवस्था के संसाधनों पर बजट खर्च के बाद भी नियमित पानी की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। अधिकारी केवल दावे ही करते हैं, धरातल पर लोगों के घरों तक पीने और रोजमर्रा की जरूरतों का पानी भी नसीब नहीं हो रहा है।

-पवन सैनी शहरवासी।
नहरों में पानी अब दो दिन बाद आएगा। इस दौरान जलघर से पुराने शहर को राशनिंग से पानी की आपूर्ति मिलती रहेगी। शहर में पानी को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। नहर आने के बाद नियमित रूप से पानी की आपूर्ति लोगों को मिलना शुरू हो जाएगी।
-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा।
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