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Bhiwani News: अब मान्यता से अधिक कक्षाएं चलाने वाले निजी स्कूलों की खैर नहीं, अवैध शिक्षा अकादमियों पर होगी कार्रवाई

Fri, 05 Jan 2024 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 05 Jan 2024 11:38 PM IST
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Now there is no need for private schools running more classes than recognized, action will be taken against illegal education academies
भिवानी। अब निजी स्कूलों में स्थायी मान्यता से अधिक कक्षाओं का संचालन करने वाले निजी स्कूलों की खैर नहीं। इतना ही नहीं जिलेभर में चल रही अवैध शिक्षा अकादमियों पर भी अब कार्रवाई होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर सोमवार तक अपने खंड में चल रही अवैध शिक्षा अकादमियों से जुड़ी जानकारी देने के आदेश दिए हैं। वहीं अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में भी किस स्तर तक कक्षाएं लगाई जा रही हैं, इसकी जानकारी जुटाई है।
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वहीं स्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में भी अब मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित करने वाले निजी स्कूल नपेंगे, इसके लिए भी विभागीय अधिकारी स्कूलों के निरीक्षण कर जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं शीतकालीन अवकाश के दौरान स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने औचक निरीक्षण के दौरान तीन निजी स्कूल खुले मिले, जिन्हें पत्र जारी कर छुट्टियों के दौरान बंद रखने के आदेश दिए हैं।
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भिवानी जिले में 1174 स्कूल चल रहे हैं। इनमें 750 सरकारी स्कूल हैं और 424 निजी स्कूल हैं, जिनमें स्थायी और अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा जिलेभर में 70 से अधिक अवैध शिक्षा अकादमियों का भी संचालन किया जा रहा है। ये शिक्षा अकादमी बिना किसी मान्यता के स्कूली बच्चों को न केवल पढ़ा रही हैं, बल्कि बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने का भी दावा कर रही हैं। इन अवैध शिक्षा अकादमियों को बंद कराए जाने के शिक्षा विभाग के आदेश हैं। इसी तरह पांचवीं या आठवीं तक स्थायी मान्यता वाले निजी स्कूल भी दसवीं तक बच्चों को पढ़ा रहे हैं, हालांकि ये परीक्षाएं दूसरे स्कूलों से दिला रहे हैं।
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शिक्षा विभाग अब इस तरह का खेल भी बंद कराने की तैयारी में हैं। इतना ही नहीं जिले में चल रहे अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने भी अब तक शिक्षा विभाग को निर्धारित प्रफार्मा भरकर जमा नहीं कराया है। इस प्रफार्मा में विभाग को कई बिंदुओं पर बच्चों, शिक्षकों व स्कूल की मान्यता संबंधी तथ्यों की जानकारी शामिल हैं। ऐसे में इन अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर भी परीक्षा का संकट आ गया है। क्योंकि अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग ने अब मोहलत शर्तों के आधार पर दी है। इन शर्तों पर खरा उतरना भी अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए टेढ़ी खीर जैसा हो गया है।

शीतकालीन अवकाश में खुले मिले तीन निजी स्कूल, बच्चों की लग रही थीं कक्षाएं
शिक्षा विभाग ने एक से 15 जनवरी तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शीत कालीन अवकाश की घोषणा की हुई है, लेकिन इसके बावजूद कुछ स्कूल अब भी बच्चों की कक्षाएं लगा रहे हैं। इन्हीं शिकायतों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी नरेश महता ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तीन निजी स्कूल खुले पाए गए। इन स्कूलों को विभाग की तरफ से पत्र जारी कर तत्काल प्रभाव से शीतकालीन अवकाश तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। अगर इसके बावजूद भी इन स्कूलों में बच्चों की कक्षाएं लगाई जाती हैं तो फिर उनकी मान्यता रद्द करने संबंधी सिफारिश भी शिक्षा अधिकारी मुख्यालय भेजेंगे। शीतकालीन अवकाश के दौरान किसी भी तरह की कक्षाएं या फिर अतिरिक्त कक्षाएं नहीं लगाए जाने की सख्त हिदायतें हैं।

भिवानी जिले में चल रहे अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के निर्धारित प्रफार्मा सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजे हैं, जिन्हें भरवाया जाएगा। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि स्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में मान्यता से अधिक की कक्षाएं तो नहीं लगाई जा रही हैं, अगर लगाई जा रही हैं तो इसकी रिपोर्ट सोमवार तक भेजेंगे। प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन खंड में चल रही अवैध शिक्षा अकादमियों के संबंध में तत्काल सूचना दें।
-नरेश महता, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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