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Bhiwani News: अब नहर के अतिरिक्त पानी का फिर से होगा सदुपयोग, ओवरफ्लो पानी का होगा अलग से भंडारण
Thu, 16 Nov 2023 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:21 PM IST
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भिवानी।
अब नहर में अधिक पानी आने से ओवरफ्लो होने और किनारे टूटने से किसानों को खेतों में जलभराव की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। सिंचाई विभाग ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। इससे नहर के अतिरिक्त पानी का फिर से सदुपयोग होगा और ओवरफ्लो हुए पानी का अलग से भंडारण भी सिंचाई विभाग करेगा। इसके लिए जूई कैनाल पर एक रिजर्व वायर तैयार किया जाएगा। इसमें नहर का अतिरिक्त पानी भंडारण होगा और जरूरत पड़ने पर दोबारा इसे वापस नहर में डालकर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
कैरू खंड के बिजलानाबास में करीब दो करोड़ की अनुमानित लागत से दो एकड़ में स्पेशल तालाब बनाया जाएगा। जो जूई कैनाल सिस्टम से जुड़ा होगा। कहीं पर भी कैनाल में अतिरिक्त पानी आने से किनारे टूटने या फिर नहर टूटने का संकट आएगा तो इस रिजर्व वायर में अतिरिक्त पानी भंडारण किया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इसका मसौदा भी मुख्यालय भेज दिया है। जिसे मंजूरी मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
सिंचाई विभाग का जूई सिस्टम जिले के करीब 78 से अधिक गांवों से जुड़ा है। इसमें तोशाम और कैरू क्षेत्र के करीब 40 से अधिक गांव सीधे तौर पर जूई कैनाल सिस्टम से जुड़े हैं। इन गांवों में सिंचाई विभाग अब सूखे जोहड़ों की तलाश भी कर रहा है। इनमें काफी अर्से से पानी की व्यवस्था तक नहीं हुई है। सिंचाई विभाग इन सूखे जोहड़ों को सीधे जूई कैनाल सिस्टम से जोड़ देगा। इसके बाद इनके अंदर नहरी पानी मुहैया होगा और भूमिगत जलस्तर भी बढ़ेगा वहीं पशुओं के लिए भी पीने के पानी का प्रबंध होगा।
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कैरू खंड के गांव बिजलानावास में करीब दो एकड़ पंचायती भूमि को रिजर्व वायर के लिए चिह्नित किया गया है। जिस पर सिंचाई विभाग ने करीब दो करोड़ की अनुमानित लागत से तालाब बनाने का खाका तैयार किया है। इसे मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। इस तालाब को जूई कैनाल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। कैनाल में कभी भी अतिरिक्त पानी आने से या फिर पानी का अधिक दबाव होने की सूरत में नहर के किनारे टूटने या फिर पानी ओवरफ्लो होकर खेतों की तरफ जाने से रोका जा सकेगा।
अतिरिक्त पानी रिजर्व वायर के इस तालाब में पहुंचेगा। जहां उसका भंडारण बना रहेगा। किल्लत के दिनों में इस अतिरिक्त नहरी पानी का इस्तेमाल सिंचाई विभाग के अधिकारी जलघर टैंकों को भरने में भी कर सकेंगे। जूई कैनाल में उठान सिंचाई परियोजना के तहत पंपिंग कर नहरी पानी को काफी ऊंचाई तक टीलों पर लगने वाले इलाकों तक पहुंचाया जाता है। अधिकांश रेतीला इलाका है। इसमें भूमिगत जलस्तर भी काफी नीचे गया हुआ है। सिंचाई विभाग की इस मास्टर योजना से भूमिगत जलस्तर में इजाफा होगा वहीं किसानों की फसल जलभराव से नष्ट नहीं होगी और नहरी पानी को बर्बाद करने के बजाय उसका जरूरत पड़ने पर सदुपयोग भी संभव होगा। संवाद
सिंचाई विभाग जूई डिविजन के तहत आने वाले जूई कैनाल सिस्टम पर एक रिजर्व वायर तैयार कराया जाएगा। इसमें नहर के अतिरिक्त पानी का भंडारण होगा। जरूरत पड़ने पर दोबारा से उसे नहर में इस्तेमाल करना संभव होगा। रिजर्व वायर के लिए बिजलानाबास में दो एकड़ पंचायती भूमि चिह्नित हो चुकी है। इसके अलावा तोशाम और कैरू क्षेत्र के ऐसे गांवों के तालाब भी चिह्नित कर रहे हैं, जिनमें पानी की व्यवस्था नहीं है। उन्हें जूई सिस्टम में चैनल के जरिए जोड़ा जाएगा, ताकि भू अटल योजना के तहत इन गांवों में भूमिगत जलस्तर को ऊंचा उठाया जा सके और पशुओं के लिए भी पीने के पानी का प्रबंध हो सके।
- अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई सिस्टम वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग भिवानी।
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अब नहर में अधिक पानी आने से ओवरफ्लो होने और किनारे टूटने से किसानों को खेतों में जलभराव की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। सिंचाई विभाग ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। इससे नहर के अतिरिक्त पानी का फिर से सदुपयोग होगा और ओवरफ्लो हुए पानी का अलग से भंडारण भी सिंचाई विभाग करेगा। इसके लिए जूई कैनाल पर एक रिजर्व वायर तैयार किया जाएगा। इसमें नहर का अतिरिक्त पानी भंडारण होगा और जरूरत पड़ने पर दोबारा इसे वापस नहर में डालकर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
कैरू खंड के बिजलानाबास में करीब दो करोड़ की अनुमानित लागत से दो एकड़ में स्पेशल तालाब बनाया जाएगा। जो जूई कैनाल सिस्टम से जुड़ा होगा। कहीं पर भी कैनाल में अतिरिक्त पानी आने से किनारे टूटने या फिर नहर टूटने का संकट आएगा तो इस रिजर्व वायर में अतिरिक्त पानी भंडारण किया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इसका मसौदा भी मुख्यालय भेज दिया है। जिसे मंजूरी मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
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सिंचाई विभाग का जूई सिस्टम जिले के करीब 78 से अधिक गांवों से जुड़ा है। इसमें तोशाम और कैरू क्षेत्र के करीब 40 से अधिक गांव सीधे तौर पर जूई कैनाल सिस्टम से जुड़े हैं। इन गांवों में सिंचाई विभाग अब सूखे जोहड़ों की तलाश भी कर रहा है। इनमें काफी अर्से से पानी की व्यवस्था तक नहीं हुई है। सिंचाई विभाग इन सूखे जोहड़ों को सीधे जूई कैनाल सिस्टम से जोड़ देगा। इसके बाद इनके अंदर नहरी पानी मुहैया होगा और भूमिगत जलस्तर भी बढ़ेगा वहीं पशुओं के लिए भी पीने के पानी का प्रबंध होगा।
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कैरू खंड के गांव बिजलानावास में करीब दो एकड़ पंचायती भूमि को रिजर्व वायर के लिए चिह्नित किया गया है। जिस पर सिंचाई विभाग ने करीब दो करोड़ की अनुमानित लागत से तालाब बनाने का खाका तैयार किया है। इसे मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। इस तालाब को जूई कैनाल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। कैनाल में कभी भी अतिरिक्त पानी आने से या फिर पानी का अधिक दबाव होने की सूरत में नहर के किनारे टूटने या फिर पानी ओवरफ्लो होकर खेतों की तरफ जाने से रोका जा सकेगा।
अतिरिक्त पानी रिजर्व वायर के इस तालाब में पहुंचेगा। जहां उसका भंडारण बना रहेगा। किल्लत के दिनों में इस अतिरिक्त नहरी पानी का इस्तेमाल सिंचाई विभाग के अधिकारी जलघर टैंकों को भरने में भी कर सकेंगे। जूई कैनाल में उठान सिंचाई परियोजना के तहत पंपिंग कर नहरी पानी को काफी ऊंचाई तक टीलों पर लगने वाले इलाकों तक पहुंचाया जाता है। अधिकांश रेतीला इलाका है। इसमें भूमिगत जलस्तर भी काफी नीचे गया हुआ है। सिंचाई विभाग की इस मास्टर योजना से भूमिगत जलस्तर में इजाफा होगा वहीं किसानों की फसल जलभराव से नष्ट नहीं होगी और नहरी पानी को बर्बाद करने के बजाय उसका जरूरत पड़ने पर सदुपयोग भी संभव होगा। संवाद
सिंचाई विभाग जूई डिविजन के तहत आने वाले जूई कैनाल सिस्टम पर एक रिजर्व वायर तैयार कराया जाएगा। इसमें नहर के अतिरिक्त पानी का भंडारण होगा। जरूरत पड़ने पर दोबारा से उसे नहर में इस्तेमाल करना संभव होगा। रिजर्व वायर के लिए बिजलानाबास में दो एकड़ पंचायती भूमि चिह्नित हो चुकी है। इसके अलावा तोशाम और कैरू क्षेत्र के ऐसे गांवों के तालाब भी चिह्नित कर रहे हैं, जिनमें पानी की व्यवस्था नहीं है। उन्हें जूई सिस्टम में चैनल के जरिए जोड़ा जाएगा, ताकि भू अटल योजना के तहत इन गांवों में भूमिगत जलस्तर को ऊंचा उठाया जा सके और पशुओं के लिए भी पीने के पानी का प्रबंध हो सके।
- अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई सिस्टम वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग भिवानी।