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Bhiwani News: अब रोहतक नगर निगम के एसई को तकनीकी जांच के लिए भेजा भिवानी शहर की सफाई का मसौदा

Thu, 07 Sep 2023 09:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 07 Sep 2023 09:17 PM IST
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Now the draft of cleanliness of Bhiwani city sent to SE of Rohtak Municipal Corporation for technical examination.
भिवानी। शहर की सफाई के मसौदे को अब रोहतक नगर निगम के एसई को तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। ऐसा इसलिए किया गया है कि अगर एस्टीमेट में कोई तकनीकी अड़चन है तो उसे मुख्यालय एडमिन अप्रूवल के लिए भेजने से पहले ही दूर किया जा सके। अब एसई एस्टीमेट पर अपनी रिपोर्ट देगा, तभी ये फाइनल मसौदा मुख्यालय को एडमिन अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा।
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पहले शहर में 425 किलोमीटर दायरे में सफाई का एस्टीमेट नगर परिषद ने भेजा था। इस पर दो बार मुख्यालय ने आपत्ति लगाते हुए इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अब फिर से शहरी दायरे में 525 किलोमीटर शहरी दायरे में सफाई के लिए करीब सात करोड़ का मसौदा तैयार किया है, जिस पर शहरी निकाय विकास विभाग के मंत्री से मंजूरी मिलने के बाद ही शहर में काम शुरू होगा।
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भिवानी शहर के 31 वार्डों में 2010 और 2017 में सर्वेक्षण किया गया था। इस आधार पर शहर में सड़कों व गलियों का दायरा करीब सवा चार सौ किलोमीटर आंका गया था। नगर परिषद ने शहरी दायरे में करीब साढ़े पांच करोड़ से सफाई का एस्टीमेट भी तैयार किया और उसे दो बार मुख्यालय को भी भेजा, मगर हर बार वहां से आपत्ति लगाकर उसे वापस भेज दिया। इसमें एक अड़चन यह भी बनी कि 2017 के बाद शहर का दायरा काफी बढ़ा है। नई गलियां और नए रास्ते भी विकसित हुए हैं।
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जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भी करीब साढ़े पांच सौ किमी दायरे में पेयजल लाइनें डाल रखी हैं। इस लिहाज से नगर परिषद ने शहरी दायरे की सफाई के नए मानकों के हिसाब से फिर से साफ्टवेयर के जरिये सर्वेक्षण कराया। इसके बाद शहरी सड़कों का दायरा पहले बने एस्टीमेट से करीब 100 किमी ज्यादा बढ़ गया। अब नगर परिषद ने सवा पांच सौ किमी दायरे में सफाई के लिए करीब सात करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया है, जिसे एडमिन अप्रूवल के लिए भेजने से पहले इसकी तकनीकी जांच भी नगर परिषद करा रहा है। इसी को लेकर रोहतक नगर निगम के अधीक्षक अभियंता को ये एस्टीमेट तकनीकी जांच के लिए भेजा है। इस पर एसई की रिपोर्ट आने पर ही ये मुख्यालय को एडमिन अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा।





ये तय किए हुए हैं शहरी दायरे में सफाई के मानक

प्रथम मानक में 300 मीटर दायरे पर एक सफाई कर्मचारी

दूसरे मानक पर 500 मीटर दायरे में एक सफाई कर्मचारी

तीसरे मानक में 700 मीटर दायरे में एक सफाई कर्मचारी

नोट: तीनों ही मानकों में सफाई के लिए अलग-अलग नियम हैं, यानि प्रथम में रोजाना सफाई होगी, जबकि दूसरे में एक दिन छोड़कर एक दिन और तीसरे मानक में सप्ताह में तीन या चार दिन में एक दिन सफाई की जाएगी। मानकों को तय करने के लिए भी सफाई के लिए शहर को चार जोन में बांटा है।





आधे शहर में हो रही है सफाई, आधा शहर अभी भी अछूता
काफी अर्से से सिर्फ आधे शहर में ही सफाई हो रही है, जबकि आधा शहर सफाई से अछूता है। इसकी वजह नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की कमी और सफाई के नए ठेके को मंजूरी नहीं मिलना है। नगर परिषद के नियमित और अनुबंधित करीब 226 सफाई कर्मचारी सरकुलर रोड के अंदर के दायरे में ही सफाई कर पाते हैं। जबकि मुख्य सड़कों के साथ बाहरी कॉलोनियों के अंदर सफाई की जिम्मेदारी ठेकेदार के सफाई कारिंदों पर थी। अब तक शहर में सफाई पर ठेका नहीं हुआ है।

ये हैं विकास कार्यों के मसौदों को मंजूरी के मानक

शहरी दायरे में सफाई के अलावा किसी भी विकास कार्य का एस्टीमेट उसकी राशि पर निर्भर करता है। ढाई करोड़ तक के विकास मसौदों को मंजूरी नगर परिषद चेयरमैन दे सकता है। जबकि ढाई से पांच करोड़ तक के विकास मसौदों की मंजूरी डीएमसी या प्रशासनिक स्तर तक होगी। पांच से दस करोड़ तक के विकास मसौदों को संबंधित विभाग का मंत्री ही मंजूरी देगा। इसके बाद दस करोड़ से अधिक राशि के विकास मसौदों पर सूबे के मुख्यमंत्री खुद मोहर लगाएंगे।



दो बार पहले शहर के अंदर सफाई के एस्टीमेट पर मुख्यालय से आपत्ति लगने के बाद फाइल वापस हो चुकी है। अब तीसरी बार इसे एडमिन अप्रूवल के लिए भेजे जाने से पहले सरकार द्वारा निर्धारित सफाई के नए मानकों के हिसाब से पहले रोहतक नगर निगम के अधीक्षक अभियंता से इसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी। उनकी रिपोर्ट के बाद ही इसे एडमिन अप्रूवल के लिए मुख्यालय को भेजा जाएगा। हमारा प्रयास है कि शहर की हर गली और मोहल्ले के अंदर सफाई हो, इसी को ध्यान में रखते हुए नया सफाई का एस्टीमेट तैयार किया है।

- भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।
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