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Bhiwani News: अब प्रदेश के 11 जिलों में टीबी संभावितों का नहीं उखड़ेगा दम, रोकथाम के लिए लगेगी बीसीजी वैक्सीन
Wed, 21 Feb 2024 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 21 Feb 2024 01:21 AM IST
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भिवानी। अब स्वास्थ्य विभाग टीबी के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान पर ही उसकी रोकथाम के लिए पुख्ता कदम उठाएगा। इसके लिए अब प्रदेश के 11 जिलों में टीबी संभावितों को बीसीजी (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन) की वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीन से पहले संभावित व्यक्ति से इसकी अनुमति ली जाएगी। बिना अनुमति वैक्सीनेशन नहीं होगा।
अकेले भिवानी जिले में सात लाख लोगों पर स्वास्थ्य विभाग ने सर्वेक्षण किया है। इसमें घर-घर सर्वेक्षण के दौरान करीब 90 हजार टीबी संभावित लोगों की वैक्सीनेशन की तैयारी की गई है। ये मरीज वैक्सीनेशन की सहमति भी दे चुके हैं। जबकि संभावित व्यक्ति की बिना सहमति के वैक्सीनेशन नहीं होगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के 11 जिलों में टीबी संभावित लोगों को सर्वेक्षण उपरांत बीसीजी वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम निर्धारित किया है। इनमें अंबाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, कैथल, जींद, पंचकूला, रोहतक, सिरसा, मेवात, सोनीपत शामिल हैं। ये वैक्सीनेशन बुधवार से ही आरंभ हो जाएगा। अकेले भिवानी जिले में करीब 90 हजार संभावित लोगों ने वैक्सीन लगवाने की अनुमति दे दी है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल बीसीजी के 40 हजार 680 वैक्सीन डोज उपलब्ध हैं। इसके अलावा भिवानी जिले में और भी वैक्सीन जल्द पहुंचेगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने सर्वेक्षण के तहत दो चरण में काम किया था। इसमें पहला चरण इंटरवेंशन स्टडी सर्वे हुआ। इसमें स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घर-घर जाकर टीबी संभावित लक्षणों की जांच की। जबकि दूसरे चरण में कंट्रोल स्टडी सर्वे हुआ। इसमें टीबी मरीजों के नियंत्रण को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसमें स्वास्थ्य विभाग इंटरवेंशन स्टडी सर्वे के दायरे में आने वाले संभावित लोगों को ही वैक्सीनेशन करेगा। उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि कर्मचारियों को इस कार्य की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। संवाद
इनका होगा वैक्सीनेशन
उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि पांच साल से पुरानी टीबी का मरीज और तीन साल से संपर्क में आने वाले मरीज के अलावा कुपोषित मरीजों को वैक्सीन लगेगी। धूम्रपान करने वालों व डायबिटीज मरीजों के साथ-साथ 60 साल से ऊपर के मरीजों को वैक्सीन लगेगी। बूस्टर डोज इसलिए दी जाएगी, जिससे की इनके अंदर बीमारी की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके।
इनका नहीं होगा वैक्सीनेशन
जिनकी आयु 18 साल से कम है उनका वैक्सीनेशन नहीं होगा। सर्वे के दौरान जिन लोगों ने सहमति नहीं दी, उन्हें भी वैक्सीन नहीं लगेगी। पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज, एचआईवी व कैंसर संक्रमित मरीज को भी वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। जिन लोगों को वैक्सीन से किसी तरह की एलर्जी है या किसी ने ब्लड चढ़वाया है उसे भी नहीं लगेगी। इसके अलावा गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिला को वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी।
भिवानी सहित प्रदेश के 11 जिलों में बीसीजी वैक्सीन का अभियान बुधवार से आरंभ होगा। ये बूस्टर डोज वयस्क लोगों को इसलिए दी जा रही है ताकि टीबी जैसी बीमारी के प्रति इनकी रोक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सके। ये डोज अनिवार्य रूप से लगवानी चाहिए, इसका फायदा होगा। विभाग के कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है वहीं डोज की खेप भी जिला वार मुहैया कराई गई है।
- डाॅ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।
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अकेले भिवानी जिले में सात लाख लोगों पर स्वास्थ्य विभाग ने सर्वेक्षण किया है। इसमें घर-घर सर्वेक्षण के दौरान करीब 90 हजार टीबी संभावित लोगों की वैक्सीनेशन की तैयारी की गई है। ये मरीज वैक्सीनेशन की सहमति भी दे चुके हैं। जबकि संभावित व्यक्ति की बिना सहमति के वैक्सीनेशन नहीं होगा।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के 11 जिलों में टीबी संभावित लोगों को सर्वेक्षण उपरांत बीसीजी वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम निर्धारित किया है। इनमें अंबाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, कैथल, जींद, पंचकूला, रोहतक, सिरसा, मेवात, सोनीपत शामिल हैं। ये वैक्सीनेशन बुधवार से ही आरंभ हो जाएगा। अकेले भिवानी जिले में करीब 90 हजार संभावित लोगों ने वैक्सीन लगवाने की अनुमति दे दी है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल बीसीजी के 40 हजार 680 वैक्सीन डोज उपलब्ध हैं। इसके अलावा भिवानी जिले में और भी वैक्सीन जल्द पहुंचेगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने सर्वेक्षण के तहत दो चरण में काम किया था। इसमें पहला चरण इंटरवेंशन स्टडी सर्वे हुआ। इसमें स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घर-घर जाकर टीबी संभावित लक्षणों की जांच की। जबकि दूसरे चरण में कंट्रोल स्टडी सर्वे हुआ। इसमें टीबी मरीजों के नियंत्रण को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसमें स्वास्थ्य विभाग इंटरवेंशन स्टडी सर्वे के दायरे में आने वाले संभावित लोगों को ही वैक्सीनेशन करेगा। उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि कर्मचारियों को इस कार्य की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। संवाद
इनका होगा वैक्सीनेशन
उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि पांच साल से पुरानी टीबी का मरीज और तीन साल से संपर्क में आने वाले मरीज के अलावा कुपोषित मरीजों को वैक्सीन लगेगी। धूम्रपान करने वालों व डायबिटीज मरीजों के साथ-साथ 60 साल से ऊपर के मरीजों को वैक्सीन लगेगी। बूस्टर डोज इसलिए दी जाएगी, जिससे की इनके अंदर बीमारी की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके।
इनका नहीं होगा वैक्सीनेशन
जिनकी आयु 18 साल से कम है उनका वैक्सीनेशन नहीं होगा। सर्वे के दौरान जिन लोगों ने सहमति नहीं दी, उन्हें भी वैक्सीन नहीं लगेगी। पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज, एचआईवी व कैंसर संक्रमित मरीज को भी वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। जिन लोगों को वैक्सीन से किसी तरह की एलर्जी है या किसी ने ब्लड चढ़वाया है उसे भी नहीं लगेगी। इसके अलावा गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिला को वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी।
भिवानी सहित प्रदेश के 11 जिलों में बीसीजी वैक्सीन का अभियान बुधवार से आरंभ होगा। ये बूस्टर डोज वयस्क लोगों को इसलिए दी जा रही है ताकि टीबी जैसी बीमारी के प्रति इनकी रोक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सके। ये डोज अनिवार्य रूप से लगवानी चाहिए, इसका फायदा होगा। विभाग के कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है वहीं डोज की खेप भी जिला वार मुहैया कराई गई है।
- डाॅ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।