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Bhiwani News: अब एक कॉल पर घर बैठे हो रहा बीमार पशु का इलाज
Fri, 05 Apr 2024 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 05 Apr 2024 10:53 PM IST
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गांव में बीमार पशु का ईलाज करते पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सक।
भिवानी। पशुपालकों को घर बैठे एक फोन पर पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की ओर से गांवों में भी मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा की शुरुआत की है। इसके बाद अब गांवों के पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए शहरों की तरफ रूख नहीं करना पड़ेगा तथा घर पर ही अपने बीमार पशुओं का इलाज करवा सकेंगे।
इस बारे में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. रवींद्र सहरावत ने बताया कि इस योजना की शुरुआत 25 फरवरी 2024 को महेंद्रगढ़ से की गई थी। इसके अंतर्गत 70 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई एवं 10 कॉल सेंटर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पशुओं को उचित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और अनुभवी डॉक्टरों की टीम गांवों और छोटे शहरों तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने का काम कर रहे है। इसी शृंखला में भिवानी जिला को 6 मोबाइल पशु चिकित्सा वैन दी गई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक एंबुलेंस के साथ एक पशु चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट भी उपलब्ध रहते है, जो कि आपात स्थिति में पशुपालक की मदद करते है।
पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर करें कॉल
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. रवींद्र सहरावत ने बताया कि पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर बीमार पशु के इलाज के लिए सहायता बुला सकते हैं। यह पहल गांवों के पशुपालकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी तथा पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। यह ग्रामीण पशुपालक समुदाय के लिए एक सराहनीय कदम है, जो उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण की देखभाल करने में मददगार साबित होगा।
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इस बारे में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. रवींद्र सहरावत ने बताया कि इस योजना की शुरुआत 25 फरवरी 2024 को महेंद्रगढ़ से की गई थी। इसके अंतर्गत 70 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई एवं 10 कॉल सेंटर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पशुओं को उचित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और अनुभवी डॉक्टरों की टीम गांवों और छोटे शहरों तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने का काम कर रहे है। इसी शृंखला में भिवानी जिला को 6 मोबाइल पशु चिकित्सा वैन दी गई है।
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक एंबुलेंस के साथ एक पशु चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट भी उपलब्ध रहते है, जो कि आपात स्थिति में पशुपालक की मदद करते है।
पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर करें कॉल
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. रवींद्र सहरावत ने बताया कि पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर बीमार पशु के इलाज के लिए सहायता बुला सकते हैं। यह पहल गांवों के पशुपालकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी तथा पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। यह ग्रामीण पशुपालक समुदाय के लिए एक सराहनीय कदम है, जो उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण की देखभाल करने में मददगार साबित होगा।
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