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Bhiwani News: अब एक ही पोर्टल पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में मिलेंगे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
Sat, 10 Aug 2024 06:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 10 Aug 2024 06:48 AM IST
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भिवानी। अब भिवानी में जन्में बच्चों के लिए नेशनल पोर्टल (डीसीसीआरएस) पर हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में जन्म प्रमाण पत्र मिलेगा। मृत्यु प्रमाण पत्र भी इसी पैर्टन पर जारी किया जाएगा। दरअसल पहले हरियाणा में अलग से जन्म मृत्यु पंजीकरण पोर्टल दिया गया था, लेकिन अब इसे बंद कर दिया है, जिसकी जगह केवल नेशनल पोर्टल पर ही जन्म और मृत्यु के प्रमाण पत्र अब जारी होंगे।
बच्चे के जन्म के समय ही रजिस्टर्ड फोन पर संदेश जाएगा, जिसके बाद परिजन इसका स्वयं सत्यापन के बाद अपलोड कर सकेंगे। इसके बाद ही संबंधित जगह से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की इस व्यवस्था से बच्चे के अभिभावकों को किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी न ही बच्चे के जन्म पर कोई सूचना फार्म देना होगा। संबंधित अस्पताल से ही इसकी स्कैन की गई जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसको लेकर भिवानी में सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
भिवानी शहरी दायरे में नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जून में नेशनल पोर्टल को बंद कर इसे अपग्रेड किया गया। जिसके बाद जुलाई में फिर से इस पोर्टल को खोला गया था। इसी पोर्टल पर अब नए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जिसमें अब हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में प्रमाण पत्र मिलेंगे। आम तौर पर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने और नाम दर्ज कराने के लिए अभिभावकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन नेशनल पोर्टल में रजिस्टर्ड नंबर से ही अभिभावक ये काम घर बैठे कर सकेंगे। अभिभावकों के स्वयं सत्यापन के उपरांत ही संबंधित विभाग बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र को जारी करेगा। अब जन्म और म़त्यु पोर्टल एक होने से इस पर सर्बर पर भी दबाव बढ़ गया है। जिससे कर्मचारियों को कई बार जानकारी अपलोड करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। संवाद
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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते एक पखवाड़ा से तीन हजार जन्म प्रमाण पत्र लंबित
दरअसल स्वास्थ्य विभाग में लगे एनएचएम कर्मचारी ही सरकारी अस्पतालों में जन्में बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र की जानकारी को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड करते हैं। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। पिछले एक पखवाड़े से भिवानी जिले में तीन हजार बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, नाम की गलती ठीक कराने, मृत्यु प्रमाण पत्र और नाम दर्ज कराने के काम लंबित पड़े हैं। इन कार्याें के लिए लोगों की हड़ताल के चलते परेशानी बढ़ गई है। इस कार्य के लिए एनएचएम कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही प्रारुप में मिलेगा। अभिभावक के रजिस्टर्ड नंबर पर बच्चे के जन्म और मृत्यु दर्ज कराने संबंधी सूचना पहुंचेगी। जिसे स्वयं सत्यापन कर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसी जानकारी के बाद संबंधित जगह से जन्म और म़ृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। जिले की सभी पीएचसी, सीएचसी, सब डिविजनल अस्पतालों के अलावा नागरिक अस्पताल में भी कर्मचारियों को पोर्टल संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है।
-सुधीर भारद्वाज, मास्टर ट्रेनर स्वास्थ्य विभाग।
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बच्चे के जन्म के समय ही रजिस्टर्ड फोन पर संदेश जाएगा, जिसके बाद परिजन इसका स्वयं सत्यापन के बाद अपलोड कर सकेंगे। इसके बाद ही संबंधित जगह से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की इस व्यवस्था से बच्चे के अभिभावकों को किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी न ही बच्चे के जन्म पर कोई सूचना फार्म देना होगा। संबंधित अस्पताल से ही इसकी स्कैन की गई जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसको लेकर भिवानी में सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
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भिवानी शहरी दायरे में नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जून में नेशनल पोर्टल को बंद कर इसे अपग्रेड किया गया। जिसके बाद जुलाई में फिर से इस पोर्टल को खोला गया था। इसी पोर्टल पर अब नए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जिसमें अब हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में प्रमाण पत्र मिलेंगे। आम तौर पर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने और नाम दर्ज कराने के लिए अभिभावकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन नेशनल पोर्टल में रजिस्टर्ड नंबर से ही अभिभावक ये काम घर बैठे कर सकेंगे। अभिभावकों के स्वयं सत्यापन के उपरांत ही संबंधित विभाग बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र को जारी करेगा। अब जन्म और म़त्यु पोर्टल एक होने से इस पर सर्बर पर भी दबाव बढ़ गया है। जिससे कर्मचारियों को कई बार जानकारी अपलोड करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। संवाद
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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते एक पखवाड़ा से तीन हजार जन्म प्रमाण पत्र लंबित
दरअसल स्वास्थ्य विभाग में लगे एनएचएम कर्मचारी ही सरकारी अस्पतालों में जन्में बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र की जानकारी को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड करते हैं। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। पिछले एक पखवाड़े से भिवानी जिले में तीन हजार बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, नाम की गलती ठीक कराने, मृत्यु प्रमाण पत्र और नाम दर्ज कराने के काम लंबित पड़े हैं। इन कार्याें के लिए लोगों की हड़ताल के चलते परेशानी बढ़ गई है। इस कार्य के लिए एनएचएम कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही प्रारुप में मिलेगा। अभिभावक के रजिस्टर्ड नंबर पर बच्चे के जन्म और मृत्यु दर्ज कराने संबंधी सूचना पहुंचेगी। जिसे स्वयं सत्यापन कर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसी जानकारी के बाद संबंधित जगह से जन्म और म़ृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। जिले की सभी पीएचसी, सीएचसी, सब डिविजनल अस्पतालों के अलावा नागरिक अस्पताल में भी कर्मचारियों को पोर्टल संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है।
-सुधीर भारद्वाज, मास्टर ट्रेनर स्वास्थ्य विभाग।