फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Now, 28 unsafe school buildings in the district will be demolished, ensuring safe learning conditions.

Bhiwani News: अब जिले के 28 असुरक्षित स्कूल भवन होंगे ध्वस्त, पढ़ाई होगी सुरक्षित

Fri, 21 Aug 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 21 Aug 2026 12:58 AM IST
विज्ञापन
Now, 28 unsafe school buildings in the district will be demolished, ensuring safe learning conditions.
राजकीय माध्यमिक विद्यालय खरक खुर्द। 
भिवानी। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) भिवानी जिले के 28 असुरक्षित सरकारी स्कूल भवनों को जल्द ध्वस्त करेगा। यह निर्णय स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी पढ़ाई में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए लिया गया है। करीब पांच दशक से अधिक पुराने इन जर्जरहाल भवनों को आरएमएसए के अधिकारियों ने बच्चों के लिए असुरक्षित घोषित किया है। इन भवनों के स्थान पर नए और सुरक्षित स्कूल भवनों का निर्माण भी शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन

आरएमएसए के तकनीकी अधिकारियों ने सभी भवनों का गहन निरीक्षण किया है। निरीक्षण के बाद तैयार विस्तृत रिपोर्ट में इन भवनों को बच्चों के लिए खतरनाक बताया गया है। अब इन असुरक्षित ढांचों को तोड़ने के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। असुरक्षित भवनों की वजह से बच्चों को ठीक से बैठने की जगह तक नहीं मिल पा रही थी।
विज्ञापन

इससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। यह कदम हजारों छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करेगा। नए भवनों के निर्माण से शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है। असुरक्षित स्कूल भवन लंबे समय से बच्चों के सिर पर बड़ा खतरा बने हुए थे। इन भवनों में पढ़ाई करना छात्रों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई बार बच्चों को खुले में या अन्य अनुपयुक्त स्थानों पर बैठना पड़ता था। इससे उनकी एकाग्रता और सीखने की क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ रहा था। ध्वस्तीकरण के बाद नए भवन छात्रों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करेंगे।
असुरक्षित भवनों का ध्वस्तीकरण
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान जिले के 28 असुरक्षित स्कूल भवनों को ध्वस्त करेगा। इन भवनों को बच्चों के लिए खतरनाक घोषित किया गया है। अधिकारियों ने करीब पांच दशक से अधिक पुराने इन जर्जरहाल भवनों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद इन्हें तोड़ने के लिए नीलामी कराई जाएगी। यह प्रक्रिया बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा के लिए आवश्यक है। असुरक्षित भवनों के कारण बच्चों को बैठने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही थी। इससे उनकी पढ़ाई पर बुरा प्रभाव पड़ रहा था।
नए भवनों का निर्माण और योजना
आरएमएसए ने ध्वस्तीकरण के बाद की योजना भी तैयार की है। नीलामी प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत बाद नए भवनों का निर्माण कार्य शुरू होगा। अभियान का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द सभी बच्चों को सुरक्षित कक्षाएं मिलें। इस परियोजना के लिए आवश्यक धनराशि का आवंटन भी किया जा चुका है। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। एसडीई दतात्रेय ने इस योजना की जानकारी दी है। नए डिजाइन से सुरक्षित भवन तैयार किए जाएंगे।
प्रभावित होने वाले स्कूल
भिवानी जिले के कुल 28 सरकारी स्कूलों के जर्जरहाल भवन ध्वस्त किए जाएंगे। इनमें राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल धिराना और गोलपुरा शामिल हैं। राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल खरककलां और दिनोद भी प्रभावित होंगे। राजकीय प्राथमिक पाठशाला ढाणी सुरत और राजकीय मिडिल स्कूल मधमाधवी भी सूची में हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला गुजरानी द्वितीय, ढाणी हरसुख और राजकीय मिडिल स्कूल खरक खुर्द भी शामिल हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला सैय, ढाणी अहीरान, मानहेरू और राजकीय मिडिल स्कूल बामला भी ध्वस्त होंगे। राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंदगांव, राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला पालुवास, धनाना, तालू और राजकीय प्राथमिक पाठशाला ढाणा नरसान भी इस सूची का हिस्सा हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला लोहड़ भिवानी, झरवाई, राजकीय मिडिल स्कूल झरवाई, राजकीय प्राथमिक पाठशाला नरसान और राजकीय मिडिल स्कूल ढाणी हरसुख भी शामिल हैं। राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला मुंढाल कलां, राजकीय प्राथमिक पाठशाला अजीतपुर, उमरावत, नंबर दो भिवानी और गोलपुरा भी ध्वस्त होंगे।

संगठन द्वारा भिवानी व दादरी जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। अभियान के तहत संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता विभिन्न राजकीय स्कूलों तथा अन्य सरकारी शिक्षण एवं स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा वहां के हालातों को उजागर कर रहे हैं। संस्थानों में उपलब्ध भवन, कमरों, शौचालयों, पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचे की स्थिति का जायजा लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक ये बात पहुंचाई जा रही है। ताकि इसका समाधान कराया जा सके।
- कमल प्रधान संरक्षक युवा कल्याण संगठन भिवानी।

सीजेपी कार्यकर्ताओं ने तोशाम क्षेत्र के गांव सागवान के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया था, जहां का मिड डे मिल में कीड़े चल रहे थे और विद्यालय भवन भी खस्ताहाल था। इसी तरह तोशाम में भी असुरक्षित भवन में बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही थी। इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त को अवगत कराया तो उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर असुरक्षित जगह पर बच्चों की कक्षाएं नहीं लगाने के आदेश दिए हैं।

-लोकेश कुमार कार्यकर्ता सीजेपी भिवानी।

आरएमएसए की तरफ से असुरक्षित स्कूल भवनों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। जिसके बाद इन्हें ध्वस्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिसको लेकर नीलामी कराई जाएगी। इसके तुरंत बाद इन स्कूलों के आवंटित बजट के हिसाब से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा।
-शिव कुमार तंवर समन्वयक राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed