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Bhiwani News: पहले ड्राइंग के इंतजार में छह माह ठप रहा भिवानी-जींद मार्ग पर आरओबी का काम, अब मशीनों के लिए नहीं रास्ता
Sat, 24 Aug 2024 03:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 24 Aug 2024 03:55 AM IST
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भिवानी। मुंढाल में रोहतक-हांसी रेलवे लाइन पर बनने वाला रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य फिर से अटक गया है। पहले ड्राइंग के इंतजार में छह माह काम ठप रहा रहा था। अब पुल के टॉप सेक्शन को जोड़ने वाले गाडरों को रखने के लिए आने वाली ज्वाइंट मशीन के लिए रास्ता न होने के कारण पुल निर्माण कार्य में बाधा आ गई है।
इसके कारण जींद से भिवानी आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। पुल निर्माण के कारण जींद-भिवानी मार्ग पिछले ढाई साल से बंद पड़ा है। इसके कारण हर रोज यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। साथ ही पुल के आसपास लगते खेतों में आने-जाने के लिए किसानों को मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा है।
रोहतक से हांसी को रेलमार्ग से जोड़ने के लिए रेलवे विभाग की ओर से हांसी-रोहतक रेलवे लाइन बिछाई गई थी। जिस पर रेल यातायात शुरू भी हो चुका है। इस रेल मार्ग पर गांव मुंढाल से गुजरने वाले नेशनल हाइवे 709 ई जींद-भिवानी सड़क मार्ग पर ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। ओवरब्रिज का निर्माण मार्च-अप्रैल साल 2022 में शुरू किया गया था।
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आरंभ में दोनों साइड से पुल का कार्य सुचारू रूप से चला। लेकिन पहले पुल के टॉप सेक्शन के लिए रेलवे की तरफ से भेजी जाने वाली ड्राइंग के लिए पुल का निमार्ण कार्य 6 माह तक बाधित रहा। इसके बाद अब पुल के टॉप सेक्शन को जोड़ने वाले गाटरों को रखने के लिए ज्वाइंट मशीन की जरूरत है। लेकिन पुल निर्माण स्थाल तक मशीन पहुंचने का रास्ता न होने के कारण मशीन नहीं भेजी गई है। क्योंकि मशीन आने के लिए पुल के साइड में सरकार की जगह पर्याप्त नहीं है।
जहां से मशीन आने का रास्ता है, वहां पर जमीन के मालिक ने मछली पालन के लिए तालाब बनाया हुआ है। रास्ते के लिए पहले सरकार द्वारा जमीन को खरीदना पड़ेगा। इसके बाद मशीन आने के बाद ही पुल का निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। ओवरब्रिज निर्माण के कारण बंद हुए जींद-भिवानी सड़क मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को आने जाने के लिए वाया तालू से सफर तय करना पड़ रहा है। इस कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना पुल के पास वाले किसानों को करना पड़ रहा है। क्योंकि पुल के कारण किसानों का खेतों में जाने वाला रास्ता बंद हो गया है।
रेलवे ने नहीं भेजी थी ड्राइंग
दोनों तरफ से पुल तैयार होने के बाद टॉप सेक्शन के लिए रेलवे की ओर से पुल की ड्राइंग भेजी जानी थी। लेकिन उस समय रेलवे विभाग की ओर से समय से पुल के लिए ड्राइंग नहीं भेजी जाने के कारण 6 माह तक पुल का निर्माण कार्य बाधित रहा था। 6 माह के बाद ड्राइंग आने के बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू हो पाया था। इसके बाद अब रास्ते के लिए पुल निर्माण कार्य के लिए फिर से ब्रेक लग गया है।
जींद से भिवानी के लिए रोडवेज बसों में पांच रुपये अधिक लग रहा किराया
पुल निर्माण के लिए सड़क मार्ग बंद होने के कारण भिवानी से जींद आने जाने वाले वाहनों को वाया तालू गांव से गुजरना पड़ रहा है। जिससे लगभग 10 किलोमीटर का सफर बसों को अतिरिक्त तय करना पड़ रहा है। बसों को अतिरिक्त सफर तय करने के कारण रोडवेज विभाग की ओरसे प्रति सवारी पांच रुपये किराया बढ़ाया गया है। इससे लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं गांव तालू से भारी वाहन गुजरने के कारण हादसे का खतरा भी बना रहता है।
गाडरों को पिलरों पर रखने के लिए ज्वाइंट मशीन की जरूरत पड़ेगी। लेकिन मशीन का रास्ता न होने के कारण मशीन निर्माण स्थल पर नहीं पहुंच पाएगी। मशीन आने तक पुल का कार्य बाधित रहेगा।
- नरेंद्र, प्रोजेक्ट मैनेजर।
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इसके कारण जींद से भिवानी आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। पुल निर्माण के कारण जींद-भिवानी मार्ग पिछले ढाई साल से बंद पड़ा है। इसके कारण हर रोज यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। साथ ही पुल के आसपास लगते खेतों में आने-जाने के लिए किसानों को मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा है।
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रोहतक से हांसी को रेलमार्ग से जोड़ने के लिए रेलवे विभाग की ओर से हांसी-रोहतक रेलवे लाइन बिछाई गई थी। जिस पर रेल यातायात शुरू भी हो चुका है। इस रेल मार्ग पर गांव मुंढाल से गुजरने वाले नेशनल हाइवे 709 ई जींद-भिवानी सड़क मार्ग पर ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। ओवरब्रिज का निर्माण मार्च-अप्रैल साल 2022 में शुरू किया गया था।
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आरंभ में दोनों साइड से पुल का कार्य सुचारू रूप से चला। लेकिन पहले पुल के टॉप सेक्शन के लिए रेलवे की तरफ से भेजी जाने वाली ड्राइंग के लिए पुल का निमार्ण कार्य 6 माह तक बाधित रहा। इसके बाद अब पुल के टॉप सेक्शन को जोड़ने वाले गाटरों को रखने के लिए ज्वाइंट मशीन की जरूरत है। लेकिन पुल निर्माण स्थाल तक मशीन पहुंचने का रास्ता न होने के कारण मशीन नहीं भेजी गई है। क्योंकि मशीन आने के लिए पुल के साइड में सरकार की जगह पर्याप्त नहीं है।
जहां से मशीन आने का रास्ता है, वहां पर जमीन के मालिक ने मछली पालन के लिए तालाब बनाया हुआ है। रास्ते के लिए पहले सरकार द्वारा जमीन को खरीदना पड़ेगा। इसके बाद मशीन आने के बाद ही पुल का निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। ओवरब्रिज निर्माण के कारण बंद हुए जींद-भिवानी सड़क मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को आने जाने के लिए वाया तालू से सफर तय करना पड़ रहा है। इस कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना पुल के पास वाले किसानों को करना पड़ रहा है। क्योंकि पुल के कारण किसानों का खेतों में जाने वाला रास्ता बंद हो गया है।
रेलवे ने नहीं भेजी थी ड्राइंग
दोनों तरफ से पुल तैयार होने के बाद टॉप सेक्शन के लिए रेलवे की ओर से पुल की ड्राइंग भेजी जानी थी। लेकिन उस समय रेलवे विभाग की ओर से समय से पुल के लिए ड्राइंग नहीं भेजी जाने के कारण 6 माह तक पुल का निर्माण कार्य बाधित रहा था। 6 माह के बाद ड्राइंग आने के बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू हो पाया था। इसके बाद अब रास्ते के लिए पुल निर्माण कार्य के लिए फिर से ब्रेक लग गया है।
जींद से भिवानी के लिए रोडवेज बसों में पांच रुपये अधिक लग रहा किराया
पुल निर्माण के लिए सड़क मार्ग बंद होने के कारण भिवानी से जींद आने जाने वाले वाहनों को वाया तालू गांव से गुजरना पड़ रहा है। जिससे लगभग 10 किलोमीटर का सफर बसों को अतिरिक्त तय करना पड़ रहा है। बसों को अतिरिक्त सफर तय करने के कारण रोडवेज विभाग की ओरसे प्रति सवारी पांच रुपये किराया बढ़ाया गया है। इससे लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं गांव तालू से भारी वाहन गुजरने के कारण हादसे का खतरा भी बना रहता है।
गाडरों को पिलरों पर रखने के लिए ज्वाइंट मशीन की जरूरत पड़ेगी। लेकिन मशीन का रास्ता न होने के कारण मशीन निर्माण स्थल पर नहीं पहुंच पाएगी। मशीन आने तक पुल का कार्य बाधित रहेगा।
- नरेंद्र, प्रोजेक्ट मैनेजर।