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Bhiwani News: दवा न फार्मासिस्ट, प्रशिक्षुओं के सहारे कैसे होगी नैया पार
Fri, 30 May 2025 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 30 May 2025 10:51 PM IST
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बवानीखेड़ा के नागरिक अस्पताल में मरीजों को परामर्श देते चिकित्सक।
भिवानी। कस्बा बवानीखेड़ा स्थित सामान्य अस्पताल के दवा वितरण स्टोर पर न पूरे फार्मासिस्ट है और न दवाएं। हालात इस कदर बदतर हैं कि मरीजों के लिए पेट दर्द और पेट संक्रमण निवारक गोली तक नहीं है। छोटे बच्चों के लिए सिटराजिन सीरप तो व्यस्कों के लिए खांसी की दवाई नहीं मिल पा रही है।
मरीजों के लिए दर्द निवारक जैल, गर्म पट्टी मिलना तो दूर की बात है। आंखों में डालने के लिए केवल एक दवा है। दवा वितरण के लिए स्टोर पर तीन में से महज एक फार्मासिस्ट नियुक्त है। प्रशिक्षुओं के भरोसे दवा का वितरण किया जा रहा है।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार सुबह 11 बजे अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान सबसे पहले टीम ने दवा वितरण स्टोर के हालात का जायजा लिया। मरीजों ने बताया कि दवा पूरी नहीं मिल रही हैं। कर्मचारी बाहर से दवा खरीदने के लिए बोलते हैं। अस्पताल में सामान्य दवाओं की कमी भी चल रही है। पेट दर्द की दवा तक के लिए लोगों को निजी मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड़ रहा है।
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मरीजों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में मरीज इसलिए आते हैं कि पैसे की बचत हो सके। लेकिन यहां आने पर दवा तक नहीं मिल रही। चिकित्सक जांच कर भी दें तो दवा वितरण स्टोर पर कुछ दवा ही मिल पाती हैं। बाकी बाहर से खरीदनी पड़ती है। इस कारण जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। कुछ मरीज ऐसे भी होते हैं जो बाहर से महंगे दामों पर दवा नहीं खरीद सकते। इसलिए उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अस्पताल में सभी दवाओं का प्रबंध करने की मांग रखी।
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ये सामान्य दवा भी नहीं मिल रही मरीजों को
खांसी के लिए कफ सीरप।
बच्चों के लिए सिटराजिन सीरप।
पेट दर्द की गोली।
दर्द निवारक जैल।
आंखों के लिए आई डॉप।
गैस के लिए रेनटेक इंजेक्शन।
पैंटोप्राजोल इंजेक्शन।
ओफ्लोक्स ओजेड गोलियां।
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पिछले दो से तीन दिन से खांसी व जुकाम परेशान कर रहा था। शुक्रवार को मैं दवा लेने के लिए सामान्य अस्पताल आया। चिकित्सक से जांच करवा कर मैं दवा लेने के लिए वितरण खिड़की पर गया। लेकिन यहां मुझे तीन में से दो दवा मिली। दवा खिड़की पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि कफ सीरप बाहर मेडिकल से खरीद लेना। सरकारी अस्पतालों में इस उम्मीद से आता है कि पैसे की बचत होगी। लेकिन यहां दवा की कमी रहती है। प्रशासन को तुरंत दवा का प्रबंध करना चाहिए।
- मोहित, नागरिक बवानीखेड़ा।
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गर्मी में भूख कम लग रही थी। इसके अलावा पेट में हल्का दर्द भी महसूस हो रहा था। मैं जांच करवाने के लिए सामान्य अस्पताल आया। लेकिन चिकित्सक से जांच करवाने के बाद मैं दवा वितरण स्टोर पर गया तो यहां पेट दर्द की कोई गोली नहीं मिली। कर्मचारियों ने बताया कि फिलहाल पेट दर्द की कोई दवा अस्पताल में नहीं है। उन्होंने सिर्फ एक गैस की टेबलेट मुझे दी। बची हुई दवा बाहर से खरीदने के लिए बोला। यह गलत है। अस्पताल प्रशासन को पेट दर्द जैसी सामान्य दवा का प्रबंध तो करना चाहिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
- राकेश कुमार, नागरिक बवानीखेड़ा।
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अस्पताल में दर्द निवारक जैल तक नहीं है। आर्मी भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं व खिलाड़ियों को बदन दर्द से राहत पाने के लिए दर्द निवारक जैल की आवश्यकता रहती है। इसके अलावा बुजर्गों को भी शरीर दर्द, जोड़ों का दर्द परेशान करता है। ऐसे में अस्पताल में जांच करवाने के लिए आते हैं। लेकिन यहां दवाओं की कमी रहती है। ऐसे में मरीजों का रुझान अस्पताल के प्रति घट रहा है। यही हालात रहे तो लोग यहां आना ही बंद कर देंगे।
- सचिन, नागरिक बवानीखेड़ा।
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अस्पताल में मरीजों को समय से दवा मिल रही हैं। लेकिन कुछ दवा कम पड़ जाती है। ऐसी दवाओं की मांग उच्चाधिकारियों को भेज रखी है। इसके अलावा अस्पताल में सभी सुविधा सुचारू रूप से चल रही है। नया भवन बनाने के लिए भी मांग भेज रखी है। वहीं मेडिकल ऑफिसर के सभी पद भरे हुए हैं। मरीजों को अच्छा उपचार देना ही हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
- डॉ. ज्योति कपूर, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, सामान्य अस्पताल बवानीखेड़ा।
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मरीजों के लिए दर्द निवारक जैल, गर्म पट्टी मिलना तो दूर की बात है। आंखों में डालने के लिए केवल एक दवा है। दवा वितरण के लिए स्टोर पर तीन में से महज एक फार्मासिस्ट नियुक्त है। प्रशिक्षुओं के भरोसे दवा का वितरण किया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार सुबह 11 बजे अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान सबसे पहले टीम ने दवा वितरण स्टोर के हालात का जायजा लिया। मरीजों ने बताया कि दवा पूरी नहीं मिल रही हैं। कर्मचारी बाहर से दवा खरीदने के लिए बोलते हैं। अस्पताल में सामान्य दवाओं की कमी भी चल रही है। पेट दर्द की दवा तक के लिए लोगों को निजी मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड़ रहा है।
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मरीजों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में मरीज इसलिए आते हैं कि पैसे की बचत हो सके। लेकिन यहां आने पर दवा तक नहीं मिल रही। चिकित्सक जांच कर भी दें तो दवा वितरण स्टोर पर कुछ दवा ही मिल पाती हैं। बाकी बाहर से खरीदनी पड़ती है। इस कारण जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। कुछ मरीज ऐसे भी होते हैं जो बाहर से महंगे दामों पर दवा नहीं खरीद सकते। इसलिए उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अस्पताल में सभी दवाओं का प्रबंध करने की मांग रखी।
ये सामान्य दवा भी नहीं मिल रही मरीजों को
खांसी के लिए कफ सीरप।
बच्चों के लिए सिटराजिन सीरप।
पेट दर्द की गोली।
दर्द निवारक जैल।
आंखों के लिए आई डॉप।
गैस के लिए रेनटेक इंजेक्शन।
पैंटोप्राजोल इंजेक्शन।
ओफ्लोक्स ओजेड गोलियां।
पिछले दो से तीन दिन से खांसी व जुकाम परेशान कर रहा था। शुक्रवार को मैं दवा लेने के लिए सामान्य अस्पताल आया। चिकित्सक से जांच करवा कर मैं दवा लेने के लिए वितरण खिड़की पर गया। लेकिन यहां मुझे तीन में से दो दवा मिली। दवा खिड़की पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि कफ सीरप बाहर मेडिकल से खरीद लेना। सरकारी अस्पतालों में इस उम्मीद से आता है कि पैसे की बचत होगी। लेकिन यहां दवा की कमी रहती है। प्रशासन को तुरंत दवा का प्रबंध करना चाहिए।
- मोहित, नागरिक बवानीखेड़ा।
गर्मी में भूख कम लग रही थी। इसके अलावा पेट में हल्का दर्द भी महसूस हो रहा था। मैं जांच करवाने के लिए सामान्य अस्पताल आया। लेकिन चिकित्सक से जांच करवाने के बाद मैं दवा वितरण स्टोर पर गया तो यहां पेट दर्द की कोई गोली नहीं मिली। कर्मचारियों ने बताया कि फिलहाल पेट दर्द की कोई दवा अस्पताल में नहीं है। उन्होंने सिर्फ एक गैस की टेबलेट मुझे दी। बची हुई दवा बाहर से खरीदने के लिए बोला। यह गलत है। अस्पताल प्रशासन को पेट दर्द जैसी सामान्य दवा का प्रबंध तो करना चाहिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
- राकेश कुमार, नागरिक बवानीखेड़ा।
अस्पताल में दर्द निवारक जैल तक नहीं है। आर्मी भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं व खिलाड़ियों को बदन दर्द से राहत पाने के लिए दर्द निवारक जैल की आवश्यकता रहती है। इसके अलावा बुजर्गों को भी शरीर दर्द, जोड़ों का दर्द परेशान करता है। ऐसे में अस्पताल में जांच करवाने के लिए आते हैं। लेकिन यहां दवाओं की कमी रहती है। ऐसे में मरीजों का रुझान अस्पताल के प्रति घट रहा है। यही हालात रहे तो लोग यहां आना ही बंद कर देंगे।
- सचिन, नागरिक बवानीखेड़ा।
अस्पताल में मरीजों को समय से दवा मिल रही हैं। लेकिन कुछ दवा कम पड़ जाती है। ऐसी दवाओं की मांग उच्चाधिकारियों को भेज रखी है। इसके अलावा अस्पताल में सभी सुविधा सुचारू रूप से चल रही है। नया भवन बनाने के लिए भी मांग भेज रखी है। वहीं मेडिकल ऑफिसर के सभी पद भरे हुए हैं। मरीजों को अच्छा उपचार देना ही हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
- डॉ. ज्योति कपूर, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, सामान्य अस्पताल बवानीखेड़ा।