{"_id":"66ec7113a8fdf9fdb40a5774","slug":"name-netaji-nagar-people-have-been-waiting-for-public-facilities-for-20-years-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-123331-2024-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: नाम नेताजी नगर, 20 साल से जनता देख रही जनसुविधाओं की बाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: नाम नेताजी नगर, 20 साल से जनता देख रही जनसुविधाओं की बाट
Fri, 20 Sep 2024 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 20 Sep 2024 12:14 AM IST
विज्ञापन
शहर में नेताजी नगर की खस्ताहाल सड़के।
भिवानी। नाम नेताजी नगर, लेकिन यहां की जनता पिछले 20 सालों से जनसुविधाओं की बाट जोह रही है। नेताजी नगर में चुनाव के दौरान नेता तो आते हैं, लेकिन वायदों का पिटारा खोल केवल आश्वासन थमा जाते हैं। इसके बाद यहां के लोग सुविधाओं के लिए ही तरस कर रह जाते हैं।
शहर के पॉश इलाका सेक्टर से सटा नेताजी नगर में करीब दो दशक से लोगों की आबादी आबाद होती आ रही है। यहां लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर मकान तो बना लिए हैं, लेकिन यहां की कच्ची गलियां, सीवर और पानी की लाइनों के नहीं होने से लोग सुविधाओं के लिए ही तरस रहे हैं। बारिश के दौरान तो यहां की फिसलन भरी डगर से आने जाने का रास्ता भी नहीं बचता है।
नेताजी कॉलोनी में करीब पांच हजार से अधिक लोगों की आबादी है। यहां के लोग प्रशासन और शासन से लेकर हर जगह जनसुविधाओं की मांग कर चुके हैं। हालत यह है कि ये कॉलोनी आबाद होने के बाद से ही शहर से कटी हुई है, जबकि ठीक इसके पास शहर का पॉश इलाका सेक्टर 13 बना है।
विज्ञापन
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कॉलोनी का नाम तो नेताजी रख दिया, लेकिन यहां हालात फकीरों से भी बदतर हैं। क्योंकि सुविधाओं के मामले में ये कॉलोनी कंगाल है। पीने का पानी भी यहां टैंकरों से आता है, जिसकी वजह से लोग यहां खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं।
नेताजी कॉलोनी में कोई भी जनसुविधा नहीं है। कॉलोनी का मुख्य रास्ता भी कच्चा पड़ा है। बारिश के बाद तो यहां पानी जमा हो जाता है। इससे फिसलन और कीचड़ फैल जाता है। पैदल आने-जाने में भी परेशानी होती है। स्ट्रीट लाइट, सीवर लाइन और पानी की लाइनों की कोई व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में ये कॉलोनी शहरी हिस्सा होने के बावजूद जनसुविधाओं से काफी दूर है। शहर में 20 साल पुरानी कॉलोनी के अंदर जनसुविधाएं मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी बनती है।
-योगेश कुमार क्षेत्रवासी।
पिछले चार योजनाओं में नेताजी कॉलोनी के लोगों ने सरकार चुनकर दी है, लेकिन इस अवधि के दौरान किसी भी सरकार में यहां के लोगों के लिए जनसुविधाएं नहीं जुटी है। आज भी लोग यहां गांवों से भी बदतर हालातों में रह रहे हैं। चुनाव के दौरान तो नेताजी नगर में नेता वोट मांगने आते हैं, फिर यहां कोई नहीं दिखता। जनप्रतिनिधि को यहां के लोगों के लिए भी वोट लेने के बाद आवाज उठानी चाहिए।
-हनुमान क्षेत्रवासी।
नेताजी कॉलोनी के पास शहर का सेक्टर 13 बना है। सेक्टर के अंदर भी जनसुविधाएं कम हैं, लेकिन कॉलोनी के अंदर तो अभी तक गलियां ही कच्ची पड़ी हैं। सीवर और पानी की लाइनों की बात तो बहुत दूर है। नेताजी कॉलोनी के लोग हर चुनावों में मतदान में भी अहम भागेदारी निभा रहे हैं। लेकिन यहां की सुध अब तक किसी ने नहीं ली है। हमारी मांग है कि नेताजी कॉलोनी में भी लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिले।
-सतीश सांगवान क्षेत्रवासी।
शहर में कई ऐसे इलाके हैं, जहां दो दशक बाद भी जनसुविधाएं नहीं है। इसमें नेताजी नगर भी शामिल है। यहां की कच्ची गलियां और बहाली को देखकर हर कोई दूर रहने का प्रयास करता है। बारिश के बाद तो यहां कच्चे रास्ते पर फिसलन और कीचड़ फैला रहता है। जिससे पैदल आने जाने वालों के साथ भी गिरने का अंदेशा बना रहता है। रात के समय यहां कोई भी स्ट्रीट लाइट तक नहीं है। जबकि शहरी वार्ड का हिस्सा है। लेकिन शहर में होने पर भी यहां के लोगों से जनसुविधाओं में भेदभाव हो रहा है।
-वीरेंद्र कुमार क्षेत्रवासी।
विज्ञापन
शहर के पॉश इलाका सेक्टर से सटा नेताजी नगर में करीब दो दशक से लोगों की आबादी आबाद होती आ रही है। यहां लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर मकान तो बना लिए हैं, लेकिन यहां की कच्ची गलियां, सीवर और पानी की लाइनों के नहीं होने से लोग सुविधाओं के लिए ही तरस रहे हैं। बारिश के दौरान तो यहां की फिसलन भरी डगर से आने जाने का रास्ता भी नहीं बचता है।
विज्ञापन
नेताजी कॉलोनी में करीब पांच हजार से अधिक लोगों की आबादी है। यहां के लोग प्रशासन और शासन से लेकर हर जगह जनसुविधाओं की मांग कर चुके हैं। हालत यह है कि ये कॉलोनी आबाद होने के बाद से ही शहर से कटी हुई है, जबकि ठीक इसके पास शहर का पॉश इलाका सेक्टर 13 बना है।
विज्ञापन
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कॉलोनी का नाम तो नेताजी रख दिया, लेकिन यहां हालात फकीरों से भी बदतर हैं। क्योंकि सुविधाओं के मामले में ये कॉलोनी कंगाल है। पीने का पानी भी यहां टैंकरों से आता है, जिसकी वजह से लोग यहां खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं।
नेताजी कॉलोनी में कोई भी जनसुविधा नहीं है। कॉलोनी का मुख्य रास्ता भी कच्चा पड़ा है। बारिश के बाद तो यहां पानी जमा हो जाता है। इससे फिसलन और कीचड़ फैल जाता है। पैदल आने-जाने में भी परेशानी होती है। स्ट्रीट लाइट, सीवर लाइन और पानी की लाइनों की कोई व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में ये कॉलोनी शहरी हिस्सा होने के बावजूद जनसुविधाओं से काफी दूर है। शहर में 20 साल पुरानी कॉलोनी के अंदर जनसुविधाएं मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी बनती है।
-योगेश कुमार क्षेत्रवासी।
पिछले चार योजनाओं में नेताजी कॉलोनी के लोगों ने सरकार चुनकर दी है, लेकिन इस अवधि के दौरान किसी भी सरकार में यहां के लोगों के लिए जनसुविधाएं नहीं जुटी है। आज भी लोग यहां गांवों से भी बदतर हालातों में रह रहे हैं। चुनाव के दौरान तो नेताजी नगर में नेता वोट मांगने आते हैं, फिर यहां कोई नहीं दिखता। जनप्रतिनिधि को यहां के लोगों के लिए भी वोट लेने के बाद आवाज उठानी चाहिए।
-हनुमान क्षेत्रवासी।
नेताजी कॉलोनी के पास शहर का सेक्टर 13 बना है। सेक्टर के अंदर भी जनसुविधाएं कम हैं, लेकिन कॉलोनी के अंदर तो अभी तक गलियां ही कच्ची पड़ी हैं। सीवर और पानी की लाइनों की बात तो बहुत दूर है। नेताजी कॉलोनी के लोग हर चुनावों में मतदान में भी अहम भागेदारी निभा रहे हैं। लेकिन यहां की सुध अब तक किसी ने नहीं ली है। हमारी मांग है कि नेताजी कॉलोनी में भी लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिले।
-सतीश सांगवान क्षेत्रवासी।
शहर में कई ऐसे इलाके हैं, जहां दो दशक बाद भी जनसुविधाएं नहीं है। इसमें नेताजी नगर भी शामिल है। यहां की कच्ची गलियां और बहाली को देखकर हर कोई दूर रहने का प्रयास करता है। बारिश के बाद तो यहां कच्चे रास्ते पर फिसलन और कीचड़ फैला रहता है। जिससे पैदल आने जाने वालों के साथ भी गिरने का अंदेशा बना रहता है। रात के समय यहां कोई भी स्ट्रीट लाइट तक नहीं है। जबकि शहरी वार्ड का हिस्सा है। लेकिन शहर में होने पर भी यहां के लोगों से जनसुविधाओं में भेदभाव हो रहा है।
-वीरेंद्र कुमार क्षेत्रवासी।