{"_id":"6021974d8ebc3ed270316546","slug":"nagar-parishad-cleaning-of-city-tender-bhiwani-news-rtk594456094","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ साल बाद फिर शहर के पांच वार्डों की सफाई का ठेका देने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ साल बाद फिर शहर के पांच वार्डों की सफाई का ठेका देने की तैयारी
विज्ञापन
भिवानी। पिछले डेढ़ साल से गंदगी से परेशान शहर की आउटर कॉलोनियों में अब फिर से सफाई होगी। डेढ़ साल पहले खत्म हुए सफाई ठेके को नगर परिषद ने दोबारा से करने की तैयारी कर ली है। इस बार इकट्ठा पांच वार्डों की बजाए दो ग्रुपों में दिया जाएगा। एक ग्रुप में तीन और दूसरे ग्रुप में दो वार्ड शामिल होंगे। सफाई का टेंडर होने से पांच वार्डों की दो दर्जन के करीब कॉलोनियों को फायदा होगा। नगर परिषद ने टेंडर आमंत्रित कर लिए है और 20 फरवरी को टेंडर खोले जाएंगे।
नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की कमी है। फिलहाल 180 के करीब नियमित सफाई कर्मचारी है और कुछ ठेके पर है। नियमित कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे है।
नगर परिषद ने शहर की व्यवस्था बनाने के लिए करीब तीन साल पहले शहर के पांच वार्डों खासकर आउटर की कॉलोनियों की सफाई का ठेका दिया था। जिसके बाद सफाई व्यवस्था पटरी पर नजर आई। करीब डेढ़ साल पहले यह सफाई का ठेका खत्म हो चुका है। जिसके बाद से इन वार्डों की कॉलोनियों की सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। शहर की अनेक कॉलोनियों में कचरे के ढ़ेर लगे है। शहर की बाहरी कुछ कॉलोनियों के लोग तो कचरे के विरोध में नारेबाजी कर रोष भी जता चुके है। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब नप ने अनुमति मिलने के बाद दो ग्रुपों में इन पांच वार्डों की सफाई के टेंडर आमंत्रित किए है। एक ग्रुप में 16, 17 व 18 नंबर वार्ड की कॉलोनियां होंगी और दूसरे ग्रुप में 19 और 20 नंबर वार्ड की। तीन वार्डों वालों ग्रुप की सफाई पर औसतन साढ़े चार लाख मासिक और दो वार्डों वाले ग्रुप पर तीन लाख रुपये मासिक तक का खर्च का अनुमान है।
विज्ञापन
नप ने भी काफी किए प्रयास, नहीं मिलती अनुमति
नगर परिषद के अधिकारी और पदाधिकारियों ने टेंडर करवाने के काफी प्रयास किए मगर मुख्यालय से रोक लगती रही। कभी बजट ज्यादा होने के कारण तो कभी अन्य कारणों से। इस कारण नप अधिकारियों के साथ-साथ आमजन को भी खासी परेशानी उठानी पड़ी।
कचरे के उठान के अलावा होगा डोर-टू डोर कलेक्शन
सफाई ठेके में कॉलोनियों की सफाई के साथ-साथ डंप प्वाइंट से कचरा उठान के अलावा डोर-टू डोर कचरे का गीला और सूखा अलग-अलग कलेक्शन भी शामिल रहेगा। सारे कचरे को दादरी रोड पर बने मुख्य डंप प्वाइंट तक पहुंचाने की जिम्मेवारी भी ठेकेदार की ही रहेगी।
स्वच्छता रैंकिंग में होगा सुधार
20 फरवरी को टेंडर खोले जाएंगे। जिसके बाद वर्कऑर्डर देकर सफाई का ठेका दिया जाएगा। वहीं 24 फरवरी के बाद कभी भी स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के लिए केंद्रीय टीम भी आ सकती है। ऐसे में अगर ठेका प्रक्रिया पहले हो जाती है तो स्वच्छता सर्वेक्षण में फायदा मिलेगा।
वर्जन-
शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए सफाई पर विशेष फोकस है। इसी कड़ी में शहर के पांच वार्डों के टेंडर आमंत्रित किए गए है। जल्द ही शहर में बेहतर सफाई व्यवस्था बनाई जाएगी।
रण सिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद
पांच वार्डों की सफाई ठेके पर देने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए है। नगर परिषद के पास नियमित सफाई कर्मचारियों की कमी है, जिस कारण ठेका दिया जा रहा है। नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी पुराने शहर में सफाई के िलए लगाई हुई है।
संजय यादव, कार्यकारी अधिकारी
विज्ञापन
नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की कमी है। फिलहाल 180 के करीब नियमित सफाई कर्मचारी है और कुछ ठेके पर है। नियमित कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे है।
विज्ञापन
नगर परिषद ने शहर की व्यवस्था बनाने के लिए करीब तीन साल पहले शहर के पांच वार्डों खासकर आउटर की कॉलोनियों की सफाई का ठेका दिया था। जिसके बाद सफाई व्यवस्था पटरी पर नजर आई। करीब डेढ़ साल पहले यह सफाई का ठेका खत्म हो चुका है। जिसके बाद से इन वार्डों की कॉलोनियों की सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। शहर की अनेक कॉलोनियों में कचरे के ढ़ेर लगे है। शहर की बाहरी कुछ कॉलोनियों के लोग तो कचरे के विरोध में नारेबाजी कर रोष भी जता चुके है। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब नप ने अनुमति मिलने के बाद दो ग्रुपों में इन पांच वार्डों की सफाई के टेंडर आमंत्रित किए है। एक ग्रुप में 16, 17 व 18 नंबर वार्ड की कॉलोनियां होंगी और दूसरे ग्रुप में 19 और 20 नंबर वार्ड की। तीन वार्डों वालों ग्रुप की सफाई पर औसतन साढ़े चार लाख मासिक और दो वार्डों वाले ग्रुप पर तीन लाख रुपये मासिक तक का खर्च का अनुमान है।
विज्ञापन
नप ने भी काफी किए प्रयास, नहीं मिलती अनुमति
नगर परिषद के अधिकारी और पदाधिकारियों ने टेंडर करवाने के काफी प्रयास किए मगर मुख्यालय से रोक लगती रही। कभी बजट ज्यादा होने के कारण तो कभी अन्य कारणों से। इस कारण नप अधिकारियों के साथ-साथ आमजन को भी खासी परेशानी उठानी पड़ी।
कचरे के उठान के अलावा होगा डोर-टू डोर कलेक्शन
सफाई ठेके में कॉलोनियों की सफाई के साथ-साथ डंप प्वाइंट से कचरा उठान के अलावा डोर-टू डोर कचरे का गीला और सूखा अलग-अलग कलेक्शन भी शामिल रहेगा। सारे कचरे को दादरी रोड पर बने मुख्य डंप प्वाइंट तक पहुंचाने की जिम्मेवारी भी ठेकेदार की ही रहेगी।
स्वच्छता रैंकिंग में होगा सुधार
20 फरवरी को टेंडर खोले जाएंगे। जिसके बाद वर्कऑर्डर देकर सफाई का ठेका दिया जाएगा। वहीं 24 फरवरी के बाद कभी भी स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के लिए केंद्रीय टीम भी आ सकती है। ऐसे में अगर ठेका प्रक्रिया पहले हो जाती है तो स्वच्छता सर्वेक्षण में फायदा मिलेगा।
वर्जन-
शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए सफाई पर विशेष फोकस है। इसी कड़ी में शहर के पांच वार्डों के टेंडर आमंत्रित किए गए है। जल्द ही शहर में बेहतर सफाई व्यवस्था बनाई जाएगी।
रण सिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद
पांच वार्डों की सफाई ठेके पर देने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए है। नगर परिषद के पास नियमित सफाई कर्मचारियों की कमी है, जिस कारण ठेका दिया जा रहा है। नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी पुराने शहर में सफाई के िलए लगाई हुई है।
संजय यादव, कार्यकारी अधिकारी