{"_id":"6717d5a2ee624b101c0db919","slug":"murrah-breed-buffalo-of-cattle-farmer-of-golagarh-stood-first-in-all-india-kisan-fair-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-124714-2024-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: गोलागढ़ के पशुपालक की मुर्रा नस्ल की भैंस अखिल भारतीय किसान मेले में रही प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: गोलागढ़ के पशुपालक की मुर्रा नस्ल की भैंस अखिल भारतीय किसान मेले में रही प्रथम
Tue, 22 Oct 2024 10:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 22 Oct 2024 10:11 PM IST
विज्ञापन
जूई। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ उत्तर प्रदेश में 16 से 17 अक्टूबर में अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें गोलागढ़ निवासी महेंद्र सिंह लेघां की मुर्रा नस्ल की भैंस दो दांत कटडी बिना ब्याई ने पूरे भारतवर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं उसकी दूसरी दो दांत से कम मुर्रा भैंस ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
महेंद्र सिंह लेघां को आयोजन कमेटी की तरफ से प्रशस्ति पत्र व ट्राफी देकर सम्मानित किया गया। पशु पालक महेंद्र सिंह लेघां ने बताया कि वर्तमान में पशु पालन घाटे का सौदा नहीं है। किसानी के साथ-साथ वो उत्तम नस्ल मुराह के कटड़े व कटड़ी पाल रहा है। पिछले 12 सालों में उसने बेशकीमती पशु तैयार करके अच्छा मुनाफा कमाया है। लेकिन पशुओं को बच्चों की तरफ पालना पड़ता है। अगर किसान भाई किसानी के साथ साथ उत्तम किस्म के पशु भी रखना शुरू कर दे तो उनकी आमदनी होगी ही साथ में प्रसिद्धि भी अच्छी हो सकती है।
महेंद्र सिंह लेघा की दोनों मुर्रा भैंसों को लाल व नीले रिबन से नवाजा गया। उनकी मुर्रा भैंस द्वारा अर्जित इस उपलब्धि पर गांव में पहुंचने पर एक समान समारोह आयोजित किया गया। इसमें गांव ने 11000 रुपये देकर महेंद्र सिंह लेघां को सम्मानित किया है। इस अवसर पर गांव के सरपंच प्रतिनिधि संदीप कुमार, मनोज गोलागढ़, सुरेश कुमार, दिलबाग सिंह, आजाद सिंह रापड़िया उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
महेंद्र सिंह लेघां को आयोजन कमेटी की तरफ से प्रशस्ति पत्र व ट्राफी देकर सम्मानित किया गया। पशु पालक महेंद्र सिंह लेघां ने बताया कि वर्तमान में पशु पालन घाटे का सौदा नहीं है। किसानी के साथ-साथ वो उत्तम नस्ल मुराह के कटड़े व कटड़ी पाल रहा है। पिछले 12 सालों में उसने बेशकीमती पशु तैयार करके अच्छा मुनाफा कमाया है। लेकिन पशुओं को बच्चों की तरफ पालना पड़ता है। अगर किसान भाई किसानी के साथ साथ उत्तम किस्म के पशु भी रखना शुरू कर दे तो उनकी आमदनी होगी ही साथ में प्रसिद्धि भी अच्छी हो सकती है।
विज्ञापन
महेंद्र सिंह लेघा की दोनों मुर्रा भैंसों को लाल व नीले रिबन से नवाजा गया। उनकी मुर्रा भैंस द्वारा अर्जित इस उपलब्धि पर गांव में पहुंचने पर एक समान समारोह आयोजित किया गया। इसमें गांव ने 11000 रुपये देकर महेंद्र सिंह लेघां को सम्मानित किया है। इस अवसर पर गांव के सरपंच प्रतिनिधि संदीप कुमार, मनोज गोलागढ़, सुरेश कुमार, दिलबाग सिंह, आजाद सिंह रापड़िया उपस्थित थे।
विज्ञापन