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Bhiwani News: लाखों रुपये लगाकर नगर पालिका ने बनाया स्लाॅटर हाउस, अब खिड़की और दरवाजे भी गायब
Tue, 17 Dec 2024 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 17 Dec 2024 12:48 AM IST
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नरेंद्र भाकर
बवानीखेड़ा। कस्बे में हांसी चुंगी के पास नगर पालिका स्लाटर हाउस बनाया था। मगर अब इसकी खिड़की और दरवाजे भी गायब हैं।
दरअसल, लगभग 2003 में नगर पालिका ने लाखों रुपये की लागत से हांसी चुंगी के पास मीट मार्केट के लिए आधा दर्जन दुकानों का निर्माण करवाया था। मवेशियों की डॉक्टरी के लिए एक स्लाटर हाउस का भी निर्माण किया गया था ताकि मवेशी को काटने से पहले अच्छी तरह इसका डॉक्टरी परीक्षण किया जा सके ताकि उसका मीट खाने वाले बीमार नहीं हो।
ज्ञात होगा कि कस्बे में सबसे पहले भिवानी-हांसी मार्ग पर जो बाजार के अंदर से जाता था, वहां मीट की दुकान होती थी। इसको लेकर कस्बा आसपास के ग्रामीणों ने एतराज जताया था। उसके बाद नगर पालिका ने इन्हें वहां से हटाकर सामान्य बस स्टैंड के सामने अपने खोखे लगाकर बेचने की अनुमति दी थी। कुछ साल तक उनका धंधा वहां चलता रहा लेकिन वहां भी लोगों ने विरोध किया गया था।
इसी को लेकर उस समय के नगर पालिका के प्रधान कपूर वाल्मीकि ने हांसी चुंगी के पास खाली पड़े नगर पालिका की जमीन में लाखों रुपये की लागत से लगभग 6 दुकान व स्लाटर हाउस का निर्माण किया गया था।
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दुकानदार सोनू, रमेश, कृष्ण, प्रेम, रमेश ने बताया कि पिछले 20 सालों से उन्होंने यह दुकान नगर पालिका से एक हजार प्रतिमाह किराए के हिसाब से ले रखी है। अपने परिवार के पालन पोषण करने के लिए वे सालों से यह कार्य करते हैं। स्लाटर हाउस निर्माण के बाद लगभग एक महीने तक 10 प्रति मवेशी के हिसाब से रसीद काटी जाती थी। पशु अस्पताल के डॉक्टर यहां आते थे और मवेशियों को चेक करने के बाद ही उनको काटा जाता था। लेकिन धीरे-धीरे यह सब चीज बंद हो गई।
उन्होंने बताया कि अब न तो कोई डॉक्टर आता है न बैठने की जगह है। इसमें लगे दरवाजे, खिड़कियां व ईंटों को अज्ञात उखाड़कर ले गए और शाम ढलते ही इस बिल्डिंग में शौच करने के लिए पहुंच जाते हैं। इन दुकानों में न तो कोई बिजली का कनेक्शन है और न ही पानी की सुविधा।
उन्होंने मांग की है कि रात्रि के दौरान उन्हें बहुत भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्हें बिजली, पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए ताकि उनके परिवार का पालन पोषण अच्छी तरह से हो सके।
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बवानीखेड़ा। कस्बे में हांसी चुंगी के पास नगर पालिका स्लाटर हाउस बनाया था। मगर अब इसकी खिड़की और दरवाजे भी गायब हैं।
दरअसल, लगभग 2003 में नगर पालिका ने लाखों रुपये की लागत से हांसी चुंगी के पास मीट मार्केट के लिए आधा दर्जन दुकानों का निर्माण करवाया था। मवेशियों की डॉक्टरी के लिए एक स्लाटर हाउस का भी निर्माण किया गया था ताकि मवेशी को काटने से पहले अच्छी तरह इसका डॉक्टरी परीक्षण किया जा सके ताकि उसका मीट खाने वाले बीमार नहीं हो।
ज्ञात होगा कि कस्बे में सबसे पहले भिवानी-हांसी मार्ग पर जो बाजार के अंदर से जाता था, वहां मीट की दुकान होती थी। इसको लेकर कस्बा आसपास के ग्रामीणों ने एतराज जताया था। उसके बाद नगर पालिका ने इन्हें वहां से हटाकर सामान्य बस स्टैंड के सामने अपने खोखे लगाकर बेचने की अनुमति दी थी। कुछ साल तक उनका धंधा वहां चलता रहा लेकिन वहां भी लोगों ने विरोध किया गया था।
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इसी को लेकर उस समय के नगर पालिका के प्रधान कपूर वाल्मीकि ने हांसी चुंगी के पास खाली पड़े नगर पालिका की जमीन में लाखों रुपये की लागत से लगभग 6 दुकान व स्लाटर हाउस का निर्माण किया गया था।
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दुकानदार सोनू, रमेश, कृष्ण, प्रेम, रमेश ने बताया कि पिछले 20 सालों से उन्होंने यह दुकान नगर पालिका से एक हजार प्रतिमाह किराए के हिसाब से ले रखी है। अपने परिवार के पालन पोषण करने के लिए वे सालों से यह कार्य करते हैं। स्लाटर हाउस निर्माण के बाद लगभग एक महीने तक 10 प्रति मवेशी के हिसाब से रसीद काटी जाती थी। पशु अस्पताल के डॉक्टर यहां आते थे और मवेशियों को चेक करने के बाद ही उनको काटा जाता था। लेकिन धीरे-धीरे यह सब चीज बंद हो गई।
उन्होंने बताया कि अब न तो कोई डॉक्टर आता है न बैठने की जगह है। इसमें लगे दरवाजे, खिड़कियां व ईंटों को अज्ञात उखाड़कर ले गए और शाम ढलते ही इस बिल्डिंग में शौच करने के लिए पहुंच जाते हैं। इन दुकानों में न तो कोई बिजली का कनेक्शन है और न ही पानी की सुविधा।
उन्होंने मांग की है कि रात्रि के दौरान उन्हें बहुत भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्हें बिजली, पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए ताकि उनके परिवार का पालन पोषण अच्छी तरह से हो सके।