भिवानी: दो साल नोटिस देने पर नहीं बनी बात, साल के अंतिम दिन धराशाही किए 15 से अधिक मकान और दुकानें
भिवानी के दिनोद रोड जीतुवाला रेलवे फाटक संख्या 52-सी पर बीएंडआर विभाग द्वारा नया रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 18 करोड़ की लागत से मात्र 600 मीटर का सबसे छोटा रेलवे ओवरब्रिज बनना है।
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भिवानी में पिछले दो साल से अवैध निर्माण को खुद ही हटाने को लेकर बीएंडआर विभाग के अधिकारी कब्जाधारियों को नोटिस पर नोटिस देते आ रहे थे, मगर फिर भी कोई अवैध निर्माण टस से मस नहीं हुआ। साल के अंतिम दिन शुक्रवार जेसीबी के साथ भारी पुलिस बल के साथ अधिकारियों व कर्मचारियों का अमला जीतुवाला जोहड़ क्षेत्र में पहुंचा और एक के बाद एक अवैध निर्माण पर पीला पंजा चलाकर कब्जों का अंत कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने अवैध निर्माण तोड़ने का विरोध जताया और कोर्ट के आदेश भी दिखाए, मगर अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी।
दरअसल जीतुवाला जोहड़ पर शहर के सबसे छोटे 600 मीटर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण का काम चल रहा है जिसके आड़े क्षेत्र के कई अवैध निर्माण आ रहे थे, जिन्हें हटाने के लिए शुक्रवार का दिन तय हुआ और टीम मौके पर पहुंच गई।
शहर के दिनोद रोड जीतुवाला रेलवे फाटक संख्या 52-सी पर बीएंडआर विभाग द्वारा नया रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 18 करोड़ की लागत से मात्र 600 मीटर का सबसे छोटा रेलवे ओवरब्रिज बनना है। इसमें कृष्णा कॉलोनी की छोर से लेकर लाइनपार जीतुवाला जोहड़ क्षेत्र तक रेलवे पुल की हद में कई अवैध निर्माण आड़े आ रहे थे। इन निर्माण को हटवाने के लिए दो साल से बीएंडआर विभाग के अधिकारी कब्जाधारियों को नोटिस पर नोटिस देते रहे, मगर कब्जा जमाने वाले कार्रवाई से बचने के लिए कोर्ट की शरण में पहुंच गए। मगर कोर्ट से भी इन लोगों को कोई राहत नहीं मिली।
कोर्ट ने इस मामले में निर्देश तो दिए, मगर कब्जे वाली जगह को लेकर कानूनी दायरे में अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए भी स्वतंत्र कर दिया। जिसके बाद बीएंडआर विभाग के अधिकारियों ने तीन दिन पहले भी अवैध निर्माण हटाने के लिए फाइनल नोटिस दिया और जगह को खाली करने के निर्देश दिए। इसके बाद शुक्रवार सुबह बीएंडआर विभाग के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार, अपनी टीम व पुलिस के लाव लश्कर के साथ मौके पर पहुंच गए। जेसीबी ने यहां करीब 20 से 25 साल पहले बने अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू कर दिया। टीम की कार्रवाई से कई लोग बौखला गए और कई महिलाओं ने भी विरोध किया, मगर मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया और कब्जा तोड़ने की कार्रवाई निरंतर जारी रही। करीब छह घंटे तक टीम ने अवैध निर्माण को तोड़ दिया।
जीतुवाला रेलवे फाटक पर सरकारी मार्किंग के अनुसार सड़क के दोनों तरफ लोगों द्वारा अवैध रूप से निर्माण किए गए थे। सड़क की एक तरफ 15 फुट तो दूसरी तरफ करीब सात फुट तक अवैध निर्माण आड़े आ रहा था। इन लोगों को काफी बार नोटिस दिए जा चुके थे, इन सब में दो साल भी बीत गए, मगर अब खुद विभाग ने ये निर्माण तोड़ने शुरू किए हैं। जगह को खाली कराकर लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू कराया जाएगा। -कृष्ण कुमार, कार्यकारी अभियंता, बीएंडआर विभाग।