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आज से शुरू होगी जिले में मोबाइल एंबुलेंस की सुविधा
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10 फोटो नागरिक अस्पताल परिसर में खड़ी नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट एंबूलेंस बस। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जिला स्वास्थ्य विभाग को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस चार नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट एंबुलेंस बस अब धरातल पर काम करेंगी। इन एंबुलेंस का शुभारंभ प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज शनिवार सुबह करेंगे। इसके बाद एंबुलेंस की सुविधा शुरू की जाएगी। ये मोबाइल एंबुलेंस मोहल्लों, ढाणियों, ईंट भट्टों, मलिन बस्तियों में जाकर स्वास्थ्य की जांच करेंगी। गंभीर रोग से ग्रस्त मरीजों को जिला मुख्यालय पर स्थित नागरिक अस्पताल में रेफर किया जाएगा।
मोबाइल एंबुलेंस बस में बीपी, शुगर, ईसीजी, ऑक्सीजन लेवल, ब्लड, यूरिन, सहित विभिन्न जांच से लेकर वेंटिलेटर तक की सुविधाएं हैं। अब बाहरी क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को इलाज या जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्रों या अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मोबाइल एंबुलेंस में चिकित्सक मरीज के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें टेस्ट और दवा की सुविधा भी उपलब्ध करवाएंगे। संक्रामक रोगों की जांच, खून की जांचें, ईसीजी की सुविधा भी इसमें मिलेगी।
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दो सीएचसी पर तैनात होगी एक एंबुलेंस -
स्वास्थ्य विभाग ने जिले की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की है। जिले में फिलहाल सात सीएचसी है, जिनमें कैरू, मानेहरू, जमालपुर, तोशाम, मिरान, लोहारू और धनाना शामिल हैं। इनमें प्रत्येक दो सीएचसी क्षेत्र में एक एंबुलेंस की सुविधा दी जाएगी, जोकि इस क्षेत्र के दूर-दराज के एरिया में सेवाएं देंगी। इनमें ड्यूटी देने वाले स्टाफ का भी ड्यूटी रोस्टर बनाकर लागू किया जाएगा।
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विशेष टीम का गठन -
मोबाइल मेडिकल यूनिट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष टीम का गठन किया है, जो इसमें मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाएंगे। टीम में एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स, एक लैब टेक्नीशियन और एक वार्ड सर्वेंट की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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प्रत्येक रोगी को उपचार सुविधा देना उद्देश्य -
नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट चलाने का स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाना है, ताकि कोई व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नेशनल हेल्थ मिशन के तहत जिले में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट एंबुलेंस बस शुरू की है। इसके माध्यम से स्लम एरिया के लोगों, ईट-भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिक या बेघर प्रवासियों को चिकित्सीय एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
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गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री करेंगे शुभारंभ : सिविल सर्जन -
जिले में चार नई नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट की एंबुलेंस मिली है। इनका शुभारंभ प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ऑनलाइन करेंगे। इन एंबुलेंस का सबसे अधिक फायदा ग्रामीण क्षेत्र और ढाणियों को होगा। एंबुलेंस के संचालन के लिए चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ सदस्यों की ड्यूटी लगाई है। आधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंस में जांच से लेकर दवा की सुविधा रहेगी। इसमें कई तरह से टेस्ट भी किए जा सकेंगे।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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मोबाइल एंबुलेंस बस में बीपी, शुगर, ईसीजी, ऑक्सीजन लेवल, ब्लड, यूरिन, सहित विभिन्न जांच से लेकर वेंटिलेटर तक की सुविधाएं हैं। अब बाहरी क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को इलाज या जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्रों या अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मोबाइल एंबुलेंस में चिकित्सक मरीज के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें टेस्ट और दवा की सुविधा भी उपलब्ध करवाएंगे। संक्रामक रोगों की जांच, खून की जांचें, ईसीजी की सुविधा भी इसमें मिलेगी।
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दो सीएचसी पर तैनात होगी एक एंबुलेंस -
स्वास्थ्य विभाग ने जिले की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की है। जिले में फिलहाल सात सीएचसी है, जिनमें कैरू, मानेहरू, जमालपुर, तोशाम, मिरान, लोहारू और धनाना शामिल हैं। इनमें प्रत्येक दो सीएचसी क्षेत्र में एक एंबुलेंस की सुविधा दी जाएगी, जोकि इस क्षेत्र के दूर-दराज के एरिया में सेवाएं देंगी। इनमें ड्यूटी देने वाले स्टाफ का भी ड्यूटी रोस्टर बनाकर लागू किया जाएगा।
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विशेष टीम का गठन -
मोबाइल मेडिकल यूनिट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष टीम का गठन किया है, जो इसमें मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाएंगे। टीम में एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स, एक लैब टेक्नीशियन और एक वार्ड सर्वेंट की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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प्रत्येक रोगी को उपचार सुविधा देना उद्देश्य -
नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट चलाने का स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाना है, ताकि कोई व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नेशनल हेल्थ मिशन के तहत जिले में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट एंबुलेंस बस शुरू की है। इसके माध्यम से स्लम एरिया के लोगों, ईट-भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिक या बेघर प्रवासियों को चिकित्सीय एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
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गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री करेंगे शुभारंभ : सिविल सर्जन -
जिले में चार नई नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट की एंबुलेंस मिली है। इनका शुभारंभ प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ऑनलाइन करेंगे। इन एंबुलेंस का सबसे अधिक फायदा ग्रामीण क्षेत्र और ढाणियों को होगा। एंबुलेंस के संचालन के लिए चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ सदस्यों की ड्यूटी लगाई है। आधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंस में जांच से लेकर दवा की सुविधा रहेगी। इसमें कई तरह से टेस्ट भी किए जा सकेंगे।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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