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Bhiwani News: विधायक का पैतृक गांव बलियाली मूलभूत सुविधाओं से दूर, विकास से अछूता

Sat, 11 May 2024 01:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sat, 11 May 2024 01:33 PM IST
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MLA's native village Baliali is away from basic facilities
​भिवानी के गांव बलियाली से तोशाम का  खस्ताहाल मार्ग।
भिवानी। जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर गांव बलियाली। बलियाली भिवानी से मौजूदा विधायक घनश्याम सर्राफ का पैतृक गांव है। विधायक का गांव होते हुए भी बलियाली गांव में पीएचसी व सड़क मार्गों जैसी सुविधाएं तो मिलीं। लेकिन साफ सफाई व पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की आज भी ग्रामीण तरस रहे हैं।
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बलियाली में नौ हजार के करीब मतदाता व 14 हजार के आसपास गांव की जनसंख्या है। गांव में 60 फीसदी पुरुष तो 40 फीसदी महिला मतदाता हैं। बलियाली को आदर्श गांव का भी दर्जा प्राप्त है। वहीं अब महाग्राम योजना में भी शामिल किया गया है। इसके बावजूद भी सफाई व्यवस्था चरमराई है तो गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।
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ग्रामीणों को पीने के पानी की सप्लाई छह से सात दिन के अंतराल में मिल रही है। गांव को अतिरिक्त पानी की सप्लाई के लिए गांव की जनसंख्या के हिसाब से जलघर में पानी के टैंकों की भी जरूरत है। चरमराई सफाई व्यवस्था को ठीक करने व कूड़े के उठान के लिए ट्रैक्टरों की भी जरूरत है। जिला मुख्यालय से रोडवेज की सर्विस भी एक-एक घंटे के अंतराल में मिल रही है।
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बैठकों में चुनावी चर्चा करते हुए युवा मतदाता कहते हैं कि विधायक का गांव होते हुए भी युवाओं को रोजगार की कमी है। दस सालों में गांव के युवाओं को रोजगार तो मिले हैं, लेकिन गांव की जनसंख्या के अनुरूप रोजगार मुहैया नहीं हुए है। गांव में काफी जगहों पर नालियां ओवरफ्लो होकर गांव की गलियों में पानी बह रहा है। शहर आने जाने के लिए भी एक-एक घंटे के अंतराल में बसों की सर्विस है। दिन में सिर्फ पांच घंटे ही बिजली मिल रही है।

गांव में नहीं हुए सांसद के दर्शन : ग्रामीण
गांव बलियाली के ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में सांसद निधि से कोई भी बड़ी योजना या काम नहीं हुआ है। वहीं गांव में सांसद के दर्शन भी ग्रामीणों को नहीं हुए हैं। अब चुनाव का दौर है तो नेताओं का आना जाना लगा है। ऐसे में ग्रामीण भी चुनावी मुद्दों पर राजनेताओं के सामने अपनी बात रख रहे हैं। ग्रामीण युवाओं का कहना है कि देश का विकास का दम भरने वाले नेता गांव की सुध भी लें, क्योंकि गांव से ही देश की समृद्धि संभव है।


गांव में कोई बड़ी परियोजना तो नहीं आई है। लेकिन पीएचसी व सड़क मार्गों का निर्माण हुआ है। कूड़े के उठान के लिए गांव में ट्रैक्टरों की जरूरत है। वहीं पानी की सफाई के लिए सरकार से रैपिड फिल्टर की भी मांग है। - सचिन सरदाना, सरपंच बलियाली।
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