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250 दुग्ध समितियों का नहीं हुआ 38 करोड़ का भुगतान
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चिलिंग प्लांट में भुगतान न होने से गुस्साए दुग्ध समितियों के संचालक रोष जताते हुए। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। मिनी चिलिंग प्लांट में एक बार फिर दुग्ध समितियों के 38 करोड़ के भुगतान को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। वीरवार को दुग्ध समिति संचालकों ने चिलिंग प्लांट में विरोध प्रदर्शन किया और कृषि मंत्री एवं सहकारिता मंत्री को भी मांग पत्र भेजा। संचालकों ने कहा कि हांसी रोड स्थित चिलिंग प्लांट से भिवानी व चरखी दादरी जिले की करीब 250 दुग्ध समितियां जुड़ी हैं। प्रत्येक दुग्ध समिति से करीब 70 से 80 दुग्ध उत्पादक किसान जुड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि पिछले 82 दिनों से दुग्ध समिति (बीएमसी) का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं वर्ष 2020 की सीएम प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिली है। संचालकों ने भुगतान न होने की वजह से दुग्ध संघ रोहतक के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।
हांसी रोड स्थित चिलिंग प्लांट से जुड़ी दुग्ध समितियों के संचालक एवं दुग्ध समिति संघ के प्रधान मुकेश व उपप्रधान राजेश डाडमा ने बताया कि दुग्ध उत्पादक किसानों की राशि व सीएम प्रोत्साहन राशि का भुगतान 82 दिनों से अटका हुआ है। पहले प्रत्येक बीएमसी के खाते में दस दिन के अंतराल में भुगतान की राशि पहुंच जाती थी। मगर एक फरवरी से 20 अप्रैल तक दुग्ध उत्पादक किसानों का पैसा बीएमसी के खाते में नहीं डला है। इसी तरह 2020 की सीएम प्रोत्साहन राशि भी दुग्ध उत्पादक किसानों को नहीं मिली है। सीएम ने दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रति लीटर पांच रुपये प्रोत्साहन राशि दिए जाने की घोषणा की हुई है। भिवानी व चरखी दादरी जिले की करीब 250 दुग्ध समितियों से करीब साढ़े 17 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान जुड़े हैं और बीएमसी को दूध की सप्लाई देते हैं। जबकि बीएमसी चिलिंग प्लांट के माध्यम से रोहतक के मिल्क प्लांट को दूध की आपूर्ति करा रहा है। मिल्क प्लांट से भी खरीदा गए दूध की राशि का भुगतान बीएमसी के खातों के माध्यम से ही दुग्ध उत्पादक किसानों को किया जाता है।
राजेश डाडमा व मुकेश ने बताया कि पिछले 82 दिनों का करीब 38 करोड़ रुपयों का भुगतान बाकी है। जिस वजह से दुग्ध उत्पादकों के सामने भी पशुओं को चारा व दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशु पोषाहार खरीद में परेशानी आ रही है। अगर जल्द ही उनका भुगतान नहीं हुआ तो चिलिंग प्लांट तक दूध की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। इस मौके पर सचिव संदीप, पूर्व प्रधान सुरेंद्र खरकड़ी, राजेश ढाणीमाहू, जगवंती, रेखा देवी, मुकेश, सुमन कुमारी, राजेश कुमार, जगबीर, अनीता, प्रियंका दुग्ध उत्पादक ने भी भुगतान की मांग उठाई।
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हांसी रोड स्थित चिलिंग प्लांट से जुड़ी दुग्ध समितियों के संचालक एवं दुग्ध समिति संघ के प्रधान मुकेश व उपप्रधान राजेश डाडमा ने बताया कि दुग्ध उत्पादक किसानों की राशि व सीएम प्रोत्साहन राशि का भुगतान 82 दिनों से अटका हुआ है। पहले प्रत्येक बीएमसी के खाते में दस दिन के अंतराल में भुगतान की राशि पहुंच जाती थी। मगर एक फरवरी से 20 अप्रैल तक दुग्ध उत्पादक किसानों का पैसा बीएमसी के खाते में नहीं डला है। इसी तरह 2020 की सीएम प्रोत्साहन राशि भी दुग्ध उत्पादक किसानों को नहीं मिली है। सीएम ने दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रति लीटर पांच रुपये प्रोत्साहन राशि दिए जाने की घोषणा की हुई है। भिवानी व चरखी दादरी जिले की करीब 250 दुग्ध समितियों से करीब साढ़े 17 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान जुड़े हैं और बीएमसी को दूध की सप्लाई देते हैं। जबकि बीएमसी चिलिंग प्लांट के माध्यम से रोहतक के मिल्क प्लांट को दूध की आपूर्ति करा रहा है। मिल्क प्लांट से भी खरीदा गए दूध की राशि का भुगतान बीएमसी के खातों के माध्यम से ही दुग्ध उत्पादक किसानों को किया जाता है।
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राजेश डाडमा व मुकेश ने बताया कि पिछले 82 दिनों का करीब 38 करोड़ रुपयों का भुगतान बाकी है। जिस वजह से दुग्ध उत्पादकों के सामने भी पशुओं को चारा व दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशु पोषाहार खरीद में परेशानी आ रही है। अगर जल्द ही उनका भुगतान नहीं हुआ तो चिलिंग प्लांट तक दूध की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। इस मौके पर सचिव संदीप, पूर्व प्रधान सुरेंद्र खरकड़ी, राजेश ढाणीमाहू, जगवंती, रेखा देवी, मुकेश, सुमन कुमारी, राजेश कुमार, जगबीर, अनीता, प्रियंका दुग्ध उत्पादक ने भी भुगतान की मांग उठाई।
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