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रोमानिया, पोलैंड और हंगरी पहुंचे मेडिकल स्टूडेंट, आज उड़ान की उम्मीद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2022 12:34 AM IST
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Medical students arrived in Romania, Poland and Hungary, expected to fly today
अपने साथियों के साथ मनीष रंगा। फोटो मनीष के सौजन्य से - फोटो : Bhiwani
भिवानी। यूक्रेन में बिगड़े हालातों के चलते भारतीय मेडिकल स्टूडेंट ने पड़ोसी देशों में शरण लेनी शुरू की हुई है। अधिकतर मेडिकल स्टूडेंट रोमानिया, पोलैंड और हंगरी में पहुंच गए हैं। वहीं कुछ रूसी सीमा के लगते गांव के सेफ होम में बैठे रहे। मेडिकल स्टूडेंट के लिए स्कूल और खेल आवास को शेल्टर होम बनाकर रहने की व्यवस्था की हुई है। उन्हें तीनों समय का खाना फ्री दिया जा रहा है और कई जगह तो परिजनों से बातचीत करने के लिए सिम कार्ड भी उपलब्ध करवाए हुए हैं।
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ठहरने की व्यवस्था बेहतर, फ्लाइट का इंतजार : नेहा
आजाद नगर निवासी नेहा ने बताया कि वह यूक्रेन के शहर विनितसिया से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। यूक्रेन में लगातार हुई बमबारी के चलते हर कोई भयभीत था। काफी प्रयत्न के बाद वह अन्य मेडिकल स्टूडेंट के साथ बस से रोमानिया आई है। रोमानिया में वे एक स्कूल में बनाए शेल्टर होम में ठहरे हुए हैं, जहां स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों की ओर काफी बेहतरीन व्यवस्थाएं की हुई हैं। नेहा ने बताया कि उन्हें सुबह नाश्ता, दोपहर और शाम का भोजन निशुल्क दिया जा रहा है। एक कमरे में पहले 16 स्टूडेंट ठहरे हुए थे, लेकिन अब अधिक विद्यार्थी होने की वजह से एक कक्षा में 18 स्टूडेंट के ठहरने की व्यवस्था की है। भारत लौटने वालों की संख्या अधिक होने के कारण फ्लाइट निश्चित नहीं हो पा रही है। मगर उम्मीद है कि वीरवार रात की फ्लाइट में वे नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगी।
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जगह मिली तो नई दिल्ली के लिए जल्द रवाना होंगे : मनीष रंगा
जिले के गांव लालावास निवासी वेदपाल रंगा ने बताया वे सीआरपीएफ में डिप्टी कमांडेंट की पोस्ट पर तैनात हैं। वेदपाल रंगा ने बताया कि उनका बेटा मनीष रंगा यूक्रेन के शहर कीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। यूक्रेन में हालात बिगड़ने पर मनीष रंगा ट्रेन के माध्यम से कीव शहर से ल्वीव पहुंचे, जहां से बस में सवार होकर हंगरी के बुडापोस्ट के सेफ हाउस में पहुंचे हैं। मनीष ने बताया कि उन्हें तीनों समय का खाना सेफ हाउस प्रशासन की तरफ से दिया जा रहा है। सेफ हाउस में लगातार ही मेडिकल स्टूडेंट की संख्या बढ़ रही है। उम्मीद है कि वीरवार रात की फ्लाइट में उनके आने की व्यवस्था हो जाए। मनीष ने बताया कि वे अपने पिता वेदपाल रंगा और मां सुनीता से लगातार फोन पर बातचीत के प्रयास करते हैं, मगर नेटवर्क की दिक्कत होने की वजह से अधिक देर बातचीत नहीं हो पाती।
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बस में पोलैंड पहुंचेंगी जसिका
लोहड़ बाजार घाटी जेलदार निवासी राणा दुष्यंत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी जसिका राणा यूक्रेन के शहर खारकीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। अचानक से खारकीव में हुई बमबारी वजह से वहां पर हालात बिगड़ गए हैं, जिसको लेकर दूतावास ने इस मामले पर संज्ञान लिया। दूतावास के निर्देश पर जसिका राणा अन्य मेडिकल स्टूडेंट के साथ ट्रेन में पोलैंड के लिए रवाना हुई, जहां बीच में उन्होंने ट्रेन बदलकर बस में सफर शुरू किया है। वीरवार देर रात वह जसिका पोलैंड एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। इसके बाद आगामी फ्लाइट में उसके दिल्ली आने की उम्मीद है।
आज की फ्लाइट में जगह मिली तो लौटेंगे वतन : चिराग महता
तोशाम। भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्की महता का बेटा चिराग यूक्रेन से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। चिराग महता ने बताया कि वे पिछले चार दिन से रोमानिया बॉर्डर पर ठहरे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और दूतावास ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शेल्टर होम बनाया हुआ है। वीरवार को 180 मेडिकल स्टूडेंट ने नई दिल्ली के लिए फ्लाइट में उड़ान भरी है। शेल्टर होम में तीनों समय का खाना फ्री दिया जा रहा है। मगर अधिक विद्यार्थी होने की वजह से खाना ठंडा ही मिल पा रहा है। परिजनों से बातचीत करने के लिए स्थानीय प्रशासन और दूतावास की ओर से सभी को सिम कार्ड उपलब्ध करवाएं हुए हैं। उम्मीद है शुक्रवार की फ्लाइट में वे भी वतन लौट आएं। वहीं देवराला निवासी कुलदीप यूक्रेन में हालात बिगड़ने से पहली ही वतन लौट आया था। कुलदीप ने बताया कि अभी 13 मार्च तक यूनिवर्सिटी की छुट्टी है।

नैना सिंह को दो-तीन दिन में मिलेगी फ्लाइट
सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह यूक्रेन के शहर पोलतावा से हंगरी के शहर बुडापेस्ट तक बस में पहुंची है। उन्हें फिलहाल शेल्टर होम में ठहराया गया है, जहां खाने-पीने की उचित व्यवस्था है। नैना सिंह ने बताया कि अधिक विद्यार्थी होने की वजह से अभी फ्लाइट निश्चित नहीं है। उम्मीद है आगामी दो-तीन दिन में उन्हें फ्लाइट मिल जाए।
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