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शहीद लांस नायक सतीश माई कलां को मिला शौर्य चक्र
भिवानी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jan 2016 12:25 AM IST
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बाढड़ा। गत 5 दिसंबर को कुपवाड़ा में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए एक आतंकवादी को मौत के घाट उतारने वाले आरआर के जवान लांस नायक सतीश कुमार माईकलां को केंद्र सरकार शौर्य चक्र से सम्मानित करेगी। राष्ट्रपति शहीद की विरांगना को यह पुरस्कार देंगे।
गांव माईकलां निवासी सेवानिवृत्त निरीक्षक आजाद सिंह के घर 1983 में जन्मे सतीश कुमार गत 5 दिसंबर को जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हिंदवाड़ा क्षेत्र में सर्च अभियान के दौरान आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। शहादत से पहले सतीश कुमार ने एक आतंकवादियों को मार गिराया। सरकार ने नायक सतीश कुमार के शौर्यपूर्वक बलिदान को याद करते हुए उनको सेना के शौर्य चक्र से अलंकृत करने का निर्णय लिया है। सतीश कुमार को शौर्य चक्र देने के फैसले पर पूर्व सरपंच संदीप गोदारा ने कहा कि उनकी शहादत को देश की युवा बलिदान के तौर पर याद रखेगी।
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टेलीविजन से पता चला: आजाद सिंह
शहीद सतीश कुमार के पिता आजाद सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पहले सेना की आरआर बटालियन के कमांडर का उनके पास सम्मान देने के लिए जानकारी आई थी और आज उनको अभी टेलीविजन से ही पता चला है कि सतीश को उनके बलिदान के लिए सेना के दूसरे सर्वोच्च सम्मान के रुप में शौर्य चक्र से सम्मानित करने का पता चला है। वे अपने बेटे के त्याग व बलिदान के लिए गौरवान्वित हैं।
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गांव माईकलां निवासी सेवानिवृत्त निरीक्षक आजाद सिंह के घर 1983 में जन्मे सतीश कुमार गत 5 दिसंबर को जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हिंदवाड़ा क्षेत्र में सर्च अभियान के दौरान आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। शहादत से पहले सतीश कुमार ने एक आतंकवादियों को मार गिराया। सरकार ने नायक सतीश कुमार के शौर्यपूर्वक बलिदान को याद करते हुए उनको सेना के शौर्य चक्र से अलंकृत करने का निर्णय लिया है। सतीश कुमार को शौर्य चक्र देने के फैसले पर पूर्व सरपंच संदीप गोदारा ने कहा कि उनकी शहादत को देश की युवा बलिदान के तौर पर याद रखेगी।
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टेलीविजन से पता चला: आजाद सिंह
शहीद सतीश कुमार के पिता आजाद सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पहले सेना की आरआर बटालियन के कमांडर का उनके पास सम्मान देने के लिए जानकारी आई थी और आज उनको अभी टेलीविजन से ही पता चला है कि सतीश को उनके बलिदान के लिए सेना के दूसरे सर्वोच्च सम्मान के रुप में शौर्य चक्र से सम्मानित करने का पता चला है। वे अपने बेटे के त्याग व बलिदान के लिए गौरवान्वित हैं।
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