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Bhiwani News: गर्मी में घरों में करें मच्छरों से बचाव का प्रबंध
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शहर का मेडिकल कॉलेज। संवाद
भिवानी। गर्मी के मौसम में चल रही गर्म हवा व धूल भरी आंधी के कारण त्वचा पर संक्रमण बढ़ रहा है। इसके अलावा मच्छर के काटने से भी लोगों को संक्रमण की समस्या आ रही है। इस कारण त्वचा संक्रमण से बचने के लिए घरों में मच्छरों से बचाव का प्रबंध करें। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में भी प्रतिदिन स्कैबीज, एलर्जी, शरीर पर खुजली के मरीज आ रहे हैं।
ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 75 मरीज आ रहे हैं, जो त्वचा संक्रमण से ग्रस्त हैं। इसके अलावा शहर के निजी अस्पतालों में भी इस तरह के मरीज आ रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है। रविवार को भी अधिकतम तापमान 41.1 व न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दोपहर के समय गर्म हवा के साथ आ रहे पसीने के कारण लोगों के शरीर पर संक्रमण बनने का खतरा बढ़ रहा है। चिकित्सक भी मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सक के अनुसार ऐसे मौसम में शरीर की साफ-सफाई जरूर रखें। धूप से बचने के लिए शरीर को ढंक कर रखें। अगर संभव हो तो दोपहर के समय बाहर न घूमें। गर्मी में पानी की कमी से बचने के लिए पानी व ओआरएस का घोल पीते रहें। मच्छरों के काटने वाली जगह पर तेल लगा लें। इसके अलावा घरों पर ऐसा प्रबंध करें कि मच्छर न पनप पाएं। विशेष रूप से बच्चों को मच्छरों से दूर रखें।
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संक्रमण का कारण:
मच्छर मुख्य रूप से त्वचा पर अपनी चुभन छोड़ते हैं, जिससे शरीर में रिएक्शन होता है। यह रिएक्शन कई बार छोटे छाले या फफोले के रूप में विकसित हो सकता है। यदि व्यक्ति बार-बार त्वचा को खुजलाता है, तो इससे बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है, जो संक्रमण का कारण बनता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर मच्छर के काटने के बाद घाव पर लगी गंदगी या संक्रमण का उपचार न किया जाए, तो वह घाव बढ़ सकता है और पूरे शरीर में फैल सकता है।
-- -- -- -- -- -- -त्वचा पर किसी भी प्रकार का संक्रमण होने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श कर उपचार शुरू करें। अपनी मर्जी के किसी भी प्रकार का नुस्खा प्रयोग न करें। गर्मी का मौसम बढ़ रहा है। ऐसे में शरीर की साफ-सफाई रखें। विशेष रूप से बच्चों को ऐसे स्थान से दूर रखें। जहां मच्छर काटने की संभावना ज्यादा हो। इसके अलावा घरों पर भी मच्छरों से बचाव का प्रबंध करें।
-- -डॉ. यतिन गुप्ता, फिजिशिएन, मेडिकल कॉलेज, भिवानी।
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ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 75 मरीज आ रहे हैं, जो त्वचा संक्रमण से ग्रस्त हैं। इसके अलावा शहर के निजी अस्पतालों में भी इस तरह के मरीज आ रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है। रविवार को भी अधिकतम तापमान 41.1 व न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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दोपहर के समय गर्म हवा के साथ आ रहे पसीने के कारण लोगों के शरीर पर संक्रमण बनने का खतरा बढ़ रहा है। चिकित्सक भी मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सक के अनुसार ऐसे मौसम में शरीर की साफ-सफाई जरूर रखें। धूप से बचने के लिए शरीर को ढंक कर रखें। अगर संभव हो तो दोपहर के समय बाहर न घूमें। गर्मी में पानी की कमी से बचने के लिए पानी व ओआरएस का घोल पीते रहें। मच्छरों के काटने वाली जगह पर तेल लगा लें। इसके अलावा घरों पर ऐसा प्रबंध करें कि मच्छर न पनप पाएं। विशेष रूप से बच्चों को मच्छरों से दूर रखें।
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संक्रमण का कारण:
मच्छर मुख्य रूप से त्वचा पर अपनी चुभन छोड़ते हैं, जिससे शरीर में रिएक्शन होता है। यह रिएक्शन कई बार छोटे छाले या फफोले के रूप में विकसित हो सकता है। यदि व्यक्ति बार-बार त्वचा को खुजलाता है, तो इससे बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है, जो संक्रमण का कारण बनता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर मच्छर के काटने के बाद घाव पर लगी गंदगी या संक्रमण का उपचार न किया जाए, तो वह घाव बढ़ सकता है और पूरे शरीर में फैल सकता है।