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Bhiwani News: कनीना स्कूल बस हादसे के बाद लोहारू प्रशासन भी सख्त
Tue, 16 Apr 2024 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 16 Apr 2024 01:40 AM IST
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लोहारू। कनीना में हुए स्कूल बस के हादसे के बाद लोहारू प्रशासन भी सख्त हो गया है। सोमवार को एसडीएम अमित कुमार ने लघु सचिवालय परिसर में निजी स्कूल संचालकों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एसडीएम अमित कुमार ने सभी स्कूल संचालक सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों की पालना करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल संचालक अपने-अपने स्कूल के वाहनों में सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के सभी नियमों की पालना करें। सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूली वाहनों के लिए सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी सरकार द्वारा बनाई गई है। इसके तहत बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूली वाहनों में जरूरी उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि स्कूलों की बस का रंग पीला होना चाहिए और उसमें नीले रंग की पट्टी में स्कूल का नाम लिखा होता है। बस के अंदर प्राथमिक उपचार बॉक्स और अग्निशमन यंत्र होना जरूरी है। इसके अलावा बस के अंदर किसी भी प्रकार की गतिविधि की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा होना चाहिए। स्कूली वाहन की स्पीड पर कंट्रोल के लिए स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए।
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उन्होंने बताया स्कूल की बस के ड्राइवर का मेडिकल फिटनेस होना जरूरी है और ड्राइवर रखे जाने वाले के लिए 5 साल का अनुभव होना चाहिए। स्कूल की बस के विंडो पर होरिजेंटल ग्रिल हो ताकि कोई बच्चा किसी कारण बस खिड़की से बाहर नहीं गिर सके। स्कूल की बस पर ड्राइवर का नाम उसका मोबाइल नंबर अंकित होना चाहिए । इसके साथ ही ड्राइवर प्रॉपर वर्दी में हो, स्कूल बस चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य लगनी होती है। स्कूली बस की पासिंग और टैक्स भरा हुआ होना चाहिए।
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एसडीएम अमित कुमार ने सभी स्कूल संचालक सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों की पालना करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल संचालक अपने-अपने स्कूल के वाहनों में सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के सभी नियमों की पालना करें। सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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एसडीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूली वाहनों के लिए सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी सरकार द्वारा बनाई गई है। इसके तहत बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूली वाहनों में जरूरी उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि स्कूलों की बस का रंग पीला होना चाहिए और उसमें नीले रंग की पट्टी में स्कूल का नाम लिखा होता है। बस के अंदर प्राथमिक उपचार बॉक्स और अग्निशमन यंत्र होना जरूरी है। इसके अलावा बस के अंदर किसी भी प्रकार की गतिविधि की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा होना चाहिए। स्कूली वाहन की स्पीड पर कंट्रोल के लिए स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए।
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उन्होंने बताया स्कूल की बस के ड्राइवर का मेडिकल फिटनेस होना जरूरी है और ड्राइवर रखे जाने वाले के लिए 5 साल का अनुभव होना चाहिए। स्कूल की बस के विंडो पर होरिजेंटल ग्रिल हो ताकि कोई बच्चा किसी कारण बस खिड़की से बाहर नहीं गिर सके। स्कूल की बस पर ड्राइवर का नाम उसका मोबाइल नंबर अंकित होना चाहिए । इसके साथ ही ड्राइवर प्रॉपर वर्दी में हो, स्कूल बस चलाते समय सीट बेल्ट अवश्य लगनी होती है। स्कूली बस की पासिंग और टैक्स भरा हुआ होना चाहिए।