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Bhiwani News: एससी वित्त विकास निगम से ऋण सहायता लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं अनुसूचित जाति के लोग
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भिवानी। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का उद्देश्य अनुसूचित जाति के सदस्यों को विभिन्न योजनाओं के लिए ऋण सहायता उपलब्ध करवाकर उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाना है। ऋण सहायता से योजनाओं के तहत अनेक प्रकार के व्यवसाय कर सकते हैं। यह बात डीसी नरेश नरवाल ने कही।
उन्होंने बताया कि हरियाणा अनुसूचित जाति व वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जाति के सदस्यों के लिए वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 49,000 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 60,000 रुपये तक हो तथा उनका नाम बीपीएल सर्वेक्षण सूची में अंकित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बैंकों के सहयोग से स्वरोजगार के लिए पशुपालन, हथकरघा, किरयाणा की दुकान, कपड़े की दुकान, ऑटो रिक्शा/साइकिल मरम्मत की दुकान, बैंड पार्टी, आटा चक्की, दरी बनाना, चमड़ा और चमड़े के कार्य, फोटोग्राफी और ऑटो रिक्शा के कार्य शुरू करने के लिए 1,50,000 रुपये तक के ऋण सब्सिडी के साथ दिलवाया जाता है।
इसी प्रकार से राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय सहयोग से राज्य के सफाई कर्मियों तथा उनके आश्रित जो किसी प्रकार के सैनीटेशन यानि सफाई कार्य में लगे हुए हैं उनको ऋण मुहैया करवाया जाता है। इसी प्रकार से बैंडबाजा, फोटोग्राफी, ब्यूटीपार्लर, बुटिक, दवाइयों की दुकान, स्टेशनरी, किताबों की दुकान, फर्नीचर अथवा इमारती लकड़ी का कार्य, मुर्गी पालन, आटा चक्की, कंप्यूटर का कार्य, फोटोस्टेट-कम-एसटीडी और ऑटो रिपेयर के लिए दो लाख रुपये तक का ऋण मुहैया करवाया जाता है।
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सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से अनेक ऋण सहायता योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऋण सहायता प्राप्त करके अपना व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। जरूरतमंद लोगों को इन ऋण सहायता योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।
-नरेश नरवाल, उपायुक्त भिवानी।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा अनुसूचित जाति व वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जाति के सदस्यों के लिए वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 49,000 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 60,000 रुपये तक हो तथा उनका नाम बीपीएल सर्वेक्षण सूची में अंकित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बैंकों के सहयोग से स्वरोजगार के लिए पशुपालन, हथकरघा, किरयाणा की दुकान, कपड़े की दुकान, ऑटो रिक्शा/साइकिल मरम्मत की दुकान, बैंड पार्टी, आटा चक्की, दरी बनाना, चमड़ा और चमड़े के कार्य, फोटोग्राफी और ऑटो रिक्शा के कार्य शुरू करने के लिए 1,50,000 रुपये तक के ऋण सब्सिडी के साथ दिलवाया जाता है।
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इसी प्रकार से राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय सहयोग से राज्य के सफाई कर्मियों तथा उनके आश्रित जो किसी प्रकार के सैनीटेशन यानि सफाई कार्य में लगे हुए हैं उनको ऋण मुहैया करवाया जाता है। इसी प्रकार से बैंडबाजा, फोटोग्राफी, ब्यूटीपार्लर, बुटिक, दवाइयों की दुकान, स्टेशनरी, किताबों की दुकान, फर्नीचर अथवा इमारती लकड़ी का कार्य, मुर्गी पालन, आटा चक्की, कंप्यूटर का कार्य, फोटोस्टेट-कम-एसटीडी और ऑटो रिपेयर के लिए दो लाख रुपये तक का ऋण मुहैया करवाया जाता है।
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सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से अनेक ऋण सहायता योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऋण सहायता प्राप्त करके अपना व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। जरूरतमंद लोगों को इन ऋण सहायता योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।
-नरेश नरवाल, उपायुक्त भिवानी।