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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Legislators would not adopt the full power to rural villages

विधायकों के गोद लिए गांवों के ग्रामीण नहीं चाहते पूरी बिजली

Sat, 14 Nov 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी Updated Sat, 14 Nov 2015 12:15 AM IST
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भिवानी। विधायकों द्वारा गोद लिए गांव नहीं चाहते कि उन्हें पूरी बिजली मिले। यह हम नहीं कह रहे बल्कि बिजली निगम के अधिकारियों की दलील हैे। तभी तो ग्रामीण बिजली निगम की जगमग योजना का विरोध कर रहे है। दरअसल सरकार और निगम ने जिले के चुनिंदा 14 गांवों में 24 में से 21 घंटे तक बिजली देने के लिए चुना। मगर ग्रामीणों को यह योजना रास नहीं आ रही है और इसका शुरूआत में ही विरोध हो रहा है।
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बिजली निगम और सरकार ने पिछले वर्ष जगमग योजना शुरू की थी। योजना के तहत ग्रामीणों को बेहतर बिजली सुविधा देने के साथ बिजली चोरी रोकने, बिल भरने के लिए प्रेरित करना था। ताकि न बिजली निगम के डिफाल्टर हो और ग्रामीणों को भी बेहतर बिजली सुविधा मिले। प्रदेश के प्रत्येक जिले से कुछ गांवों का चयन जगमग स्कीम के तहत किया गया। भिवानी जिले के भी 14 गांवों का चयन इस स्कीम के तहत किया गया। चयनित गांवों में अधिकतर विधायकों व सांसद ने गोद ले रखे है।
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क्या है योजना
जगमग योजना के तहत चुने गए गांवों में बिजली तारें बदलने के साथ मीटर घरों के बाहर लगाने और 80 फीसदी तक बिलों की रिकवरी का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण के सामने ऑप्शन रखा गया है कि 21 घंटे तक बिजली चाहिए तो मीटर बाहर लगवाए और नियमित बिल भरे। योजना के अनुसार फिलहाल योजना के तहत चयनित गांवों में 12 से 15 घंटे तक बिजली दी जा रही है। पूरे गांव की बिजली तारें बदलने और 75 फीसदी मीटर घरों के बाहर लगाने के बाद तीन घंटे बिजली ज्यादा दी जाएगी। इसके बाद 80 फीसदी तक रिकवरी होने पर तीन घंटे और बिजली बढ़ाई जाएगी। डिफाल्टिंग राशि की रिकवरी के लिए सरचार्ज हटाकर पांच किस्तों में बिल भरने का भी ऑप्शन है। निगम की योजना इन गांवों में 24 में से 21 घंटे तक बिजली देने की है।
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ये गांव है चयनित
* जुई फीडर से जुई खुर्द, जुई बिचली और जुई कलां
* लोहारू फीडर से मिठी, मतानी, मोरका, माधोपुर,
* बाढड़ा फीडर से हंसावास खुर्द के अलावा सांजरवास, फौगाट, हालुवास, बलियाली
बिजली चोरी के कारण हो रहा विरोध
लगभग सभी गांवों में धड़ल्ले से बिजली चोरी की जाती है। खाना भी गैस या चूल्हे पर बनाने की बजाए हीटर पर बनाया जाता है। पानी गर्म भी डायरेक्ट तारें जोड़ कर किया जाता है। अब ग्रामीणों का डर है कि सभी बिजली तारें बदली गई और मीटर घरों के बाहर लग गए तो बिजली चोरी बंद हो जाएगी और उनके बिजली बिल बहुत ज्यादा आएंगे। इसी डर के चलते ग्रामीण इसका विरोध कर रहे है।

वर्जन::::
जगमग योजना का गांवों में अच्छा रिस्पांस नहीं मिल रहा। पोल लगाए गए हैं। मगर ग्रामीण इसका विरोध कर रहे है। ग्रामीणों को चाहिए कि वे सहयोग करें ताकि उन्हें बेहतर बिजली मिल सके। योजना के तहत 21 घंटे तक बिजली देने का प्रावधान है।
संजय रंगा, एक्सईएन, बिजली निगम
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