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Bhiwani News: टपकती छत, हिलती बुनियाद...जर्जर बिजली निगम कार्यालय में जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करने को मजबूर कर्मचारी

Fri, 24 Jul 2026 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 24 Jul 2026 01:22 AM IST
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Leaking roof, shaky foundation... employees forced to work at the dilapidated electricity department office risking their lives
शशी चौहान
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ढिगावामडी। कस्बे में मंगलवार की तेज बारिश ने बिजली निगम के सब-डिविजन कार्यालय की जर्जर स्थिति उजागर कर दी। छत से प्लास्टर और मलबा गिरने से कर्मचारी बाल-बाल बच गए। अब कर्मचारी डर के साए में काम करने को मजबूर हैं।
बुधवार सुबह कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों ने देखा कि कमरों की छत से गिरे मलबे से टेबल-कुर्सियां ढकी हुई थीं। दीवारों में नमी के कारण प्लास्टर लगातार झड़ रहा है जबकि कई जगहों से छत टपक रही है। कर्मचारियों का कहना है कि बारिश की शुरुआत में ही यह हाल है ऐसे में तेज बारिश के दौरान बड़ा हादसा होने की आशंका बनी है।
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जलभराव और सीलन से कार्यालय में रखी उपभोक्ताओं के कनेक्शन, बिल और शिकायतों से जुड़ी ऑफलाइन फाइलें भी खराब हो रही हैं। कर्मचारियों के अनुसार रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है। बारिश के दौरान कार्यालय परिसर में पानी भरने से उपभोक्ताओं को भी बिल जमा कराने और शिकायत दर्ज कराने में परेशानी उठानी पड़ी।
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कर्मचारियों का आरोप है कि जर्जर भवन की मरम्मत के लिए कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने भवन की तत्काल मरम्मत या वैकल्पिक कार्यालय की व्यवस्था करने की मांग की है ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।
एक साल बाद मिलेगा नया भवन
बिजली निगम के एसडीओ नारायण प्रकाश ने बताया कि कार्यालय भवन वर्ष 1965 के आसपास बना था और अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों में नमी के कारण रिकॉर्ड भी प्रभावित हुआ है जिसकी शिकायत पिछले वर्ष एफआईआर के माध्यम से दर्ज कराई गई थी।

उन्होंने बताया कि आसपास की सड़कें और गलियां ऊंची होने से हर बारिश में कार्यालय परिसर में एक से डेढ़ फीट तक पानी भर जाता है। नए भवन का निर्माण शुरू हो चुका है लेकिन इसे पूरा होने में करीब एक वर्ष का समय लगेगा। तब तक कर्मचारियों को मौजूदा भवन में ही कार्य करना पड़ेगा।
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