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चार साल पहले बिछड़े बच्चे को मां-बाप से मिलवाया, मिलते ही फफक-फफक कर रोने लगे

Sun, 04 Jul 2021 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jul 2021 12:12 AM IST
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Karnal's missing child found after 4 year in Bhiwani
भिवानी। चार साल बाद जब करनाल के शेखपुरा गांव निवासी प्रीति ने अपने बेटे को देखा तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाई। बेटे को सीने से लगा लिया और फफक-फफक कर रोने लगी। यह नजारा शनिवार को बाल कल्याण विभाग के कार्यालय का था। बाल कल्याण समिति के सदस्यों और क्राइम ब्रांच की टीम के संयुक्त प्रयासों से चार साल पहले लापता हुए मानसिक रूप से बीमार बच्चे को उसके माता-पिता से शनिवार को मिलवाया गया।
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चार साल पहले करनाल निवासी 16 वर्षीय अर्जुन उर्फ कालू घर से बिछड़कर किसी तरह से महम पहुंच गया। महम पुलिस को जब वह मिला तो उसने भिवानी बाल कल्याण समिति को उसे सौंप दिया। तब से अर्जुन भिवानी स्थित बाल आश्रम में ही रह रहा था। मानसिक रूप से बीमार होने के कारण वह अपने बारे में कोई भी जानकारी नहीं दे पा रहा था। बस घर जाने की रट लगाए रहता था।
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मां को देखते ही लिपटकर रोने लगा
जैसे ही अर्जुन ने अपनी मां प्रीति को देखा तो उसकी आंखों से भी खुशी के आंसू बहने लगे। वह अपनी मां से लिपट गया और काफी देर तक लिपटे-लिपटे ही रोता रहा। यह नजारा देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। उसके बाद अपने पिता सतनाम के साथ भी उसने ऐसा ही प्यार दिखाया। सतनाम दिव्यांग है। उसका एक हाथ नहीं है।
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हर रोज याद करके रोती थी
प्रीति ने बताया कि चार साल पहले जब अर्जुन लापता हुआ था, तब से एक रात भी चैन से नींद नहीं आई। हर रोज अर्जुन की याद आती थी और मैं आंसू बहाती थी। प्रीति ने कहा कि भले ही उसका बेटा मानसिक रूप से बीमार है, लेकिन एक मां की ममता को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हर पल मुझे लगता था कि अब कहीं से दौड़कर अर्जुन उसके पास आ जाएगा।

माता-पिता से मिलकर अर्जुन खुश
चार साल से बाल आश्रम में रहने वाले अर्जुन उर्फ कालू को आज उसके मां-बाप को सौंप दिया गया है। बच्चे को उसके परिवार से मिलाने में बाल कल्याण समिति सदस्यों और क्राइम ब्रांच से राजबीर जांगड़ा का अहम योगदान रहा। माता-पिता से मिलकर अर्जुन बहुत खुश था।
- सत्येंद्र तंवर, सदस्य, बाल कल्याण समिति, भिवानी।
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