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Olympics: प्रेरणादायक है पांच-शून्य से पहला मुकाबला जीतने वाली प्रीति की कहानी, ऐसा रहा यहां तक का सफर
Sun, 28 Jul 2024 07:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 28 Jul 2024 07:31 PM IST
सार
छह साल की मेहनत से ओलंपिक कोटा हासिल करने वाली प्रीति ने पहले राउंड में जीत दर्ज कर ली है। वह एकतरफा जीत के साथ आगे बढ़ी हैं। प्रीति मुक्केबाजी के जुनून में प्रतिद्वंद्वी पर ही हावी हो जाती हैं। किराये के मकान में रहकर परिवार ने भी प्रीति का साथ दिया है।
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प्रीति।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मेहनत के साथ अगर जुनून भी हो तो किसी भी क्षेत्र में महारत हासिल की जा सकती है। जिसका उदाहरण भिवानी जिले के गांव बडेसरा निवासी महिला मुक्केबाज प्रीति पंवार हैं। मुक्केबाजी खेलना आरंभ करने के बाद मात्र 6 साल में ही प्रीति ने ओलंपिक कोटा प्राप्त किया था। जिसके बाद शनिवार को हुए पहले राउंड के मुकाबले में प्रीति ने जीत हासिल की है।
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प्रीति में खेलने का जज्बा इतना है कि किसी भी त्योहार पर छुट्टी नहीं करती हैं। यानि कि खुशी के मौको को छोड़कर सिर्फ खेल पर ही फोकस रखा। बेटी के इसी उत्साह को देखते हुए परिवार ने भी उसका साथ दिया और महम में किराये के मकान में रहना शुरू कर दिया। ताकि बेटी को गांव से आने जाने में परेशानी का सामना न करना पड़ा।
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भिवानी जिले के गांव बडेसरा में जन्मी महिला मुक्केबाज प्रीति पंवार ने मात्र 14 साल की उम्र में 2017 में खेलना शुरू किया था। अपने परिवार में रिश्ते में चाचा लगने वाले मुक्केबाज कोच राजा विनोद को खेलता देखा प्रीति ने मन में मुक्केबाज बनने की ठानी। भतीजी के सपने को पूरा करने के लिए रिश्ते में चाचा लगने वाले कोच राजा विनोद ने महम में बनाई स्वयं की अकादमी में बेटी को मेहनत करवाना शुरू किया। प्रीति की खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अच्छी रूचि है।
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प्रीति की अभ्यास करवाने के लिए कोच राजा विनोद उसे अपने साथ सुबह शाम गांव से महम अकादमी में साथ लेकर जाते। बेटी की खेल में रूचि देखते हुए परिवारों वालों ने भी महम में ही किराये के मकान में रहना शुरू कर दिया। जिससे प्रीति को अभ्यास के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। कोच राजा विनोद ने बताया कि प्रीति खेलने में हार्ड हीटर है। वह इतना एग्रेसिव खेलती हैं कि प्रतिद्वंद्वी को अपने ऊपर हावी नहीं होने देती हैं।
अभ्यास के समय दिन के 24 घंटे में से वह नौ-नौ घंटे अभ्यास करती है। परिवार में कोई खास उत्सव या फिर किसी त्योहार पर भी आराम न करके प्रीति अभ्यास में ही लगी रहती हैं। इसी उत्साह के साथ उसने पिछले साल चीन में हुए एशियन खेलों में ओलंपिक कोटा प्राप्त किया है। प्रीति सीनियर महिला वर्ग में ओलंपिक खेलने वाली सबसे कम उम्र की पहली खिलाड़ी है। 26 जुलाई से ओलंपिक खेल शुरू हो चुके हैं। शनिवार देर रात हुए पहले राउंड के मुकाबले में प्रीति ने अपने भार वर्ग में वियतनाम की मुक्केबाज किम आ वो को 5-0 से हराकर जीत दर्ज की है। अब प्रीति के दूसरे राउंड का मुकाबला 30 जुलाई को होगा।
ये हैं प्रीति की उपलब्धियां
- 2022 में जार्डन में हुई सीनियर एशियन में कांस्य पदक जीता।
- 2023 में चीन में हुए एशियन खेलों में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक कोटा प्राप्त किया।
- 2024 मई में कजाकिस्तान में अंडर 22 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।