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Bhiwani News: दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे के चौक-चौराहे पर लगेंगी इंटरलॉकिंग टाइल्स
Mon, 21 Aug 2023 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 21 Aug 2023 01:17 AM IST
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भिवानी। अब दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे के चौक-चौराहे सीसी पैटर्न पर नहीं बल्कि इंटरलॉकिंग टाइल्स से बनेंगे। ऐसा इसलिए कि हाईवे सड़क के नीचे प्रमुख चौराहों पर पेयजल और सीवरेज की मुख्य लाइनों की क्रॉसिंग है। इन लाइनों को बदलने और उनमें होने वाली लीकेज को ठीक कराने के लिए अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सीसी सड़क को भी नहीं तोड़ पाएगा। ये इंटरलाकिंग टाइल्स आसानी से उखड़ जाएंगी और फिर से लगाने में आसानी होगी। जिससे हाईवे अथॉरिटी को भी कोई नुकसान नहीं होगा।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे का शहरी दायरे में करीब चार किमी दायरे में 38 करोड़ के बजट से सीसी पैटर्न पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। लोहारू रेलवे ओवरब्रिज से लेकर अग्रसेन चौक होते हुए नया बस स्टैंड तक सीसी पैटर्न पर सड़क बन रही है। अधिकांश हिस्से में सीसी सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। जबकि सड़क के बीच डिवाइडर और मुख्य चौक-चौराहे अभी तैयार नहीं हुए हैं। हाईवे का करीब चार किलोमीटर का ये दायरा घनी आबादी भरे इलाके से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां सरकुलर रोड के अंदर पुराने शहर और सरकुलर रोड के बाहर बसी नई कॉलोनियों के लिए सीवर और पेयजल की मुख्य लाइनें हाईवे सड़क के नीचे से क्रॉसिंग हो रही है। ये क्रॉसिंग चौराहों पर सबसे अधिक हैं। हाईवे के दायरे में दो प्रमुख बिंदुओं पर तो मुख्य सीवरलाइन ही डैमेज हो गई थी। जिन्हें अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने ठीक कर दिया है। जिसमें हालुवास गेट और हनुमान गेट सीवर मैनहोल शामिल हैं। लेकिन भविष्य में कभी भी मुख्य सीवर और पेयजल लाइनों की हाईवे के नीचे से हो रही क्रॉसिंग में दिक्कत आ सकती है। ऐसा हुआ तो हाईवे की सीसी पैटर्न की सड़क को तोड़ पाना आसान नहीं होगा और तोड़ी भी गई तो हाईवे को लाखों का हर्जाना विभाग से वसूलना पड़ेगा। इस समस्या से बचने के लिए हाईवे अथॉरिटी ने हाईवे के दायरे में आने वाले प्रमुख चौराहों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का फैसला लिया है।
इन चौराहों पर लगेंगी इंटरलॉकिंग टाइल्स
शहर के हाईवे के दायरे में आने वाले हनुमान गेट चौक, दादरी गेट चौक और हालुवास गेट चौक के आसपास इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाएगा। इसी तरह हाईवे के अन्य जगहों पर पेयजल और सीवरेज लाइनों की क्रॉसिंग की जगहों पर इंटरलॉकिंग लगवाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें आसानी से हटाया और फिर से लगाया जा सके।
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40 करोड़ से हो चुकी है दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर 34 कि.मी. दायरे का सुदृढ़ीकरण
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई पर धिराना मोड से ढिगावा मंडी तक करीब 34 किलोमीटर लंबाई की सड़क पर सुदृढ़ीकरण का कार्य करीब 40 करोड़ से किया गया है। जिसके बाद हाईवे के गड्ढों से वाहन चालकों को निजात मिली है। हालांकि शहरी दायरे के हाईवे पर डिवाइडर भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई का शहरी दायरे में सीसी पैटर्न पर निर्माण काम चल रहा है। शहरी में हाईवे के दायरे में आने वाले प्रमुख चौराहों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का प्रावधान किया है। क्योंकि हाईवे के नीचे से सीवरेज और पेयजल लाइनों की क्रॉसिंग है। इनकी वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हाईवे की सड़क को भी तोड़ देता है। इंटरलॉकिंग टाइल्स लगने के बाद इन लाइनों की वजह से सड़क तोड़ने की नौबत नहीं आएगी। इन्हें हटाकर फिर से लगाना आसान होगा।
-राहुल चहल, कार्यकारी अभियंता, एनएचएआई रोहतक मंडल अथॉरिटी।
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दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे का शहरी दायरे में करीब चार किमी दायरे में 38 करोड़ के बजट से सीसी पैटर्न पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है। लोहारू रेलवे ओवरब्रिज से लेकर अग्रसेन चौक होते हुए नया बस स्टैंड तक सीसी पैटर्न पर सड़क बन रही है। अधिकांश हिस्से में सीसी सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। जबकि सड़क के बीच डिवाइडर और मुख्य चौक-चौराहे अभी तैयार नहीं हुए हैं। हाईवे का करीब चार किलोमीटर का ये दायरा घनी आबादी भरे इलाके से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां सरकुलर रोड के अंदर पुराने शहर और सरकुलर रोड के बाहर बसी नई कॉलोनियों के लिए सीवर और पेयजल की मुख्य लाइनें हाईवे सड़क के नीचे से क्रॉसिंग हो रही है। ये क्रॉसिंग चौराहों पर सबसे अधिक हैं। हाईवे के दायरे में दो प्रमुख बिंदुओं पर तो मुख्य सीवरलाइन ही डैमेज हो गई थी। जिन्हें अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने ठीक कर दिया है। जिसमें हालुवास गेट और हनुमान गेट सीवर मैनहोल शामिल हैं। लेकिन भविष्य में कभी भी मुख्य सीवर और पेयजल लाइनों की हाईवे के नीचे से हो रही क्रॉसिंग में दिक्कत आ सकती है। ऐसा हुआ तो हाईवे की सीसी पैटर्न की सड़क को तोड़ पाना आसान नहीं होगा और तोड़ी भी गई तो हाईवे को लाखों का हर्जाना विभाग से वसूलना पड़ेगा। इस समस्या से बचने के लिए हाईवे अथॉरिटी ने हाईवे के दायरे में आने वाले प्रमुख चौराहों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का फैसला लिया है।
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इन चौराहों पर लगेंगी इंटरलॉकिंग टाइल्स
शहर के हाईवे के दायरे में आने वाले हनुमान गेट चौक, दादरी गेट चौक और हालुवास गेट चौक के आसपास इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाएगा। इसी तरह हाईवे के अन्य जगहों पर पेयजल और सीवरेज लाइनों की क्रॉसिंग की जगहों पर इंटरलॉकिंग लगवाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें आसानी से हटाया और फिर से लगाया जा सके।
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40 करोड़ से हो चुकी है दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर 34 कि.मी. दायरे का सुदृढ़ीकरण
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई पर धिराना मोड से ढिगावा मंडी तक करीब 34 किलोमीटर लंबाई की सड़क पर सुदृढ़ीकरण का कार्य करीब 40 करोड़ से किया गया है। जिसके बाद हाईवे के गड्ढों से वाहन चालकों को निजात मिली है। हालांकि शहरी दायरे के हाईवे पर डिवाइडर भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई का शहरी दायरे में सीसी पैटर्न पर निर्माण काम चल रहा है। शहरी में हाईवे के दायरे में आने वाले प्रमुख चौराहों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का प्रावधान किया है। क्योंकि हाईवे के नीचे से सीवरेज और पेयजल लाइनों की क्रॉसिंग है। इनकी वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हाईवे की सड़क को भी तोड़ देता है। इंटरलॉकिंग टाइल्स लगने के बाद इन लाइनों की वजह से सड़क तोड़ने की नौबत नहीं आएगी। इन्हें हटाकर फिर से लगाना आसान होगा।
-राहुल चहल, कार्यकारी अभियंता, एनएचएआई रोहतक मंडल अथॉरिटी।