भिवानी। विद्यालय बच्चों में शैक्षिक गुणवत्ता पैदा करें और राष्ट्र के प्रति जज्बा पैदा करें, विद्यालय मुखिया/शिक्षक पूर्ण कर्तव्य व ईमानदारी के साथ शैक्षिक गुणवत्ता पर जोर दें। बोगस एसएलसी व अन्य अनियमितताओं पर पूर्णतया रोक लगाए। यह बात शिक्षा बोर्ड चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह व उपाध्यक्ष वीपी यादव व सचिव कृष्ण कुमार ने हरियाणा में स्थित सभी प्राईवेट विद्यालयों के संगठनों एवं एसोसिएशनों के पदाधिकारियों के साथ बोर्ड मुख्यालय पर चर्चा करते हुए कही। उन्होंने संगठनों के पदाधिकारियों को इस बात से भी अवगत करवाया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा। बोर्ड के सेकेण्डरी एवं सीनियर सेकेण्डरी परीक्षाओं के वार्षिक परिणाम में लगभग 3500 परीक्षार्थियों का परिणाम इस आंशका के साथ रोका गया था कि उनका शैक्षिक रिकार्ड सही नहीं है। इनमें से 1700 परीक्षार्थियों का परिणाम उनका शैक्षिक रिकार्ड सही पाए जाने पर जारी कर दिया है और अन्य शेष बचे परीक्षार्थियों का परिणाम उनके शैैक्षिक रिकार्ड की जांच के बाद सही पाए जाने पर जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेकेण्डरी एवं सीनियर सेकेण्डरी कम्पार्टमेंट की एक दिवसीय परीक्षा 28 जुलाई को होगी। जिन परीक्षार्थियों के यूएमसी केस बने थे और सुनवाई से जो परीक्षार्थी संतुष्ठ नहीं हुए, उन द्वारा समय पर बोर्ड को अपील भेजी गई है, ऐसे केसो की 18 जुलाई को सुनवाई की जाएगी। यदि इनमे से कोई परीक्षार्थी निर्दोष पाया जाता है तो उस परीक्षार्थी को आवेदन करने पर 28 जुलाई को होने वाली परीक्षा में शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जुलाई एवं सितम्बर में होने वाली कम्पार्टमेंट की परीक्षा इसी पैटर्न अर्थात 50 प्रतिशत वस्तुनिष्ठ व 50 प्रतिशत विवरणात्मक आधार पर ही आयोजित की जाएगी। उन्होंने संगठनों के पदाधिकारियों को अवगत करवाया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड देश का पहला ऐसा बोर्ड है, जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को ध्यान में रखते हुए कक्षा छठी से दसवीं तक की इतिहास की नई पुस्तकें तैयार करवाकर मुद्रित करवाते हुए अपने बोर्ड द्वारा स्थापित पांच क्षेत्रीय पाठ्य पुस्तक बिक्री सेवा केंद्र अम्बाला, भिवानी, फरीदाबाद, फतेहाबाद एवं रोहतक पर बिक्री के लिए पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हैं। सभी विद्यालय अपने विद्यार्थियों की आवश्यकता अनुसार इन पाठ्यपुस्तक बिक्री केन्द्रों से निर्धारित छूट के आधार पर पुस्तकें खरीद सकते है। उन्होंने बताया कि चर्चा के दौरान संगठनों द्वारा कक्षा आठवीं पांचवीं व तीसरी की परीक्षाएं बोर्ड स्तर पर लिए जाने की मांग उठाई गई, इस सम्बन्ध में संगठनों के पदाधिकारियों का मानना था कि ऐसा करने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। बोर्ड के उपाध्यक्ष वीपी यादव ने बोर्ड प्रशासन की और से यह आश्वासन दिया है कि यदि हरियाणा सरकार उन्हें यह जिम्मेवारी देती है तो बोर्ड उस जिम्मेवारी का सही तरह से निर्वहन किया जाएगा। परीक्षा फार्म भरते समय सभी स्कूलों से स्टाफ स्टेटमेंट भी मंगवाई जाती है, जो स्कूल द्वारा भरी जाती है। स्टाफ स्टेटमेंट भरते समय सभी अध्यापकों का विवरण भरा जाए जैसे यदि कोई लम्बी छुट्टी पर जाता है या स्कूल छोडक़र जाता है या मेडिकल छुट्टी पर जाता है या अन्य कोई कारण होता है तो उसको भरा जाए।