फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   indira gandhi, water, yojna, tenson

इंदिरा गांधी पेयजल योजना बनी टेंशन

Fri, 23 Sep 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Fri, 23 Sep 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
इंदिरा गांधी पेयजल योजना जनस्वास्थ्य विभाग के लिए टेंशन बनी हुई है। योजना के तहत दिए गए चार हजार कनेक्शनों में एक करोड़ 34 लाख से अधिक के बिल अटके हुए हैं। बिल देने जाने वाले कर्मचारियों को उपभोक्ता सीधे जवाब दे रहे हैं कि अपनी टंकी उठा ले जाओ, वे इतना बिल नहीं भर सकते। वहीं विभाग के समक्ष यह रिकवरी समस्या बन गई है।
विज्ञापन


वर्ष 2006 में शहरी क्षेत्र के करीब 4017 अनुसूचित परिवारों को इंदिरा गांधी पेयजल योजना के तहत फ्री कनेक्शन और दो सौ लीटर की टंकी दी गई थी। वर्ष 2013 में नई वाटर पॉलिसी जारी की गई, जिसके तहत इन परिवारों को भी बिल भेजने का निर्णय लिया गया। फ्लैट रेट 120 रुपये महीने के हिसाब से बिल जारी किए गए। अब तक चार-चार बिल जारी किए जा चुके हैं। मगर अधिकतर लोग बिल लेने को ही तैयार नहीं हैं। जो बिल ले भी रहे हैं, वे भर नहीं रहे। योजना के तहत करीब 97 फीसदी परिवार बिल नहीं भर रहे। ऐसे में प्रत्येक परिवार पर करीब तीन हजार रुपये बकाया है। ऐसे में चार हजार कनेक्शनों में विभाग के करीब एक करोड़ 34 लाख रुपये फंसे हुए है। इन्हें बार-बार बिल व नोटिस भेजे जा रहे है। मगर परिवार न बिल ले रहे हैं और न ही नोटिस।
विज्ञापन

--
कनेक्शन ही नहीं तो कैसा बिल
दादरी गेट क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उन्हें सिर्फ पानी की टंकियां दी गई। पेयजल कनेक्शन तो उनका पहले से ही था। उन्हें कोई कनेक्शन नहीं दिया गया। अब विभाग ने जो टंकियां बांटी, उन्हीं के आधार पर बिल बनाकर भेज दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
टंकी ले जाओ, बिल नहीं भर सकते
साहब, हम गरीब लोग हैं। वे टंकी वापस कर सकते हैं। दो सौ लीटर की टंकी उन्हें मिली है, मगर वे इतना बिल नहीं दे सकते। ऐसे में बेशक टंकी वापस ले जाओ। बिल नहीं भर सकते। यह कहना उपभोक्ताओं का। बिल व नोटिस देने पहुंच रहे कर्मचारियों को ये जवाब मिल रहे है। अधिकतर उपभोक्ता बिल ही नहीं ले रहे।
--
बिल माफी की भी आस
पिछली सरकार के कार्यकाल में पानी के बिल माफ कर दिए गए थे। अब भी लोगों के मन में ये ही बात है कि बाद में अपने आप सरकार माफ कर देगी। इस कारण लोग बिल ही नहीं भर रहे।

--

वाटर पॉलिसी के तहत ही इंदिरा गांधी पेयजल योजना के लाभ पात्रों को बकाया राशि जमा कराने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। फिर भी कोई बकाया राशि जमा नहीं कराएगा, विभाग उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगा।
संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed