फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Increased humidity is disrupting the digestive system; 40 to 45 patients are visiting the OPD daily.

Bhiwani News: मौसम में बढ़ी नमी से बिगड़ रहा पाचन तंत्र, ओपीडी में रोज पहुंच रहे 40 से 45 मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
Increased humidity is disrupting the digestive system; 40 to 45 patients are visiting the OPD daily.
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक कक्ष के बाहर बैठे मरीज
भिवानी। मौसम में बढ़ी नमी के कारण पाचन तंत्र प्रभावित होने लगा है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों पेट दर्द, अपच, हल्के दस्त और उल्टी की शिकायत लेकर रोजाना 40 से 45 मरीज पहुंच रहे हैं। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में बीपी लो की समस्या भी सामने आ रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव और जंक फूड के बढ़ते सेवन ने भी परेशानी बढ़ा दी है।
विज्ञापन

शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद बादल छाए रहने से मौसम सुहावना रहा लेकिन बढ़ी नमी ने लोगों की दिनचर्या और खानपान पर असर डाला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में शरीर का पाचन तंत्र अधिक संवेदनशील हो जाता है, जिससे संक्रमण और पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन

गर्मी के बाद आने वाला उमस भरा मौसम अपने साथ केवल चिपचिपी गर्मी ही नहीं बल्कि कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी लेकर आता है। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार उमस के मौसम में अपच, हल्के पेट दर्द, दस्त और उल्टी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये हैं कारण
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि उमस के मौसम में हवा में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। यह वातावरण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है। इस दौरान अत्यधिक नमी और तापमान के कारण पका हुआ भोजन जल्दी दूषित हो जाता है। ऐसा भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग और अपच की समस्या हो सकती है। उमस के कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया भी धीमी हो जाती है, जिससे भारी और तैलीय भोजन पचाने में कठिनाई होती है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में जलजनित बीमारियों का खतरा भी सबसे अधिक रहता है। दूषित पानी पीने से दस्त, उल्टी और पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं तेजी से फैलती हैं।


ये बरतें सावधानी
इस मौसम में बासी भोजन खाने से पूरी तरह बचें। भोजन बनने के दो घंटे के भीतर उसका सेवन कर लें। पानी हमेशा उबालकर या अच्छी तरह फिल्टर करके ही पिएं। बाहर के खुले पानी और बर्फ का सेवन करने से बचें। खानपान में खिचड़ी, दलिया, दही और छाछ जैसी हल्की चीजों को शामिल करें। मसालेदार, तैलीय और फास्ट फूड से दूरी बनाए रखें। यदि दस्त या उल्टी की शिकायत हो तो शरीर में पानी और नमक की कमी पूरी करने के लिए तुरंत ओआरएस या नींबू-पानी का सेवन शुरू करें। यदि परेशानी लगातार बनी रहे तो बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed