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Bhiwani News: मोटे अनाज और मौसमी फल-सब्जियों को करें डाइट में शामिल
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नागरिक अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीज व उनके तीमारदार। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। मौसम में हुए बदलाव के कारण खानपान में भी बदलाव करना जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। सर्दी के दिनों में मोटे अनाज और मौसमी फल-सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल कर इन्हें प्राथमिकता दें। यह मौसम खानपान के लिहाज से सबसे बेहतर माना जाता है, क्योंकि हमारा शरीर अधिक कैलोनी बर्न करता है। यही वजह है कि ठंड में मोटे होने का खतरा दूसरे मौसम के मुकाबले भी कम रहता है।
सर्दियों में हम खाने की मात्रा थोड़ी बढ़ा सकते हैं और मोटा अनाज खानपान में शामिल कर सकते हैं। इस मौसम में पाचन बेहतर हो जाता है और मोटा अनाज शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। मोटे अनाज में मक्का, ज्वार, बाजरा और रागी को शामिल करें। इनसे तैयार अलग-अलग तरह की डिश को खाना बेहतर विकल्प है। जैसे- उसमें बाजरा से बनी खिचड़ी, रागी डोसा, रागी रोटी, ज्वार की रोटी, हल्दी की सब्जी, बाजरा का चूरमा, दलिया, रोटी आदि। इनसे तैयार डिश वजन कंट्रोल करने और शरीर को गर्म रखने में मदद करती है।
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सूप करेगा शरीर में पानी व पोषक तत्वों की कमी पूरी
कई तरह की सब्जियां आसानी से उपलब्ध होती हैं। इनका सूप बनाकर पी सकते हैं। सूप शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी पूरी करते हैं। इस मौसम में मैथी, पालक, सरसों, बथुआ जैसी हरी सब्जियां मिलती हैं। सर्दियों की एक बड़ी समस्या त्वचा का रूखा-सूखा होना है। तिल और मूंगफली के नियमित सेवन से त्वचा चमकदार और मुलायम बनी रहती है। शरीर को बेहतर काम करने के लिए एक निश्चित मात्रा में पानी की जरूरत होती है। इसलिए रोजाना 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिये। पानी की कमी आपके पाचन क्षमता पर बुरा असर डाल सकती है।
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ओपीडी में पहुंचे रहे 50 से अधिक लोग
ईएसआई अस्पताल में डाइटिशियन की ओपीडी में रोजाना 40 से 50 लोग डाइट के बारे में जानकारी लेने पहुंच रहे है। इनमें 15 से 20 ऐसे लोग है जोकि बीपी, शूगर या अन्य किसी बीमारी से ग्रस्त है। जबकि 25 से 30 ऐसे लोग है जोकि सर्दी के कारण अपने खानपान में बदलाव करने के बारे में जानकारी लेते है। इस दिनों बच्चों में भी दूध न पीने के मामले मिले रहे है। जिन्हें डाइटिशियन दूध से पनीर, खीर बनाना या फिर किसी पोष्टिक आहार को उसमें शामिल करने की सलाह दे रहे है।
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सर्दी के सीजन में मोटा अनाज, मौसमी फल व सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें। रोजाना गर्म पानी पीएं और ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहतर खाने के साथ व्यायाम भी जरूरी है तो सुबह-शाम अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर व्यायाम अवश्य करें। बच्चों में खाने में रोजाना बदलाव करें। उन्हें कभी सूप, कभी खीर, पनीर खिलाएं। गर्म दूध और सूप को भी सभी अपनी डाइट में शामिल करें। खानपान से संबंधित जानकारी के लिए डाइटिशियन से भी संपर्क कर सकते है।
- सविता शर्मा, डाइटिशियन, ईएसआई अस्पताल भिवानी।
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सर्दियों में हम खाने की मात्रा थोड़ी बढ़ा सकते हैं और मोटा अनाज खानपान में शामिल कर सकते हैं। इस मौसम में पाचन बेहतर हो जाता है और मोटा अनाज शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। मोटे अनाज में मक्का, ज्वार, बाजरा और रागी को शामिल करें। इनसे तैयार अलग-अलग तरह की डिश को खाना बेहतर विकल्प है। जैसे- उसमें बाजरा से बनी खिचड़ी, रागी डोसा, रागी रोटी, ज्वार की रोटी, हल्दी की सब्जी, बाजरा का चूरमा, दलिया, रोटी आदि। इनसे तैयार डिश वजन कंट्रोल करने और शरीर को गर्म रखने में मदद करती है।
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सूप करेगा शरीर में पानी व पोषक तत्वों की कमी पूरी
कई तरह की सब्जियां आसानी से उपलब्ध होती हैं। इनका सूप बनाकर पी सकते हैं। सूप शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी पूरी करते हैं। इस मौसम में मैथी, पालक, सरसों, बथुआ जैसी हरी सब्जियां मिलती हैं। सर्दियों की एक बड़ी समस्या त्वचा का रूखा-सूखा होना है। तिल और मूंगफली के नियमित सेवन से त्वचा चमकदार और मुलायम बनी रहती है। शरीर को बेहतर काम करने के लिए एक निश्चित मात्रा में पानी की जरूरत होती है। इसलिए रोजाना 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिये। पानी की कमी आपके पाचन क्षमता पर बुरा असर डाल सकती है।
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ओपीडी में पहुंचे रहे 50 से अधिक लोग
ईएसआई अस्पताल में डाइटिशियन की ओपीडी में रोजाना 40 से 50 लोग डाइट के बारे में जानकारी लेने पहुंच रहे है। इनमें 15 से 20 ऐसे लोग है जोकि बीपी, शूगर या अन्य किसी बीमारी से ग्रस्त है। जबकि 25 से 30 ऐसे लोग है जोकि सर्दी के कारण अपने खानपान में बदलाव करने के बारे में जानकारी लेते है। इस दिनों बच्चों में भी दूध न पीने के मामले मिले रहे है। जिन्हें डाइटिशियन दूध से पनीर, खीर बनाना या फिर किसी पोष्टिक आहार को उसमें शामिल करने की सलाह दे रहे है।
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सर्दी के सीजन में मोटा अनाज, मौसमी फल व सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें। रोजाना गर्म पानी पीएं और ठंडी चीजें खाने से परहेज करें। अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहतर खाने के साथ व्यायाम भी जरूरी है तो सुबह-शाम अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर व्यायाम अवश्य करें। बच्चों में खाने में रोजाना बदलाव करें। उन्हें कभी सूप, कभी खीर, पनीर खिलाएं। गर्म दूध और सूप को भी सभी अपनी डाइट में शामिल करें। खानपान से संबंधित जानकारी के लिए डाइटिशियन से भी संपर्क कर सकते है।
- सविता शर्मा, डाइटिशियन, ईएसआई अस्पताल भिवानी।