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Bhiwani News: सड़कों के बीच अवैध कट बने हादसों की वजह, हाईवे और नेशनल हाईवे पर डिवाइडर की ग्रिल गायब
Mon, 18 Nov 2024 10:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 18 Nov 2024 10:25 PM IST
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शहर के दादरी गेट के समीप बिना इंडिकेटर दिये अपने गंतव्य की ओर जाते वाहन चालक।
भिवानी। सड़कों के बीच अवैध कट हादसों की वजह बन सकते हैं। जिले में करीब 25 स्थानों पर हर साल औसत से अधिक सड़क हादसे होते हैं। हादसे रोकने के लिए हाईवे और नेशनल हाईवे पर बने डिवाइडर की ग्रिल भी गायब हो चुकी है। कोहरे में लावारिस पशु अचानक सड़कों पर वाहनों के सामने आ रहे हैं, जिससे भी हादसों की आशंका बढ़ रही है। इनमें से कुछ बिंदुओं पर सुरक्षा के प्रबंध किए जा चुके हैं। इसके बावजूद हादसों में कमी नहीं आ सकी है।
कोहरा और धुंध गहराने के साथ ही सड़क हादसे भी लगातार बढ़ रहे हैं। इसी साल 11 माह में करीब 75 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें करीब 25 से अधिक की जान जा चुकी है जबकि स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर सफेद पट्टी समेत दिशा सूचक और संकेतक भी लग चुके हैं। रात के समय वाहन चालकों को दिशा दिखाने के लिए रिफ्लेक्टरयुक्त दिशासूचक भी लगे हैं लेकिन घने कोहरे की वजह से सड़कों पर ये खतरनाक स्थान और भी खतरनाक हो जाते हैं, यहां जरा सी असावधानी जानलेवा हो जाती है।
भिवानी के सर्कुलर रोड पर कुछ हिस्सा नेशनल हाईवे के दायरे में भी आता है। यहां पर कई जगह अवैध कट बने हैं, जिनसे भी हादसों का अंदेशा बना रहता है। सर्कुलर रोड का कुछ भाग लोक निर्माण विभाग के दायरे में आता है। वहां भी डिवाइडर की ग्रिल टूटी या फिर गायब हो चुकी है। इस कारण भी सड़क पार करने वालों की वजह से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
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ये हैं दुर्घटना संभावित बिंदु
सबसे अधिक दुर्घटना संभावित बिंदुओं में तिगड़ाना मोड़, हांसी रोड तोशाम बाईपास चौक, देवसर मोड़, लोहानी मोड़, सेक्टर 13 मोड़, सिंघानी मोड़, प्रेमनगर मोड, जाटूलुहारी मोड़ सहित कई मुख्य रास्तों और कस्बों के पास ऐसे खतरनाक स्थल शामिल हैं। इन स्थानों पर हर साल औसत से अधिक सड़क हादसे होते हैं।
जेबरा क्रॉसिंग भी गायब
हांसी रोड पर महाराजा नीमपाल मुख्य गेट समेत शहर के मुख्य रास्तों पर जेबरा क्रॉसिंग के केवल निशान ही दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उनकी चमक अब धुंधली पड़ गई है। यही हाल घंटाघर चौक के पास भी जेबरा क्रॉसिंग की झलक मात्र ही दिख रही है। कोहरे और धुंध के मौसम में ये भी दिखाई देना भी मुश्किल है।
शहर के मुख्य रास्तों पर सफेद पट्टी और संकेतक लगाए गए हैं। शहर के अंदर जिन हिस्सों में डिवाइडर पर रेलिंग क्षतिग्रस्त है, उनको सुधारने का काम चल रहा है। इनमें से अधिकतर हिस्सों की रेलिंग दुरुस्त कराई जा चुकी है।
-संदीप मित्तल, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, भिवानी।
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कोहरा और धुंध गहराने के साथ ही सड़क हादसे भी लगातार बढ़ रहे हैं। इसी साल 11 माह में करीब 75 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें करीब 25 से अधिक की जान जा चुकी है जबकि स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर सफेद पट्टी समेत दिशा सूचक और संकेतक भी लग चुके हैं। रात के समय वाहन चालकों को दिशा दिखाने के लिए रिफ्लेक्टरयुक्त दिशासूचक भी लगे हैं लेकिन घने कोहरे की वजह से सड़कों पर ये खतरनाक स्थान और भी खतरनाक हो जाते हैं, यहां जरा सी असावधानी जानलेवा हो जाती है।
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भिवानी के सर्कुलर रोड पर कुछ हिस्सा नेशनल हाईवे के दायरे में भी आता है। यहां पर कई जगह अवैध कट बने हैं, जिनसे भी हादसों का अंदेशा बना रहता है। सर्कुलर रोड का कुछ भाग लोक निर्माण विभाग के दायरे में आता है। वहां भी डिवाइडर की ग्रिल टूटी या फिर गायब हो चुकी है। इस कारण भी सड़क पार करने वालों की वजह से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
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ये हैं दुर्घटना संभावित बिंदु
सबसे अधिक दुर्घटना संभावित बिंदुओं में तिगड़ाना मोड़, हांसी रोड तोशाम बाईपास चौक, देवसर मोड़, लोहानी मोड़, सेक्टर 13 मोड़, सिंघानी मोड़, प्रेमनगर मोड, जाटूलुहारी मोड़ सहित कई मुख्य रास्तों और कस्बों के पास ऐसे खतरनाक स्थल शामिल हैं। इन स्थानों पर हर साल औसत से अधिक सड़क हादसे होते हैं।
जेबरा क्रॉसिंग भी गायब
हांसी रोड पर महाराजा नीमपाल मुख्य गेट समेत शहर के मुख्य रास्तों पर जेबरा क्रॉसिंग के केवल निशान ही दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उनकी चमक अब धुंधली पड़ गई है। यही हाल घंटाघर चौक के पास भी जेबरा क्रॉसिंग की झलक मात्र ही दिख रही है। कोहरे और धुंध के मौसम में ये भी दिखाई देना भी मुश्किल है।
शहर के मुख्य रास्तों पर सफेद पट्टी और संकेतक लगाए गए हैं। शहर के अंदर जिन हिस्सों में डिवाइडर पर रेलिंग क्षतिग्रस्त है, उनको सुधारने का काम चल रहा है। इनमें से अधिकतर हिस्सों की रेलिंग दुरुस्त कराई जा चुकी है।
-संदीप मित्तल, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, भिवानी।