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Bhiwani News: गली निर्माण में सामग्री की गुणवत्ता खराब मिली तो नपेंगे ठेकेदार
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गलियों का निरीक्षण करते चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप।
भिवानी। चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप सिंह ने नगर परिषद के तकनीकी अधिकारियों को साथ लेकर शहर की निर्माणाधीन गलियों का निरीक्षण किया। इस दौरान गलियों व उनमें बनने वाली नालियों के लेवल की भी जांच करवाई और निर्माण सामग्री भी जांची।
उन्होंने लोगों से वहां पर चल रहे निर्माण कार्य की सामग्री पर नजर रखने का आह्वान किया और कहा कि इस मामले में किसी तरह की कोई कोताही सहन नहीं होगी। अगर किसी को कोई गड़बड़ी नजर आए तो वे तत्काल उनको सूचित करें। किसी भी ठेकेदार ने निर्माण कार्य में गड़बड़ी की तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, भवानी प्रताप सिंह नगर परिषद के तकनीकी अधिकारियों को लेकर वार्ड 17 में पहुंचे। उन्होंने वहां पर चल रहे गलियों के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। गलियों में ब्लाकों के नीचे बिछाया जा रहा रोड़े की मोटाई की जांच करवाई। साथ ही यह भी जानकारी ली कि गलियों का निर्माण कार्य नियमों के हिसाब से हो रहा है या नहीं। इस दौरान चेयरपर्सन प्रतिनिधि ने गलियों व गलियों में बनने वाली नालियों का लेवल भी जांचा, ताकि सही ढंग से निर्माण हो सके। उन्होंने आसपास के लोगों से भी निर्माण कार्य के बारे में जानकारी ली।
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इसके बाद उन्होंने वार्ड 19 में बन रही गलियों का निरीक्षण किया। यहां पर गलियों में बिछाए जाने वाले ब्लाकों की जांच की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी तरह का कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इस मौके पर उनके साथ पार्षद सुभाष तंवर, संदीप बंटी, सूर्या तंवर, शिव कुमार गोठवाल, अनिल कुमार व पवन सैनी मौजूद थे।
100-100 गलियों के बनाए हैं ग्रुप
चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने शहर की 100-100 गलियों के ग्रुप बनाए हैं। एक बार में 100 गलियों के टेंडर लगवाए जा रहे हैं। 100 गलियों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगली 100 गलियों के टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू करवाई जा रही है। कम गलियों का एक साथ टेंडर होने के बाद उन पर नजर भी रखी जा सकती है और कार्य में तीव्रता बनी रहती है। शहर की एक भी गली को कच्चा नहीं रहने दिया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -शहर की एक भी गली को कच्चा नहीं रहने दिया जाएगा। फिलहाल 10 करोड़ रुपये से शहर की अनेक गलियों का निर्माण कार्य चल रहा है। इनका कार्य पूरा होते ही करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से अन्य गलियों के टेंडर लगवाने की प्रक्रिया शुरू करवा दी जाएगी। निर्माण कार्य में किसी तरह की कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अगर किसी ठेकेदार ने लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी।
- भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद।
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उन्होंने लोगों से वहां पर चल रहे निर्माण कार्य की सामग्री पर नजर रखने का आह्वान किया और कहा कि इस मामले में किसी तरह की कोई कोताही सहन नहीं होगी। अगर किसी को कोई गड़बड़ी नजर आए तो वे तत्काल उनको सूचित करें। किसी भी ठेकेदार ने निर्माण कार्य में गड़बड़ी की तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, भवानी प्रताप सिंह नगर परिषद के तकनीकी अधिकारियों को लेकर वार्ड 17 में पहुंचे। उन्होंने वहां पर चल रहे गलियों के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। गलियों में ब्लाकों के नीचे बिछाया जा रहा रोड़े की मोटाई की जांच करवाई। साथ ही यह भी जानकारी ली कि गलियों का निर्माण कार्य नियमों के हिसाब से हो रहा है या नहीं। इस दौरान चेयरपर्सन प्रतिनिधि ने गलियों व गलियों में बनने वाली नालियों का लेवल भी जांचा, ताकि सही ढंग से निर्माण हो सके। उन्होंने आसपास के लोगों से भी निर्माण कार्य के बारे में जानकारी ली।
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इसके बाद उन्होंने वार्ड 19 में बन रही गलियों का निरीक्षण किया। यहां पर गलियों में बिछाए जाने वाले ब्लाकों की जांच की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी तरह का कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इस मौके पर उनके साथ पार्षद सुभाष तंवर, संदीप बंटी, सूर्या तंवर, शिव कुमार गोठवाल, अनिल कुमार व पवन सैनी मौजूद थे।
100-100 गलियों के बनाए हैं ग्रुप
चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने शहर की 100-100 गलियों के ग्रुप बनाए हैं। एक बार में 100 गलियों के टेंडर लगवाए जा रहे हैं। 100 गलियों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगली 100 गलियों के टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू करवाई जा रही है। कम गलियों का एक साथ टेंडर होने के बाद उन पर नजर भी रखी जा सकती है और कार्य में तीव्रता बनी रहती है। शहर की एक भी गली को कच्चा नहीं रहने दिया जाएगा।
- भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद।