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Bhiwani News: गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ किया प्रतिमा विसर्जन
Mon, 16 Sep 2024 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 16 Sep 2024 10:42 PM IST
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भजन गाकर श्रीगणेश का विसर्जन करने जाते श्रद्धालु।
भिवानी। गणेश चतुर्थी के अवसर पर चूहड़ सिंह की बाजारी पुराना पटवार खाना क्षेत्र में एक सप्ताह तक भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना कर उनकी प्रतिमा का विसर्जन गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ किया गया। इस दौरान क्षेत्रवासी बैंड-बाजे के साथ नाचते-गाते हुए डाबर कॉलोनी स्थित नहर पर पहुंचे तथा प्रतिमा का विसर्जन किया।
क्षेत्रवासी अनुराग ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार महर्षि वेदव्यास ने गणेश चतुर्थी से महाभारत कथा श्रीगणेश को लगातार 10 दिनों तक सुनाई थी। वेदव्यास ने जब 10 दिनों बाद आंखें खोली तो पाया कि 10 दिन लगातार लिखने के बाद गणेश के शरीर का तापमान बहुत बढ़ गया था। इसके बाद वेदव्यास तत्काल श्रीगणेश को पास के सरोवर में ले गए तथा उन्हें ठंडा करने के लिए जल में डूबो दिया। यही कारण है कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन गणेश जी की स्थापना कर चतुर्दशी को उनको शीतल किया जाता है।
उन्होंने कहा कि गणपति सुखकर्ता व दुखहर्ता हैं। इसी भावना के साथ उन्हें उनके भक्तजन घर में धूमधाम से लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों का विश्वास होता है कि जब गणपति घर से विदाई लेते हैं तो घर के सारे दुख और संकट हर कर अपने साथ ले जाते हैं। इस अवसर पर मा.जयप्रकाश, आदेश कुमार, सुभाष, अनुराग, हरिप्रकाश मौजूद रहे।
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क्षेत्रवासी अनुराग ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार महर्षि वेदव्यास ने गणेश चतुर्थी से महाभारत कथा श्रीगणेश को लगातार 10 दिनों तक सुनाई थी। वेदव्यास ने जब 10 दिनों बाद आंखें खोली तो पाया कि 10 दिन लगातार लिखने के बाद गणेश के शरीर का तापमान बहुत बढ़ गया था। इसके बाद वेदव्यास तत्काल श्रीगणेश को पास के सरोवर में ले गए तथा उन्हें ठंडा करने के लिए जल में डूबो दिया। यही कारण है कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन गणेश जी की स्थापना कर चतुर्दशी को उनको शीतल किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि गणपति सुखकर्ता व दुखहर्ता हैं। इसी भावना के साथ उन्हें उनके भक्तजन घर में धूमधाम से लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों का विश्वास होता है कि जब गणपति घर से विदाई लेते हैं तो घर के सारे दुख और संकट हर कर अपने साथ ले जाते हैं। इस अवसर पर मा.जयप्रकाश, आदेश कुमार, सुभाष, अनुराग, हरिप्रकाश मौजूद रहे।
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