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Bhiwani News: उमस और पसीना बढ़ा रहा चर्म रोग, फंगल इंफेक्शन के मरीज भी बढ़े

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 01:25 AM IST
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Humidity and sweating are aggravating skin ailments; cases of fungal infections have also risen.
​भिवानी के मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक  कक्ष के बाहर बैठे मरीज। 
भिवानी। जिले में लगातार बनी उमस और अधिक पसीने के कारण त्वचा संबंधी बीमारियों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की त्वचा रोग ओपीडी में इन दिनों खुजली, रैशेज, दाद-खाज, फोड़े-फुंसियों और फंगल इंफेक्शन से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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सोमवार को हुई बारिश के बाद लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है लेकिन चिकित्सकों के अनुसार उमस और नमी की स्थिति अभी भी त्वचा रोगों के लिए अनुकूल बनी हुई है। मेडिकल कॉलेज की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि त्वचा रोग ओपीडी में पहले प्रतिदिन लगभग 80 से 100 मरीज पहुंचते थे लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 150 से अधिक हो गई है।
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ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीज फंगल इंफेक्शन, स्किन एलर्जी, त्वचा पर दाने, चकत्ते और काले धब्बों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार पसीना अधिक समय तक त्वचा पर जमा रहने से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं जिससे खुजली और रैशेज की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। दोपहर के समय हवा में नमी और तेज उमस के कारण लोग लगातार पसीने से तर-बतर हो रहे हैं जिससे त्वचा पर संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि फंगल इंफेक्शन का सबसे बड़ा कारण शरीर पर लंबे समय तक पसीना और नमी का बने रहना है। नमी वाले कपड़े पहनने या गीले कपड़ों को समय पर न बदलने से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह समस्या शरीर के उन हिस्सों में अधिक होती है जहां पसीना देर तक जमा रहता है जैसे कमर, बगल और गर्दन के आसपास।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि गर्मी और उमस के मौसम में हमेशा सूखे और साफ कपड़े पहनें। यदि कपड़े पसीने से भीग जाएं तो उन्हें तुरंत बदल दें। त्वचा में खुजली, दाद-खाज या रैशेज की समस्या होने पर स्वयं दवा लेने की बजाय चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने यह भी कहा कि संक्रमित व्यक्ति के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों के कपड़ों से अलग रखने चाहिए।


चर्म रोग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञों के अनुसार उमस भरे मौसम में त्वचा रोगों से बचाव के लिए शरीर को सूखा रखना सबसे जरूरी है। ढीले और सूती कपड़े पहनें, पसीने को लंबे समय तक त्वचा पर न रहने दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार के संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें ताकि बीमारी बढ़ने से रोकी जा सके।
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