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सफाई के दौरान सिरसी नहर में मिली मानव खोपड़ी
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नहर में मिली खोपड़ी के बारे में गार्ड से जानकारी लेते थाना प्रभारी।
- फोटो : Bhiwani
सिरसी गांव के समीप सौरा नहर की सफाई के दौरान मानव सिर का कंकाल (खोपड़ी) मिलने से सनसनी फैल गई। खोपड़ी को रस्सी के एक सिरे से बांधी थी। जबकि रस्सी के दूसरे सिरे से एक थैला जुड़ा था, जिसमें एक कंघा व एक लोहे का कड़ा मिला है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह किसी तांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा मामला प्रतीत होता है। बहल पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और लोगों से पूछताछ की। मामले में पुलिस पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगी।
12 जुलाई से सिरसी गांव में मनरेगा के तहत सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी की नहर में सफाई का काम चल रहा था। शनिवार सुबह करीब दस बजे मजदूर सफाई करते हुए जब आरडी नंबर 123500 के पास पहुंचे तो उनको एक प्लास्टिक का कट्टा मिला। उन्होंने उसे बाहर निकाला तो उसमें कुछ संदिग्ध वस्तु होने का शक हुआ। उन्होंने इसकी जानकारी कैनाल गार्ड मनोज कुमार को दी। मनोज ने इसकी सूचना सरपंच राजेश को दी। सरपंच की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कट्टे की जांच की तो उसमें एक मानव खोपड़ी मिली। खोपड़ी को एक के ऊपर एक दो कट्टों में डाला हुआ था।
पुलिस पूछताछ में नहर विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि यह मामला छह माह से ज्यादा पुराना नहीं हो सकता है क्योंकि करीब छह महीने पहले नहर की इस जगह की बेड तक सफाई हो चुकी है। वहीं, पुलिस का अनुमान है कि यह किसी तांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा मामला हो सकता है। पुलिस थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि एफएसएल टीम ने भी मौके की जांच की है और खोपड़ी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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न रस्सी गली थी, न कट्टा, खोपड़ी से नहीं आ रही थी गंध
नहर में मिली खोपड़ी नहर में जमा मिट्टी में करीब एक फीट नीचे दबी हुई थी और उस पर घास उगी थी। खोपड़ी को जिस रस्सी से बांधा गया था, वह एकदम मजबूत रस्सी थी और गली नहीं थी। इसके अलावा जिन कट्टों में खोपड़ी को दबाया गया था वो भी सही सलामत थे। इस बात से अनुमान है कि मामला ज्यादा पुराना नहीं है। अगर यह ज्यादा समय पहले का होता तो रस्सी व कट्टे गली हुई अवस्था में मिलते। वहीं, खोपड़ी भी अंदर से खोखली नहीं थी। नहर विभाग के कैनाल गार्ड मनोज ने बताया कि नहर में करीब चार महीने पहले पानी आया था।
तांत्रिक प्रक्रिया होने का शक, नहीं मिले खोपड़ी के बाल
सिरसी नहर में जो खोपड़ी मिली है उसे आंख के नीचे की हड्डी के पास से रस्सी से मजबूती से बांधा गया था। इससे अनुमान है कि खोपड़ी को किसी कब्रिस्तान या अन्य जगह से लाकर इसे तांत्रिक प्रक्रिया में प्रयोग किया गया है। खोपड़ी के पास मिले कंधे व लोहे के कड़े से भी तांत्रिक प्रक्रिया की ओर इशारा करते है। इसके अलावा खोपड़ी के पास अथवा कट्टों में सिर के बाल नहीं मिले हैं, जो इस बात का संकेत है कि खोपड़ी किसी पुराने कंकाल से ली गई है। पुलिस खोपड़ी के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही इस नतीजे पर पहुंचेगी कि खोपड़ी कितनी पुरानी है तथा यह आदमी की है या औरत की।
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12 जुलाई से सिरसी गांव में मनरेगा के तहत सौरा डिस्ट्रीब्यूटरी की नहर में सफाई का काम चल रहा था। शनिवार सुबह करीब दस बजे मजदूर सफाई करते हुए जब आरडी नंबर 123500 के पास पहुंचे तो उनको एक प्लास्टिक का कट्टा मिला। उन्होंने उसे बाहर निकाला तो उसमें कुछ संदिग्ध वस्तु होने का शक हुआ। उन्होंने इसकी जानकारी कैनाल गार्ड मनोज कुमार को दी। मनोज ने इसकी सूचना सरपंच राजेश को दी। सरपंच की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कट्टे की जांच की तो उसमें एक मानव खोपड़ी मिली। खोपड़ी को एक के ऊपर एक दो कट्टों में डाला हुआ था।
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पुलिस पूछताछ में नहर विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि यह मामला छह माह से ज्यादा पुराना नहीं हो सकता है क्योंकि करीब छह महीने पहले नहर की इस जगह की बेड तक सफाई हो चुकी है। वहीं, पुलिस का अनुमान है कि यह किसी तांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा मामला हो सकता है। पुलिस थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि एफएसएल टीम ने भी मौके की जांच की है और खोपड़ी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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न रस्सी गली थी, न कट्टा, खोपड़ी से नहीं आ रही थी गंध
नहर में मिली खोपड़ी नहर में जमा मिट्टी में करीब एक फीट नीचे दबी हुई थी और उस पर घास उगी थी। खोपड़ी को जिस रस्सी से बांधा गया था, वह एकदम मजबूत रस्सी थी और गली नहीं थी। इसके अलावा जिन कट्टों में खोपड़ी को दबाया गया था वो भी सही सलामत थे। इस बात से अनुमान है कि मामला ज्यादा पुराना नहीं है। अगर यह ज्यादा समय पहले का होता तो रस्सी व कट्टे गली हुई अवस्था में मिलते। वहीं, खोपड़ी भी अंदर से खोखली नहीं थी। नहर विभाग के कैनाल गार्ड मनोज ने बताया कि नहर में करीब चार महीने पहले पानी आया था।
तांत्रिक प्रक्रिया होने का शक, नहीं मिले खोपड़ी के बाल
सिरसी नहर में जो खोपड़ी मिली है उसे आंख के नीचे की हड्डी के पास से रस्सी से मजबूती से बांधा गया था। इससे अनुमान है कि खोपड़ी को किसी कब्रिस्तान या अन्य जगह से लाकर इसे तांत्रिक प्रक्रिया में प्रयोग किया गया है। खोपड़ी के पास मिले कंधे व लोहे के कड़े से भी तांत्रिक प्रक्रिया की ओर इशारा करते है। इसके अलावा खोपड़ी के पास अथवा कट्टों में सिर के बाल नहीं मिले हैं, जो इस बात का संकेत है कि खोपड़ी किसी पुराने कंकाल से ली गई है। पुलिस खोपड़ी के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही इस नतीजे पर पहुंचेगी कि खोपड़ी कितनी पुरानी है तथा यह आदमी की है या औरत की।