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Bhiwani News: तीन अप्रैल तक कैसे बुझेगी शहरवासियों की प्यास, पानी के टैंक दे गए राशनिंग के बाद भी आपूर्ति में जवाब
Mon, 13 Mar 2023 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 13 Mar 2023 11:02 PM IST
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भिवानी। सिंचाई विभाग के नहरी शेड्यूल के हिसाब से तीन अप्रैल की शाम तक सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी आएगा। अगर पहले से ही किसी नहरी ग्रुप में एक सप्ताह के बजाय ज्यादा दिन पानी छोड़ा गया तो फिर ये इंतजार भी बढ़ जाएगा। फिलहाल शहर के तीनों जलघरों के टैंकों में 50 फीसदी पानी का भंडारण ही बचा है। ऐसे में पानी की एक दिन छोड़ एक दिन राशनिंग से 20 दिन तक काम चलाना पड़ेगा।
जलघरों को पानी देने के लिए नहरों में 16 से 27 फरवरी तक नहरी पानी दिया गया था। इसमें तीन दिन अतिरिक्त पानी भी शामिल था। इसके बाद भी जलघर के टैंकों को पूरी तरह से नहीं भरा जा सका था। ऐसे में अब पूरे शहर एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की राशनिंग झेल रहा है। लेकिन राशनिंग के बाद शहरवासियों को जो पानी दिया जा रहा है उस समय में भी कटौती हो रही है। सामान्य तौर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग रोजाना एक से सवा घंटे तक पेयजल आपूर्ति देता है। वहीं अब पानी कमी के चलते पेयजल आपूर्ति भी घटकर पौना से आधा घंटा रह गई है। इसमें भी कई कॉलोनियों में तो सप्ताह भर से ही पानी नहीं पहुंच रहा है।
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पुराने जलघर में भूमिगत ट्यूबवेलों से भरे जा रहे टैंक
ट्यूबवेलों के जरिए भी पुराने जलघर के टैंकों में पानी डाला जा रहा है। ट्यूबवेल के पानी से टैंकों में पानी का स्तर बनाए रखने की कोशिश में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी जुटे हैं, लेकिन नहरी पानी के बजाय ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई से शहरवासियों की जीभ का स्वाद भी बदल रहा है। वहीं इस पानी का नहाने में इस्तेमाल करने पर भी शरीर पर खारिश की समस्या बन रही है। हालांकि पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभाग के पास इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प भी नहीं बचा है।
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सुंदर ग्रुप की नहरों में तीन अप्रैल से पानी आने की उम्मीद है। इस बार इंडेंट भी 2250 क्यूसेक का रहेगा। अगर किसी अन्य ग्रुप में पानी की टाइमिंग बढ़ गई तो पानी आने में थोड़ी देरी भी हो सकती है। यमुना का जलस्तर भी काफी कम है।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल सिंचाई विभाग भिवानी।
हमने जलसंकट को देखते हुए शहर भर में पानी की एक दिन छोड़कर एक दिन की राशनिंग चालू कर दी है। हमारा प्रयास है कि जब तक नहरों में पानी नहीं आता तब तक शहर में मूलभूत जरूरतों के लिए पानी की आपूर्ति होती रहे। हमारी लोगों से भी अपील है कि वे पानी को बर्बाद न करें, बल्कि जरूरत के हिसाब से ही उसका इस्तेमाल करें।
- प्रमोद कुमार, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
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जलघरों को पानी देने के लिए नहरों में 16 से 27 फरवरी तक नहरी पानी दिया गया था। इसमें तीन दिन अतिरिक्त पानी भी शामिल था। इसके बाद भी जलघर के टैंकों को पूरी तरह से नहीं भरा जा सका था। ऐसे में अब पूरे शहर एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की राशनिंग झेल रहा है। लेकिन राशनिंग के बाद शहरवासियों को जो पानी दिया जा रहा है उस समय में भी कटौती हो रही है। सामान्य तौर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग रोजाना एक से सवा घंटे तक पेयजल आपूर्ति देता है। वहीं अब पानी कमी के चलते पेयजल आपूर्ति भी घटकर पौना से आधा घंटा रह गई है। इसमें भी कई कॉलोनियों में तो सप्ताह भर से ही पानी नहीं पहुंच रहा है।
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पुराने जलघर में भूमिगत ट्यूबवेलों से भरे जा रहे टैंक
ट्यूबवेलों के जरिए भी पुराने जलघर के टैंकों में पानी डाला जा रहा है। ट्यूबवेल के पानी से टैंकों में पानी का स्तर बनाए रखने की कोशिश में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी जुटे हैं, लेकिन नहरी पानी के बजाय ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई से शहरवासियों की जीभ का स्वाद भी बदल रहा है। वहीं इस पानी का नहाने में इस्तेमाल करने पर भी शरीर पर खारिश की समस्या बन रही है। हालांकि पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभाग के पास इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प भी नहीं बचा है।
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सुंदर ग्रुप की नहरों में तीन अप्रैल से पानी आने की उम्मीद है। इस बार इंडेंट भी 2250 क्यूसेक का रहेगा। अगर किसी अन्य ग्रुप में पानी की टाइमिंग बढ़ गई तो पानी आने में थोड़ी देरी भी हो सकती है। यमुना का जलस्तर भी काफी कम है।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल सिंचाई विभाग भिवानी।
हमने जलसंकट को देखते हुए शहर भर में पानी की एक दिन छोड़कर एक दिन की राशनिंग चालू कर दी है। हमारा प्रयास है कि जब तक नहरों में पानी नहीं आता तब तक शहर में मूलभूत जरूरतों के लिए पानी की आपूर्ति होती रहे। हमारी लोगों से भी अपील है कि वे पानी को बर्बाद न करें, बल्कि जरूरत के हिसाब से ही उसका इस्तेमाल करें।
- प्रमोद कुमार, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।