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Bhiwani News: स्टेडियम के दिन फिरने की जगी उम्मीद
Fri, 29 Aug 2025 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 29 Aug 2025 02:02 AM IST
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भिवानी। बदहाली का दंश झेल रहे शहर के एकमात्र खेल परिसर भीम स्टेडियम के दिन फिरने की उम्मीद जगी है। वीरवार को उपायुक्त साहिल गुप्ता ने बिजली निगम, पंचायती राज और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर भीम खेल परिसर का दौरा किया।
उन्होंने खेल सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने भीम खेल परिसर में अत्याधुनिक खेल सुविधाओं के लिए संबंधित अधिकारियों को एस्टीमेट तैयार करने व जरूरी औपचारिकताएं शुरू करने के निर्देश दिए। डीसी गुप्ता ने बॉक्सिंग हॉल, जिम्नास्टिक हॉल, हॉकी मैदान, सिंथेटिक ट्रेक का निरीक्षण किया।
जिला खेल अधिकारी सतेंद्र कुमार ने डीसी को बताया कि मुख्य मंच, बॉक्सिंग हॉल और जिम्नास्टिक हॉल का भवन भी काफी जर्जर हो व कंडम हो चुका है। इनकी जगह पर नए भवनों की जरूरत है। डीसी ने लोक निर्माण विभाग व जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि जर्जर हो चुके भवनों की जगह पर नए भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। भीम खेल परिसर में अत्याधुनिक खेल सुविधाएं होना जरूरी है ताकि खिलाड़ी सही ढंग से अभ्यास कर सकें।
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अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
स्टेडियम में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए मूलभूत सुविधाओं से लेकर अभ्यास करने के लिए मैदान तक का बुरा हाल है। अमर उजाला ने 26 अगस्त के अंक में ''खंडहर बनी दर्शक दीर्घा, खतरे की सीढ़ियों पर खेलते सपने'' शीर्षक समामचार प्रकाशित कर इस मुद्दे का प्रमुखता से उठाया था।
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स्टेडियम में ये समस्याएं बनीं
खेल परिसर में स्थित शौचालय के गेट टूटे हुए हैं। शौचालय में लगी सीट, पानी के नल बंद पड़े हैं। खेल स्टेडियम को बने हुए लंबा समय हो चुका है। लेकिन खेल परिसर में बिजली, पानी जैसी सुविधाओं से खिलाड़ी वंचित हैं। शौचालयों के हालात खराब हैं। मैदान में लगी लाइटें बंद पड़ी हैं। खेल परिसर में अभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ी पदक जीत चुके हैं लेकिन नए खिलाड़ियों को वो सभी सुविधाएं नहीं मिल रही।
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उन्होंने खेल सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने भीम खेल परिसर में अत्याधुनिक खेल सुविधाओं के लिए संबंधित अधिकारियों को एस्टीमेट तैयार करने व जरूरी औपचारिकताएं शुरू करने के निर्देश दिए। डीसी गुप्ता ने बॉक्सिंग हॉल, जिम्नास्टिक हॉल, हॉकी मैदान, सिंथेटिक ट्रेक का निरीक्षण किया।
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जिला खेल अधिकारी सतेंद्र कुमार ने डीसी को बताया कि मुख्य मंच, बॉक्सिंग हॉल और जिम्नास्टिक हॉल का भवन भी काफी जर्जर हो व कंडम हो चुका है। इनकी जगह पर नए भवनों की जरूरत है। डीसी ने लोक निर्माण विभाग व जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि जर्जर हो चुके भवनों की जगह पर नए भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। भीम खेल परिसर में अत्याधुनिक खेल सुविधाएं होना जरूरी है ताकि खिलाड़ी सही ढंग से अभ्यास कर सकें।
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अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
स्टेडियम में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए मूलभूत सुविधाओं से लेकर अभ्यास करने के लिए मैदान तक का बुरा हाल है। अमर उजाला ने 26 अगस्त के अंक में ''खंडहर बनी दर्शक दीर्घा, खतरे की सीढ़ियों पर खेलते सपने'' शीर्षक समामचार प्रकाशित कर इस मुद्दे का प्रमुखता से उठाया था।
स्टेडियम में ये समस्याएं बनीं
खेल परिसर में स्थित शौचालय के गेट टूटे हुए हैं। शौचालय में लगी सीट, पानी के नल बंद पड़े हैं। खेल स्टेडियम को बने हुए लंबा समय हो चुका है। लेकिन खेल परिसर में बिजली, पानी जैसी सुविधाओं से खिलाड़ी वंचित हैं। शौचालयों के हालात खराब हैं। मैदान में लगी लाइटें बंद पड़ी हैं। खेल परिसर में अभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ी पदक जीत चुके हैं लेकिन नए खिलाड़ियों को वो सभी सुविधाएं नहीं मिल रही।