{"_id":"6089aee28ebc3ec0be01ed86","slug":"health-department-record-room-burning-record-burnt-bhiwani-news-rtk606423833","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनस्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड रूम में लगी आग, पुराने दस्तावेज जले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनस्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड रूम में लगी आग, पुराने दस्तावेज जले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। महम रोड स्थित जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सब डिविजन नंबर तीन के रिकॉर्ड रूम में बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे अचानक आग लग गई। जिस समय आग लगी उस समय सरकारी कार्यालय बंद हो चुका था। रिकॉर्ड रूम से उठ रहा धुआं देख चौकीदार ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। जिसके बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। रिकार्ड रूम में आग लगने की जानकारी के बाद शहरी पेयजल शाखा आपूर्ति के कार्यकारी अभियंता भी मौके पर पहुंचे वहीं कनिष्ठ अभियंताओं ने भी आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मचारियों के साथ प्रयास शुरू कर दिए। काफी देर बाद देर शाम तक आग पर काबू पाया गया।
जनस्वास्थ्य विभाग के सब डिवीजन नंबर तीन में अधिकांश ग्रामीण पेयजल उपभोक्ताओं को पेयजल आपूर्ति से जुड़ा रिकार्ड स्टोर रूम के अंदर रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि ये रिकॉर्ड 1972 से लेकर काफी सालों पुरानी थी। काफी पुराना रिकॉर्ड कमरे में होने की वजह से इसे अधिकांश बंद ही रखा जाता था। लेकिन बुधवार शाम इसमें अचानक ही आग लग गई। मौके पर पहुंचे शहरी पेयजल शाखा के कार्यकारी अभियंता बलविंदर जैन ने भी हालातों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड काफी पुराना था। आग किस वजह से लगी इसकी अभी कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में पता लगाया जाएगा।
वहीं मौके पर मौजूद अन्य अधिकारियों का कहना था कि रिकॉर्ड ग्रामीण पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ा था। ये मैनुअल रिकॉर्ड अब शायद दस्तावेज के तौर पर ही रखा था। जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं का विभाग ने रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य विभाग के सब डिवीजन नंबर तीन में अधिकांश ग्रामीण पेयजल उपभोक्ताओं को पेयजल आपूर्ति से जुड़ा रिकार्ड स्टोर रूम के अंदर रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि ये रिकॉर्ड 1972 से लेकर काफी सालों पुरानी थी। काफी पुराना रिकॉर्ड कमरे में होने की वजह से इसे अधिकांश बंद ही रखा जाता था। लेकिन बुधवार शाम इसमें अचानक ही आग लग गई। मौके पर पहुंचे शहरी पेयजल शाखा के कार्यकारी अभियंता बलविंदर जैन ने भी हालातों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड काफी पुराना था। आग किस वजह से लगी इसकी अभी कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में पता लगाया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं मौके पर मौजूद अन्य अधिकारियों का कहना था कि रिकॉर्ड ग्रामीण पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ा था। ये मैनुअल रिकॉर्ड अब शायद दस्तावेज के तौर पर ही रखा था। जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं का विभाग ने रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया था।
विज्ञापन