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जमीनों के मालिक बदलने की जांच से संतुष्ट नहीं मुख्यालय, मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2022 01:12 AM IST
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Headquarters not satisfied with the investigation of changing owners of land, sought detailed report
भिवानी नगर परिषद कार्यालय। संवाद - फोटो : Bhiwani
शिव कुमार
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भिवानी। नगर परिषद की जमीन के मालिक बदलने के मामले में करोड़ों रुपये के घोटाले का अंदेशा है। नगर परिषद की ओर से जमीन के बदले गए मालिकों की खबर अमर उजाला ने 9 जनवरी 2022 के अंक में प्रकाशित की थी। खबर पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने जांच कराई और रिपोर्ट शहरी निकाय निदेशालय को भेजी। इस रिपोर्ट से मुख्यालय संतुष्ट नहीं है। इसलिए निदेशालय के निदेशक ने 24 मार्च को पत्र जारी कर उपायुक्त के माध्यम से बिंदुवार विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
उधर नगर परिषद में चल रहे करोड़ों के घोटाले में फरार आरोपी अकाउंटेंट संजय बंसल के खिलाफ अधिकारियों ने शहरी निकाय निदेशालय को रिपोर्ट भेजी है। इतना ही पुलिस की इकनॉमिक सेल ने घोटाले में गिरफ्तार आढ़ती कपिल को कोर्ट में पेश कर दो और दिन का रिमांड लिया है।
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उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में नप की जमीन के ही मालिक बदलने का मामला प्रकाश में आया था। जिन रजिस्टरों में नप का रिकॉर्ड था, वे भी गायब कर दिए गए थे। ऐसे में जमीन के नाम पर करोड़ों के घोटाले का अंदेशा था। अमर उजाला ने 9 जनवरी के अंक में इस घोटाले को प्रमुखता से उजागर किया। जिसके बाद इसकी जांच शुरू हुई। शहरी निकाय निदेशालय की मांग पर जिला प्रशासन की ओर जांच रिपोर्ट भेजी गई। मामले में अब शहरी निकाय निदेशालय ने उपायुक्त भिवानी कार्यालय में पत्र लिखकर मामले की विस्तृत रिपोर्ट बिंदुवार मांगी है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि समाचार पत्र में 'अब नप की जमीन के ही बदल डाले मालिक, करोड़ों के घोटाले का अंदेशा' शीर्षक से प्रकाशित खबर के मामले की विस्तृत रिपोर्ट दें, ताकि मामले में कार्रवाई की जा सके। अगर इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट आती है तो नप के अनेक कर्मचारी और पदाधिकारी जांच के घेरे में आ सकते हैं और उन पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। चूंकि इसमें वर्ष 1984 में हुई नप की दुकानों और प्लॉटों की नीलामी के रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ कर नप के बजाय अन्य को मालिक बना दिया गया। बड़े स्तर पर घोटाले का अंदेशा है। इस रिकॉर्ड के रजिस्टर तक गायब कर दिए गए थे।
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एडीसी की जांच में सामने आए हैं कुछ कर्मचारियों के नाम
नगर परिषद में हुए जमीन घोटालों के एक मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त राहुल नरवाल ने की है, जिसमें कुछ कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा चुकी है। सूत्र बताते है कि जांच रिपोर्ट में घोटाला सामने आया है और कर्मचारियों के नाम भी सामने आए हैं। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर भी कुछ कर्मचारी नप सकते हैं और उन पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
फरार अकाउंटेंट संजय बंसल पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी
करोड़ों के चेक ट्रांसफर मामले में फंसे आरोपी अकाउंटेंट संजय बंसल पर पुलिस के साथ ही विभागीय कार्रवाई का शिकंजा भी कसने लगा है। पिछले करीब 10-12 दिन से फरार चल रहे अकाउंटेंट संजय बंसल के खिलाफ नप अधिकारियों ने शहरी निकाय निदेशालय को लिखा है। वह अपनी ड्यूटी से भी गैरहाजिर चल रहा है। ऐसे में उन्हें सस्पेंड किया जा सकता है। वहीं फरार अकाउंटेंट की तलाश में पुलिस की इकनॉमिक सेल भी लगी है। उसके रिश्तेदारों के यहां भी उसकी तलाश की जा रही है।
दोनों आरोपियों को साथ लेकर जांच में जुटी पुलिस
नगर परिषद में हुए करोड़ों रुपये के चेक घोटाले में पुलिस की इकनॉमिक सेल की ओर से गिरफ्तार आरोपी चरखी दादरी निवासी अरुण और चिड़िपाल गली निवासी नितिन को लेकर पुलिस दिनभर जांच में जुटी है। उनसे राशि बरामद करने व रिकॉर्ड प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं मामले में गिरफ्तार फर्जी फर्म संचालक पानीपत निवासी आढ़ती कपिल को पुलिस ने दो दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया और उसे दोबारा दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उसे फर्जी फर्मों में ट्रांसफर राशि के बारे में पूछताछ करने और रुपये बरामदगी में जुटी है। (संवाद)

जांच रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों के नाम आए हैं
चेक घोटाले में अकाउंटेंट संजय बंसल फरार चल रहा है और उसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। उसकी फिलहाल गैर हाजिरी लग रही है। जमीन घोटाले की जांच करके रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा चुकी है। जिसमें कुछ कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं।
-राहुल नरवाल, अतिरिक्त उपायुक्त।
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