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Haryana: बॉन्ड राशि के चक्कर में फंसे निजी स्कूल, शिक्षा निदेशालय ने अभी तक नहीं भेजी बोर्ड में सूची
Sun, 28 Jan 2024 11:23 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 28 Jan 2024 11:23 PM IST
सार
परीक्षा के लिए आवेदन में सिर्फ तीन दिन बचे हैं। अभी तक दसवीं और बारहवीं की परीक्षा के फार्म नहीं भर पाए हैं। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के पदाधिकारी शिक्षा निदेशक से आज मुलाकात करेंगे।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
विस्तार
हरियाणा प्रदेश के अस्थायी व अनुमति प्राप्त निजी स्कूल शिक्षा विभाग के बॉन्ड राशि के चक्कर में फंस गए हैं। इसके चलते इन स्कूलों में पढ़ रहे हजारों बच्चे व उनके अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं। शिक्षा निदेशालय ने अभी तक बोर्ड में सूची नहीं भेजी है। शिक्षा बोर्ड ने जहां बोर्ड कक्षाओं के साथ-साथ गैर बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। वहीं, इन स्कूलों के परीक्षा फार्म अभी तक नहीं भरे गए हैं। हालांकि बोर्ड ने 31 जनवरी तक निर्धारित शुल्क के साथ परीक्षा फार्म भरने की मोहलत दी है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि पिछले दिनों शिक्षा मंत्री से मुलाकात के बाद इस बात पर सहमति बनी थी कि 2003 से पहले के अस्थायी स्कूलों को बिना बॉन्ड राशि भरे 31 मार्च तक मान्यता लेने की छूट रहेगी। इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं ली जाएंगी, वहीं 2003 से 2007 तक के अनुमति प्राप्त जो स्कूल बॉन्ड राशि नहीं भरेंगे, उन्हें नए शैक्षणिक सत्र से एडमिशन नहीं कर पाएंगे, लेकिन उन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की इस बार बोर्ड परीक्षा ले ली जाएंगी। इस आश्वासन के बावजूद विभाग ने बिना बाॅन्ड राशि स्कूलों की सूची बोर्ड में अभी तक नहीं भेजी है।
कुंडू ने कहा कि शिक्षा बोर्ड ने एक से 17 फरवरी तक बोर्ड परीक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षा, गैर बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा 15 फरवरी से और 27 फरवरी से बोर्ड परीक्षा लेने का शेड्यूल जारी कर दिया है, लेकिन अस्थायी स्कूलों व परमिशन प्राप्त स्कूलों की सूची बोर्ड में न पहुंचने के कारण इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के परीक्षा फार्म अभी तक नहीं भरे गए हैं।
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इससे हजारों बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बोर्ड को इन स्कूलों के बच्चों की परीक्षा लेनी ही नहीं थी तो इन स्कूलों में एडमिशन की अनुमति क्यों दी गई। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर संघ एक बार फिर सोमवार को शिक्षा विभाग के डायरेक्टर से मिलेगा और अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा।
वहीं, बोर्ड प्रशासन भी शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों की सूची न भेजने की बात कर रहा है। दूसरी ओर, शिक्षा विभाग इसके पीछे स्कूलों द्वारा बॉन्ड राशि न भरने का तर्क दे रहा है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करार दिया है।
शिक्षा निदेशालय से अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की सूची नहीं भेजी गई है। सूची आने के बाद ही इन विद्यालयों में दाखिल बच्चों की बोर्ड परीक्षा दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। -डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
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संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि पिछले दिनों शिक्षा मंत्री से मुलाकात के बाद इस बात पर सहमति बनी थी कि 2003 से पहले के अस्थायी स्कूलों को बिना बॉन्ड राशि भरे 31 मार्च तक मान्यता लेने की छूट रहेगी। इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं ली जाएंगी, वहीं 2003 से 2007 तक के अनुमति प्राप्त जो स्कूल बॉन्ड राशि नहीं भरेंगे, उन्हें नए शैक्षणिक सत्र से एडमिशन नहीं कर पाएंगे, लेकिन उन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की इस बार बोर्ड परीक्षा ले ली जाएंगी। इस आश्वासन के बावजूद विभाग ने बिना बाॅन्ड राशि स्कूलों की सूची बोर्ड में अभी तक नहीं भेजी है।
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कुंडू ने कहा कि शिक्षा बोर्ड ने एक से 17 फरवरी तक बोर्ड परीक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षा, गैर बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा 15 फरवरी से और 27 फरवरी से बोर्ड परीक्षा लेने का शेड्यूल जारी कर दिया है, लेकिन अस्थायी स्कूलों व परमिशन प्राप्त स्कूलों की सूची बोर्ड में न पहुंचने के कारण इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के परीक्षा फार्म अभी तक नहीं भरे गए हैं।
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इससे हजारों बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बोर्ड को इन स्कूलों के बच्चों की परीक्षा लेनी ही नहीं थी तो इन स्कूलों में एडमिशन की अनुमति क्यों दी गई। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर संघ एक बार फिर सोमवार को शिक्षा विभाग के डायरेक्टर से मिलेगा और अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा।
वहीं, बोर्ड प्रशासन भी शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों की सूची न भेजने की बात कर रहा है। दूसरी ओर, शिक्षा विभाग इसके पीछे स्कूलों द्वारा बॉन्ड राशि न भरने का तर्क दे रहा है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करार दिया है।
शिक्षा निदेशालय से अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की सूची नहीं भेजी गई है। सूची आने के बाद ही इन विद्यालयों में दाखिल बच्चों की बोर्ड परीक्षा दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। -डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड