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Bhiwani News: लचर व्यवस्था के आगे दिव्यांग लाचार
Wed, 15 Mar 2023 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:35 PM IST
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नागरिक अस्पताल में शिविर के दौरान फर्श पर बैठे दिव्यांग व उनके तीमारदार।
भिवानी। नागरिक अस्पताल में हर बुधवार को दिव्यांगजन शिविर का आयोजन किया जाता है। इसमें चिकित्सकों का बोर्ड दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं, जिसमें रिपोर्ट के आधार पर उनके प्रमाण पत्र जारी करते हैं। बुधवार को लगाए जांच शिविर में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था ही दिव्यांग नजर आई।
मरीजों को बैठने के लिए न तो कुर्सियां थीं और न ही गर्मी से बचाव के लिए कोई पंखे की सुविधा। ऐसे में मरीज उमस की वजह से दिव्यांगजन व उनके तीमारदारों की सांसें फूल गई। अपना नंबर आने तक वे घंटों फर्श पर बैठे रहे और जिसके बाद अधिकतर के तो प्रमाणपत्र बन भी नहीं पाए। बुधवार को 300 से अधिक दिव्यांगजन अपने परिजनों के साथ अस्पताल में पहुंचे थे। जिनमें से कोई चौथी तो कोई पांचवीं बार आया था।
दरअसल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर शिविर में हर सप्ताह लगाए जा रहे हैं लेकिन अव्यवस्था के फेर में उलझने की वजह से शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल तक पहुंचने के लिए कोई 40 किलोमीटर तो कोई 50 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंच रहा है। ऐसे में अस्पताल में बेहतर व्यवस्था न होने के कारण उन्हें सिर्फ निराशा ही मिल रही है। अस्पताल में दिव्यांगजनों के लिए न कोई व्हीलचेयर की व्यवस्था थी और न ही स्टेचर था। ऐसे में जो लोग चलने में असमर्थ थे उन्हें उनके परिजन गोद में उठाकर लेकर आ रहे थे। इसके अलावा दिव्यांगजन ओपीडी के पास पंखे की कोई व्यवस्था नहीं थी। इन दिनों तापमान काफी गर्म रहता है और हर किसी का पसीने से बुरा हाल हो जाता है। ऐसे में वहां पर न तो पंखे की व्यवस्था थी और न ही हवा आने की के लिए खिड़की। ऐसे में हर कोई उमस का शिकार बना हुआ था।
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चिकित्सक नहीं होने से पीजीआई की लगा रहे दौड़
अस्पताल में आए दिव्यांगजन कुलदीप, आशीष, दिनेश ने कहा कि वे तीन से चार बार चक्कर काट चुके हैं मगर कभी दस्तावेज तो कभी चिकित्सक न होने की वजह से उनके प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में उनकी जेब से अनावश्यक किराया लग रहा है और सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा। अस्पताल में ईएनटी का विशेषज्ञ भी नहीं है। ऐसे में जिनके कान, नाक या गले में दिक्कत है तो उन्हें पीजीआईएमएस रोहतक रेफर कर दिया जाता है। जहां उन्हें जांच करवाने के लिए घंटों भटकना पड़ता है।
अस्पताल में हर सप्ताह दिव्यांगजन जांच शिविर लगाया जा रहा है। अस्पताल में आपातकालीन विभाग, ओपीडी के लिए अलग से व्हीलचेयर दी गई है। जांच कक्ष के नजदीक भी बैठने के लिए कुर्सियों रखवाई गई है। जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है, जिसके बाद वहां पर पंखे और अधिक कुर्सियों की व्यवस्था करवा दी जाएगी।
- डॉ. एडविन, प्रधान, चिकित्सा अधिकारी।
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मरीजों को बैठने के लिए न तो कुर्सियां थीं और न ही गर्मी से बचाव के लिए कोई पंखे की सुविधा। ऐसे में मरीज उमस की वजह से दिव्यांगजन व उनके तीमारदारों की सांसें फूल गई। अपना नंबर आने तक वे घंटों फर्श पर बैठे रहे और जिसके बाद अधिकतर के तो प्रमाणपत्र बन भी नहीं पाए। बुधवार को 300 से अधिक दिव्यांगजन अपने परिजनों के साथ अस्पताल में पहुंचे थे। जिनमें से कोई चौथी तो कोई पांचवीं बार आया था।
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दरअसल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर शिविर में हर सप्ताह लगाए जा रहे हैं लेकिन अव्यवस्था के फेर में उलझने की वजह से शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल तक पहुंचने के लिए कोई 40 किलोमीटर तो कोई 50 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंच रहा है। ऐसे में अस्पताल में बेहतर व्यवस्था न होने के कारण उन्हें सिर्फ निराशा ही मिल रही है। अस्पताल में दिव्यांगजनों के लिए न कोई व्हीलचेयर की व्यवस्था थी और न ही स्टेचर था। ऐसे में जो लोग चलने में असमर्थ थे उन्हें उनके परिजन गोद में उठाकर लेकर आ रहे थे। इसके अलावा दिव्यांगजन ओपीडी के पास पंखे की कोई व्यवस्था नहीं थी। इन दिनों तापमान काफी गर्म रहता है और हर किसी का पसीने से बुरा हाल हो जाता है। ऐसे में वहां पर न तो पंखे की व्यवस्था थी और न ही हवा आने की के लिए खिड़की। ऐसे में हर कोई उमस का शिकार बना हुआ था।
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चिकित्सक नहीं होने से पीजीआई की लगा रहे दौड़
अस्पताल में आए दिव्यांगजन कुलदीप, आशीष, दिनेश ने कहा कि वे तीन से चार बार चक्कर काट चुके हैं मगर कभी दस्तावेज तो कभी चिकित्सक न होने की वजह से उनके प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में उनकी जेब से अनावश्यक किराया लग रहा है और सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा। अस्पताल में ईएनटी का विशेषज्ञ भी नहीं है। ऐसे में जिनके कान, नाक या गले में दिक्कत है तो उन्हें पीजीआईएमएस रोहतक रेफर कर दिया जाता है। जहां उन्हें जांच करवाने के लिए घंटों भटकना पड़ता है।
अस्पताल में हर सप्ताह दिव्यांगजन जांच शिविर लगाया जा रहा है। अस्पताल में आपातकालीन विभाग, ओपीडी के लिए अलग से व्हीलचेयर दी गई है। जांच कक्ष के नजदीक भी बैठने के लिए कुर्सियों रखवाई गई है। जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है, जिसके बाद वहां पर पंखे और अधिक कुर्सियों की व्यवस्था करवा दी जाएगी।
- डॉ. एडविन, प्रधान, चिकित्सा अधिकारी।