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Haryana: पटवारियों की कमी से गिरदावरी का काम हो रहा प्रभावति, 10.88 लाख एकड़ लंबित, आज अंतिम तिथि
Thu, 25 Sep 2025 01:35 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी भिवानी
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 25 Sep 2025 01:35 PM IST
सार
हरियाणा में पटवारियों की कमी से गिरदावरी का काम प्रभावित हो रहा है। गिरदावरी के लिए राज्य में 10.88 लाख एकड़ जमीन अभी लंबित है। । इस संदर्भ में दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने 10 अक्तूबर तक तिथि बढ़ाने की मांग की है।
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खेतों में गिरदावरी करते पटवारियों के साथ किसान।
- फोटो : संवाद
विस्तार
प्रदेशभर में पटवारियों की कमी के कारण जलभराव के कारण खराब हुई खरीफ फसलों की गिरदावरी के लिए 10.88 लाख एकड़ क्षेत्र अभी भी लंबित है। सरकार ने प्रत्येक पटवारी को पांच गांव दिए हैं और गिरदावरी की अंतिम तिथि 25 सितंबर निर्धारित की है। गिरदावरी की तिथि आगे नहीं बढ़ी तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस संदर्भ में दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने 10 अक्तूबर तक तिथि बढ़ाने की मांग की है।
खरीफ फसलों की गिरदावरी के लिए सरकार ने पटवारियों को फील्ड कीला नंबर पर जाकर कार्य करने की जिम्मेदारी दी है। कीला की गिरदावरी करने के बाद उसका फोटो पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक है। प्रदेशभर के 6397 गांवों में 1500 स्थायी पटवारी हैं जबकि 2600 ट्रेनी पटवारियों की ड्यूटी तातिमा अपडेट के लिए लगी है। इस वजह से स्थायी पटवारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में ज्यादा समय लग रहा है।
24 सितंबर तक कुल पंजीकृत 31,12,725 एकड़ में से केवल 20,23,760.229 एकड़ की ही गिरदावरी हो पाई है। केवल एक दिन में 10,88,965.521 एकड़ की गिरदावरी असंभव है। प्रदेशभर में सबसे कम लंबित क्षेत्र यमुनानगर जिले का 14.532 एकड़ है जबकि सबसे ज्यादा सिरसा जिले का 1,90,821.839 एकड़ है। भिवानी जिले में 1,26,599.838 एकड़ क्षेत्र पटवारियों के पास गिरदावरी के लिए बचा है।
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खरीफ फसलों की गिरदावरी के लिए सरकार ने पटवारियों को फील्ड कीला नंबर पर जाकर कार्य करने की जिम्मेदारी दी है। कीला की गिरदावरी करने के बाद उसका फोटो पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक है। प्रदेशभर के 6397 गांवों में 1500 स्थायी पटवारी हैं जबकि 2600 ट्रेनी पटवारियों की ड्यूटी तातिमा अपडेट के लिए लगी है। इस वजह से स्थायी पटवारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में ज्यादा समय लग रहा है।
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24 सितंबर तक कुल पंजीकृत 31,12,725 एकड़ में से केवल 20,23,760.229 एकड़ की ही गिरदावरी हो पाई है। केवल एक दिन में 10,88,965.521 एकड़ की गिरदावरी असंभव है। प्रदेशभर में सबसे कम लंबित क्षेत्र यमुनानगर जिले का 14.532 एकड़ है जबकि सबसे ज्यादा सिरसा जिले का 1,90,821.839 एकड़ है। भिवानी जिले में 1,26,599.838 एकड़ क्षेत्र पटवारियों के पास गिरदावरी के लिए बचा है।
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तातिमा के लिए ट्रेनी पटवारियों की ड्यूटी
सरकार द्वारा गिरदावरी के लिए केवल स्थायी पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ट्रेनी पटवारियों की ड्यूटी तातिमा अपडेट करने के लिए लगाई गई है। भिवानी जिले में 288 स्थायी पटवारियों के पद स्वीकृत हैं जिनमें केवल 96 स्थायी हैं। इसके अलावा 90 ट्रेनी पटवारियों की ड्यूटी तातिमा के लिए लगी हुई है।
हरियाणा के लगभग 6397 गांवों में 1500 पटवारी कार्यरत हैं। 2600 ट्रेनी पटवारियों की ड्यूटी तातिमा अपडेट कार्य के लिए लगाई गई है। इससे गिरदावरी कार्य प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रशिक्षु पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड सर्विस पीरियड में गिना जाएगा प्रशिक्षण के दौरान पूरा वेतन मिलेगा और ट्रेनिंग अवधि 18 महीने से घटाकर 1 साल की जाएगी। एसोसिएशन द्वारा 10 अक्तूबर तक गिरदावरी तिथि बढ़ाने की मांग की गई है। - विकास राठी, राज्य उपप्रधान, दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन
गिरदावरी के लिए सरकार द्वारा 25 सितंबर तक तिथि निर्धारित की गई है लेकिन यह बाध्यकारी नहीं है। किसानों का पंजीकृत क्षेत्र पूरी तरह से गिरदावरी पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। किसी भी किसान को आर्थिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। - जयबीर, तहसीलदार, भिवानी
सरकार द्वारा गिरदावरी के लिए केवल स्थायी पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ट्रेनी पटवारियों की ड्यूटी तातिमा अपडेट करने के लिए लगाई गई है। भिवानी जिले में 288 स्थायी पटवारियों के पद स्वीकृत हैं जिनमें केवल 96 स्थायी हैं। इसके अलावा 90 ट्रेनी पटवारियों की ड्यूटी तातिमा के लिए लगी हुई है।
हरियाणा के लगभग 6397 गांवों में 1500 पटवारी कार्यरत हैं। 2600 ट्रेनी पटवारियों की ड्यूटी तातिमा अपडेट कार्य के लिए लगाई गई है। इससे गिरदावरी कार्य प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रशिक्षु पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड सर्विस पीरियड में गिना जाएगा प्रशिक्षण के दौरान पूरा वेतन मिलेगा और ट्रेनिंग अवधि 18 महीने से घटाकर 1 साल की जाएगी। एसोसिएशन द्वारा 10 अक्तूबर तक गिरदावरी तिथि बढ़ाने की मांग की गई है। - विकास राठी, राज्य उपप्रधान, दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन
गिरदावरी के लिए सरकार द्वारा 25 सितंबर तक तिथि निर्धारित की गई है लेकिन यह बाध्यकारी नहीं है। किसानों का पंजीकृत क्षेत्र पूरी तरह से गिरदावरी पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। किसी भी किसान को आर्थिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। - जयबीर, तहसीलदार, भिवानी