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ओएलएक्स पर गाड़ी बिक्री का झांसा देकर एडवोकेट को लगाया 29150 रुपये का चूना
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ओएलएक्स पर गाड़ी बिक्री की ऐड डालकर एक अधिवक्ता को 29150 रुपये का चूना लगा दिया। मामले की शिकायत सिविल लाइन पुलिस थाने में दी गई। जिस पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।
पुलिस को दी शिकायत में मदनपाल एडवोकेट ने बताया कि उसने ओएलएक्स पर आल्टो कार बिक्री के लिए देखी थी। जिस पर मनी प्रॉब्लम लिखा हुआ था। गत 24 फरवरी को उसने दर्शाये गए मोबाइल नंबर पर बात की तो सामने से बोलने वाले ने खुद को आर्मी में जयपुर एयरपोर्ट पर कार्यरत बताया। उसने पैसों की मजबूरी बताते हुए गाड़ी बिक्री की बात कही। उसने बताया कि उसकी मिलेट्री की ड्यूटी सख्त है। इसलिए वह गाड़ी देने नहीं आ सकता। मिलेट्री की ट्रांसपोर्ट से गाड़ी भेज देगा। इस पर उसने फोन पर ही मदनपाल के आधार कार्ड, पैन कार्ड व एक फोटो व्हट्सअप पर मंगवा लिया। इसके बाद उसने 7150 रुपये पेटीएम कराने के लिए बोला। इस पर ये रकम भी भेज दी। इसके बाद 25 फरवरी की दोपहर को फोन आया कि गाड़ी हरियाणा बार्डर पर पहुंच गई। पेटीएम के जरिए 22 हजार रुपये जमा कराने के लिए बोला। ये रकम गाड़ी की कीमत में काटने के लिए भी कहा गया। इस पर मदनपाल ने पेटीएम से पैसे भेज दिए। इसके बाद आरोपी का फोन आया कि उसे 21999 रुपये भेजने थे। आर्मी के नियम सख्त हैं। फिर से 21999 रुपये जमा कराने होंगे। इस पर मदनपाल को शक हुआ और उसने पड़ताल की तो गाड़ी जमालपुर निवासी एक व्यक्ति की मिली। जिसने फर्जी तौर पर उसे बेचने के नाम पर ठगी की बात उजागर की। इसके बाद जब फोन पर आरोपी से पैसे वापसी की मांग की तो पैसे नहीं लौटाए। मदनपाल ने बताया कि उसे 29150 रुपये की राशि ठगी की है। इस पर मामले की इकोनॉमिक सेल से प्रारंभिक जांच कराई गई। जिसके बाद सिविल लाइन पुलिस थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ।
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पुलिस को दी शिकायत में मदनपाल एडवोकेट ने बताया कि उसने ओएलएक्स पर आल्टो कार बिक्री के लिए देखी थी। जिस पर मनी प्रॉब्लम लिखा हुआ था। गत 24 फरवरी को उसने दर्शाये गए मोबाइल नंबर पर बात की तो सामने से बोलने वाले ने खुद को आर्मी में जयपुर एयरपोर्ट पर कार्यरत बताया। उसने पैसों की मजबूरी बताते हुए गाड़ी बिक्री की बात कही। उसने बताया कि उसकी मिलेट्री की ड्यूटी सख्त है। इसलिए वह गाड़ी देने नहीं आ सकता। मिलेट्री की ट्रांसपोर्ट से गाड़ी भेज देगा। इस पर उसने फोन पर ही मदनपाल के आधार कार्ड, पैन कार्ड व एक फोटो व्हट्सअप पर मंगवा लिया। इसके बाद उसने 7150 रुपये पेटीएम कराने के लिए बोला। इस पर ये रकम भी भेज दी। इसके बाद 25 फरवरी की दोपहर को फोन आया कि गाड़ी हरियाणा बार्डर पर पहुंच गई। पेटीएम के जरिए 22 हजार रुपये जमा कराने के लिए बोला। ये रकम गाड़ी की कीमत में काटने के लिए भी कहा गया। इस पर मदनपाल ने पेटीएम से पैसे भेज दिए। इसके बाद आरोपी का फोन आया कि उसे 21999 रुपये भेजने थे। आर्मी के नियम सख्त हैं। फिर से 21999 रुपये जमा कराने होंगे। इस पर मदनपाल को शक हुआ और उसने पड़ताल की तो गाड़ी जमालपुर निवासी एक व्यक्ति की मिली। जिसने फर्जी तौर पर उसे बेचने के नाम पर ठगी की बात उजागर की। इसके बाद जब फोन पर आरोपी से पैसे वापसी की मांग की तो पैसे नहीं लौटाए। मदनपाल ने बताया कि उसे 29150 रुपये की राशि ठगी की है। इस पर मामले की इकोनॉमिक सेल से प्रारंभिक जांच कराई गई। जिसके बाद सिविल लाइन पुलिस थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ।
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