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Bhiwani News: ट्रेनिंग पर गए चार चिकित्सक, कनिष्ठ चिकित्सकों के हवाले नागरिक अस्पताल की ओपीडी
Sat, 03 Feb 2024 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 03 Feb 2024 12:33 AM IST
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भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक पिछले दो दिनों से प्रशिक्षण पर गए हैं, ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का भार कनिष्ठ चिकित्सकों के कंधों पर आ गया है। ओपीडी के चार विशेषज्ञ चिकित्सक प्रशिक्षण लेने गए हैं, ऐसे में उनके कक्ष में मरीजों का चेकअप बीएमएस चिकित्सक ही कर रहे हैं। हालांकि कुछ वरिष्ठ चिकित्सक भी ओपीडी में मरीजों का चेकअप कर रहे हैं। बारिश के बाद मौसमी बीमारियों का संक्रमण भी बढ़ा है। बुखार, खांसी जुकाम से पीड़ित मरीज भी आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को फिजिशियन, एमडी मेडिसन, हड्डी रोग विशेष के अलावा चार चिकित्सक नहीं थे। इसमें एक चिकित्सक छुट्टी पर भी गया हुआ है। हालांकि ओपीडी में सुबह से ही जबरदस्त भीड़ जुटी। दोपहर तीन बजे तक करीब 1250 मरीज पहुंचे। इनमें से कई मरीज जो अपना पुराना इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों से करा रहे है, उन्हें निराश ही वापस लौटना पड़ा।
वहीं मरीजों का कहना था कि अस्पताल में कौन चिकित्सक कब छुट्टी चला जाए या प्रशिक्षण व कोर्ट में गवाही के लिए चला जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। वे जब भी आते हैं तो कोई न कोई कारण बताकर चिकित्सक ओपीडी में नहीं मिलते। ऐसे में मरीजों को भी घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं कई बाद मरीज वापस भी लौट जाते हैं। मरीज को आपातकालीन विभाग में भी दवाइयां नहीं मिलती, क्योंकि पुराना इलाज ले रहे मरीजों को सिर्फ उसी चिकित्सक के परामर्श के बाद ही दवाइयां मिलती हैं। बिना चिकित्सकीय परामर्श के काउंटर पर मरीज को दवाइयां भी नहीं दी जा रही हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को फिजिशियन, एमडी मेडिसन, हड्डी रोग विशेष के अलावा चार चिकित्सक नहीं थे। इसमें एक चिकित्सक छुट्टी पर भी गया हुआ है। हालांकि ओपीडी में सुबह से ही जबरदस्त भीड़ जुटी। दोपहर तीन बजे तक करीब 1250 मरीज पहुंचे। इनमें से कई मरीज जो अपना पुराना इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों से करा रहे है, उन्हें निराश ही वापस लौटना पड़ा।
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वहीं मरीजों का कहना था कि अस्पताल में कौन चिकित्सक कब छुट्टी चला जाए या प्रशिक्षण व कोर्ट में गवाही के लिए चला जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। वे जब भी आते हैं तो कोई न कोई कारण बताकर चिकित्सक ओपीडी में नहीं मिलते। ऐसे में मरीजों को भी घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं कई बाद मरीज वापस भी लौट जाते हैं। मरीज को आपातकालीन विभाग में भी दवाइयां नहीं मिलती, क्योंकि पुराना इलाज ले रहे मरीजों को सिर्फ उसी चिकित्सक के परामर्श के बाद ही दवाइयां मिलती हैं। बिना चिकित्सकीय परामर्श के काउंटर पर मरीज को दवाइयां भी नहीं दी जा रही हैं।
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