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Bhiwani News: धुंध का आगाज, फिर भी सड़कों पर नहीं सुरक्षा के मानक पूरे
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धुंध का आगाज.....। गांव हालुवास के खेतों में बुधवार सुबह मौसम में छाई धूंध।
भिवानी। धुंध का आगाज हो चुका हैं, मगर अभी तक मुख्य सड़कों पर सुरक्षा के मानक पूरे नहीं हैं। हाईवे अथॉरिटी, स्टेट हाईवे के साथ पीडब्ल्यूडी और कृषि विपणन बोर्ड की सड़कों पर सफर सुरक्षित नहीं है। क्योंकि अधिकांश सड़कों पर दिशा सूचक व संकेतक तक नहीं हैं। भिवानी जिले में 25 से अधिक दुर्घटना संभावित बिंदु हैं, जहां हर साल अत्यधिक सड़क हादसे होते हैं। वहां पर भी हादसों के बाद कोई एहतियात नहीं बढ़ाई है।
जिला यातायात पुलिस फिलहाल ट्रैफिक जागरूकता में लगी है, मगर जल्द ही अब रिफ्लेक्टर और सड़क सुरक्षा को लेकर भी मुहिम चलाएगी। जिला प्रशासन ने भी सभी सड़क यातायात से संबंधित विभागों के अधिकारियों की आवश्यक बैठक तलब की है। इसमें अधूरे मानकों को पूरा किए जाने संबंधी दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
धुंध के मौसम में सड़क हादसों की आशंका सबसे अधिक गहरा जाती है। धुंध को न तो स्ट्रीट लाइट चीर पाती हैं न ही बड़े वाहनों की हैडलाइट। ऐसे में दृश्यता भी महज कुछ कदम ही रह जाती है। हाईवे पर हवा-सी रफ्तार से वाहन दौड़ते हैं, मगर धुंध में उन्हें आगे का कुछ दिखाई नहीं देता। हर साल वाहनों के टकराने से औसतन 250 से अधिक लोग अपनी जान भी गंवा रहे हैं। भिवानी जिला के काफी ऐसे मोड़ और तंग रास्ते हैं, जहां पर हादसा होने का अंदेशा हमेशा बना रहता है। इन पर सड़क सुरक्षा के मानकों को पूरा करना बेहद जरूरी है।
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ये हैं दुर्घटना संभावित बिंदु
शहर में तिगड़ाना मोड़, तोशाम बाईपास मंदिर मोड़, प्रेमनगर मोड़, जाटुलुहारी मोड़, देवसर मोड़, कुसुंभी मोड़, लोहानी नहर के पास मोड़, ढाणी शंकर मोड़, हालुवास के पास बाईपास मोड़, गुजरानी मोड़, चांग पेट्रोल पंप मोड़ शामिल हैं। इसके अलावा भी ग्रामीण क्षेत्र में कई ऐसे दुर्घटना संभावित बिंदु हैं, जहां औसतन ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इन जगहों पर चेतावनी बोर्ड, संकेतक और रात के समय सफर करने वालों के लिए रिफ्लेक्टर जरूरी हैं। तोशाम बाईपास पर भी एक माह में दो बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। यहां नहर के साथ कोई संकेतक नहीं लगे हैं न ही सफेद पट्टी। ऐसे में धुंध में सफर करना काफी खतरनाक हो रहा है।
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एक्यूआई सुधारा धुंध गहराई
बुधवार सुबह वातावरण में धुंध छाई रही। दिन के समय भी तापमान में गिरावट आई। बुधवार को अधिकतम मापमान 25.5 बना रहा वहीं न्यूनतम तापमान 11.5 दर्ज किया गया। बारिश के बाद सुबह धुंध छाने लगी है। हालांकि जैसे-जैसे रात के तापमान में गिरावट आएगी खेतों में पाला जमना शुरू हो जाएगा। फिलहाल सुबह की धुंध छाने से वाहनों के आवागमन और ट्रेनों के संचालन पर भी इसका असर देखा जा रहा है।
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हाईवे अथॉरिटी ने अपने सभी संभावित बिंदुओं पर संकेतक, दिशा सूचक और चेतावनी बोर्ड लगाए हुए हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन के साथ भी सभी सड़क यातायात से जुड़े विभागों की संयुक्त बैठक प्रस्तावित है। इसमें सभी विभागों को अपने-अपने सड़क मार्गों पर धुंध से पहले सड़क यातायात सुरक्षा से जुड़े सभी मानक पूरे किए जाने संबंधी दिशा निर्देश दिए जाने हैं।
-राहुल चहल कार्यकारी अभियंता नेशनल हाईवे अथॉरिटी रोहतक मंडल।
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जिला यातायात पुलिस फिलहाल ट्रैफिक जागरूकता में लगी है, मगर जल्द ही अब रिफ्लेक्टर और सड़क सुरक्षा को लेकर भी मुहिम चलाएगी। जिला प्रशासन ने भी सभी सड़क यातायात से संबंधित विभागों के अधिकारियों की आवश्यक बैठक तलब की है। इसमें अधूरे मानकों को पूरा किए जाने संबंधी दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
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धुंध के मौसम में सड़क हादसों की आशंका सबसे अधिक गहरा जाती है। धुंध को न तो स्ट्रीट लाइट चीर पाती हैं न ही बड़े वाहनों की हैडलाइट। ऐसे में दृश्यता भी महज कुछ कदम ही रह जाती है। हाईवे पर हवा-सी रफ्तार से वाहन दौड़ते हैं, मगर धुंध में उन्हें आगे का कुछ दिखाई नहीं देता। हर साल वाहनों के टकराने से औसतन 250 से अधिक लोग अपनी जान भी गंवा रहे हैं। भिवानी जिला के काफी ऐसे मोड़ और तंग रास्ते हैं, जहां पर हादसा होने का अंदेशा हमेशा बना रहता है। इन पर सड़क सुरक्षा के मानकों को पूरा करना बेहद जरूरी है।
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ये हैं दुर्घटना संभावित बिंदु
शहर में तिगड़ाना मोड़, तोशाम बाईपास मंदिर मोड़, प्रेमनगर मोड़, जाटुलुहारी मोड़, देवसर मोड़, कुसुंभी मोड़, लोहानी नहर के पास मोड़, ढाणी शंकर मोड़, हालुवास के पास बाईपास मोड़, गुजरानी मोड़, चांग पेट्रोल पंप मोड़ शामिल हैं। इसके अलावा भी ग्रामीण क्षेत्र में कई ऐसे दुर्घटना संभावित बिंदु हैं, जहां औसतन ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इन जगहों पर चेतावनी बोर्ड, संकेतक और रात के समय सफर करने वालों के लिए रिफ्लेक्टर जरूरी हैं। तोशाम बाईपास पर भी एक माह में दो बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। यहां नहर के साथ कोई संकेतक नहीं लगे हैं न ही सफेद पट्टी। ऐसे में धुंध में सफर करना काफी खतरनाक हो रहा है।
एक्यूआई सुधारा धुंध गहराई
बुधवार सुबह वातावरण में धुंध छाई रही। दिन के समय भी तापमान में गिरावट आई। बुधवार को अधिकतम मापमान 25.5 बना रहा वहीं न्यूनतम तापमान 11.5 दर्ज किया गया। बारिश के बाद सुबह धुंध छाने लगी है। हालांकि जैसे-जैसे रात के तापमान में गिरावट आएगी खेतों में पाला जमना शुरू हो जाएगा। फिलहाल सुबह की धुंध छाने से वाहनों के आवागमन और ट्रेनों के संचालन पर भी इसका असर देखा जा रहा है।
हाईवे अथॉरिटी ने अपने सभी संभावित बिंदुओं पर संकेतक, दिशा सूचक और चेतावनी बोर्ड लगाए हुए हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन के साथ भी सभी सड़क यातायात से जुड़े विभागों की संयुक्त बैठक प्रस्तावित है। इसमें सभी विभागों को अपने-अपने सड़क मार्गों पर धुंध से पहले सड़क यातायात सुरक्षा से जुड़े सभी मानक पूरे किए जाने संबंधी दिशा निर्देश दिए जाने हैं।
-राहुल चहल कार्यकारी अभियंता नेशनल हाईवे अथॉरिटी रोहतक मंडल।